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नागौर में प्रेमी की हत्या का आरोप, प्रेमिका और भाई 12 घंटे में गिरफ्तार l
राजस्थान के नागौर जिले के जानेवा पश्चिम गांव में खेत की ढाणी से 45 वर्षीय शेराराम का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने 12 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मृतक की कथित प्रेमिका मोनिका और उसके भाई श्रवणराम को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध, रंजिश और आपसी विवाद की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शेराराम के साथ मारपीट की और उसके पैर बांध दिए थे, जिससे गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

राजस्थान के नागौर जिले में रक्षाबंधन के आसपास एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। सुरपालिया थाना क्षेत्र के जानेवा पश्चिम गांव में खेत की ढाणी से 45 वर्षीय शेराराम का शव मिलने के बाद पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का 12 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मोनिका और उसके भाई श्रवणराम को गिरफ्तार किया है। मोनिका जानेवा पश्चिम की रहने वाली है, जबकि उसका भाई श्रवणराम रोहिणी गांव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, शेराराम और मोनिका के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध थे। इसी संबंध को लेकर मोनिका के भाई श्रवणराम को आपत्ति थी। मामला उस समय सामने आया, जब 29 अगस्त को जानेवा पश्चिम स्थित खेत की ढाणी से तेज बदबू आने लगी। बदबू के कारण ग्रामीणों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सुरपालिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो ढाणी के एक कमरे में शेराराम का शव पड़ा मिला। शव पर चोटों के निशान थे, जिसके बाद पुलिस ने प्रथमदृष्टया हत्या की आशंका जताई और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फॉरेंसिक टीम को बुलाया। मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। जांच अधिकारियों ने मृतक के निजी संपर्कों, मोबाइल रिकॉर्ड और हालिया गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई। पुलिस को पता चला कि शेराराम पिछले कई वर्षों से अपनी खेत की ढाणी में अकेला रह रहा था। पुलिस के अनुसार, शेराराम की पत्नी करीब छह साल से अपने बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। शेराराम खेत की ढाणी में अकेला रहता था। इसी दौरान उसकी मोनिका से नजदीकी बढ़ी। जांच के दौरान पुलिस को मोनिका और शेराराम के बीच संपर्क की जानकारी मिली, जिसके बाद मोनिका से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि घटना से पहले मोनिका शेराराम की ढाणी में पहुंची थी। कुछ देर बाद उसका भाई श्रवणराम भी वहां आ गया। पुलिस के अनुसार, श्रवणराम ने दोनों को साथ देख लिया, जिसके बाद वह नाराज हो गया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और शेराराम के साथ मारपीट शुरू हो गई। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने शेराराम के पैर रस्सी से बांध दिए थे। इसके बाद उसके साथ लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट की गई। पुलिस का आरोप है कि गंभीर चोटों के कारण शेराराम की मौत हो गई। वारदात के बाद शव ढाणी के कमरे में ही पड़ा रहा और अगले दिन बदबू फैलने पर ग्रामीणों को घटना का पता चला।
शेराराम के भाई मनोज ने सुरपालिया थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और जायल क्षेत्राधिकारी संजीव चौहान के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। थानाधिकारी विनोद कुमार मीना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, फील्ड इंटेलिजेंस और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने पूछताछ और जांच के बाद मोनिका और श्रवणराम को हिरासत में लिया। पूछताछ के आधार पर दोनों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी शव मिलने के करीब 12 घंटे के भीतर की गई। अब उनसे घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों और हत्या के बाद की गतिविधियों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस प्रारंभिक तौर पर हत्या के पीछे प्रेम संबंध और रंजिश को वजह मान रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या मोनिका और श्रवणराम ने ही पूरी वारदात को अंजाम दिया। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह और चोटों की प्रकृति की पुष्टि की जाएगी। पुलिस घटनास्थल से बरामद वस्तुओं और आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों ने वारदात से पहले या बाद में किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क किया था। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
