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मंदिर में शादी, गांव पहुंचते ही फरार दुल्हन; मथुरा में 1.15 लाख की ठगी, 3 गिरफ्तार l
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोप है कि नगला जय सिंह गांव के चंद्रभान के बेटे की शादी कराने के नाम पर रिश्तेदार सुंदर ने 1.15 लाख रुपये लिए। इसके बाद अलीगढ़ के एक मंदिर में युवती से शादी कराई गई। दुल्हन को गांव लाने के कुछ समय बाद वह अपने कथित साथियों सुंदर और इरफान के साथ फरार हो गई। सुरीर पुलिस ने कथित दुल्हन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 45,010 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
Kashish Rai31 अग. 2026, 05:03 PM IST

मथुरा के सुरीर कोतवाली क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने कथित लुटेरी दुल्हन गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने एक युवक की शादी कराने के नाम पर उसके परिवार से 1 लाख 15 हजार रुपये लिए और मंदिर में शादी कराने के बाद दुल्हन को उसके घर भेज दिया। गांव पहुंचने के कुछ समय बाद दुल्हन अपने साथियों के साथ फरार हो गई। मामला नगला जय सिंह गांव का है। पुलिस के अनुसार, चंद्रभान के बेटे की शादी नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान उसके रिश्तेदार सुंदर ने शादी कराने का भरोसा दिया। सुंदर ने परिवार से शादी कराने के नाम पर 1 लाख 15 हजार रुपये लिए। शिकायत के मुताबिक, इसमें 99 हजार रुपये ऑनलाइन UPI के जरिए और 16 हजार रुपये नकद लिए गए थे।
पैसे लेने के बाद सुंदर चंद्रभान के बेटे को अलीगढ़ के पनेठी देवी मंदिर लेकर गया। वहां एक युवती के साथ उसकी शादी कराई गई। शादी की रस्मों के दौरान कुछ लोग युवती के रिश्तेदार बनकर मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र भाटी को युवती का चाचा और दिनेश भाटी को उसका भाई बताया गया था, ताकि शादी पूरी तरह पारिवारिक और वास्तविक लगे। मंदिर में शादी की रस्में पूरी होने के बाद युवक दुल्हन को लेकर अपने गांव लौट आया। परिवार में शादी की खुशी का माहौल था, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। आरोप है कि गांव पहुंचने के कुछ समय बाद ही दुल्हन सुंदर और इरफान के साथ वहां से चली गई। जब परिवार को पूरे मामले पर शक हुआ, तो उन्होंने दुल्हन और उसके साथियों की तलाश शुरू की।
दुल्हन के अचानक गायब होने के बाद चंद्रभान ने सुरीर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि शादी कराने के नाम पर उससे रकम ली गई थी और शादी के बाद दुल्हन अपने साथियों के साथ फरार हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक लेन-देन, मोबाइल नंबर और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। पुलिस को पता चला कि आरोपी शादी कराने के बाद रकम लेकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने खायरा चौकी क्षेत्र में खायरा कोठी के पास दबिश दी और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुंदर, इरफान और युवती काजल उर्फ रुबीना के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, काजल वही युवती है, जिससे युवक की मंदिर में शादी कराई गई थी। तीनों आरोपियों के पास से कुल 45,010 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ठगी की रकम में से बाकी पैसा कहां गया और गिरोह में शामिल अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस को शक है कि इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। शादी में युवती के रिश्तेदार बनकर शामिल हुए लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने पहले भी इसी तरह शादी के नाम पर किसी अन्य परिवार को ठगा है। मांट के क्षेत्राधिकारी अमरनाथ यादव ने बताया कि सुरीर थाना क्षेत्र में शादी कराने के नाम पर ठगी की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर जांच करते हुए पुलिस ने कथित दुल्हन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि आरोपी युवती की पहचान कैसे कराते थे, शादी के लिए परिवारों से संपर्क कौन करता था और मंदिर में शादी की व्यवस्था कौन कराता था। इसके अलावा, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले संपर्कों और चैट की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि शादी के नाम पर रकम लेने और शादी के तुरंत बाद दुल्हन के फरार होने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि शादी के लिए किसी अनजान बिचौलिए या रिश्तेदार पर भरोसा करने से पहले लड़की और उसके परिवार की पूरी जानकारी का सत्यापन करें। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और फरार या संदिग्ध अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पैसे लेने के बाद सुंदर चंद्रभान के बेटे को अलीगढ़ के पनेठी देवी मंदिर लेकर गया। वहां एक युवती के साथ उसकी शादी कराई गई। शादी की रस्मों के दौरान कुछ लोग युवती के रिश्तेदार बनकर मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र भाटी को युवती का चाचा और दिनेश भाटी को उसका भाई बताया गया था, ताकि शादी पूरी तरह पारिवारिक और वास्तविक लगे। मंदिर में शादी की रस्में पूरी होने के बाद युवक दुल्हन को लेकर अपने गांव लौट आया। परिवार में शादी की खुशी का माहौल था, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। आरोप है कि गांव पहुंचने के कुछ समय बाद ही दुल्हन सुंदर और इरफान के साथ वहां से चली गई। जब परिवार को पूरे मामले पर शक हुआ, तो उन्होंने दुल्हन और उसके साथियों की तलाश शुरू की।
दुल्हन के अचानक गायब होने के बाद चंद्रभान ने सुरीर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि शादी कराने के नाम पर उससे रकम ली गई थी और शादी के बाद दुल्हन अपने साथियों के साथ फरार हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक लेन-देन, मोबाइल नंबर और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। पुलिस को पता चला कि आरोपी शादी कराने के बाद रकम लेकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने खायरा चौकी क्षेत्र में खायरा कोठी के पास दबिश दी और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुंदर, इरफान और युवती काजल उर्फ रुबीना के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, काजल वही युवती है, जिससे युवक की मंदिर में शादी कराई गई थी। तीनों आरोपियों के पास से कुल 45,010 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ठगी की रकम में से बाकी पैसा कहां गया और गिरोह में शामिल अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस को शक है कि इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। शादी में युवती के रिश्तेदार बनकर शामिल हुए लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने पहले भी इसी तरह शादी के नाम पर किसी अन्य परिवार को ठगा है। मांट के क्षेत्राधिकारी अमरनाथ यादव ने बताया कि सुरीर थाना क्षेत्र में शादी कराने के नाम पर ठगी की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर जांच करते हुए पुलिस ने कथित दुल्हन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि आरोपी युवती की पहचान कैसे कराते थे, शादी के लिए परिवारों से संपर्क कौन करता था और मंदिर में शादी की व्यवस्था कौन कराता था। इसके अलावा, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले संपर्कों और चैट की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि शादी के नाम पर रकम लेने और शादी के तुरंत बाद दुल्हन के फरार होने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि शादी के लिए किसी अनजान बिचौलिए या रिश्तेदार पर भरोसा करने से पहले लड़की और उसके परिवार की पूरी जानकारी का सत्यापन करें। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और फरार या संदिग्ध अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
