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क्रिकेट में वापसी के बाद अनाया बांगड़ का बड़ा सपना, बोलीं- भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना है l

पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी और ट्रांस महिला क्रिकेटर अनाया बांगड़ ने क्रिकेट में वापसी के बाद अपने सबसे बड़े सपने का खुलासा किया है। अनाया का लक्ष्य एक दिन भारत के लिए महिला वर्ल्ड कप जीतना और देश को बड़ी ट्रॉफियां दिलाना है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट खेलने की मंजूरी दी है, जबकि मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता संबंधित नीति की शर्तों पर निर्भर करेगी। यह मंजूरी किसी टीम में सीधे चयन की गारंटी नहीं है, लेकिन इससे अनाया के लिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है।

Kashish Rai31 अग. 2026, 06:32 PM IST
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क्रिकेट में वापसी के बाद अनाया बांगड़ का बड़ा सपना, बोलीं- भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना है l
क्रिकेट में दोबारा वापसी का रास्ता मिलने के बाद अनाया बांगड़ ने अपने सबसे बड़े सपने का खुलासा किया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगड़ की बेटी अनाया अब केवल क्लब क्रिकेट में वापसी नहीं करना चाहतीं, बल्कि उनका लक्ष्य एक दिन भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनना और देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना है। इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में अनाया ने कहा कि वह भारत के लिए कुछ जीतना चाहती हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI से ऐसी नीतियां बनाने की अपील की, जो महिला क्रिकेट में समावेशी होने के साथ-साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक भी हों। अनाया के मुताबिक, उनका सपना किसी एक टूर्नामेंट या लीग तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारत के लिए बड़ी ट्रॉफियां जीतना चाहती हैं। अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली है। प्रीमियर क्रिकेट को कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए वह वहां तत्काल खेल सकती हैं। मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट में खेलने की उनकी पात्रता क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नीति में तय शर्तों पर निर्भर करेगी।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी का अर्थ यह नहीं है कि अनाया को किसी टीम में सीधे जगह मिल गई है। उन्हें पहले ऑस्ट्रेलिया में क्लब और प्रीमियर क्रिकेट खेलकर अपनी फिटनेस, लय और प्रदर्शन साबित करना होगा। इसके बाद प्रदर्शन और पात्रता मानकों के आधार पर उनके लिए विमेंस बिग बैश लीग यानी WBBL का रास्ता खुल सकता है। अनाया भी इस बात को समझती हैं कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का फैसला उनके लिए केवल शुरुआत है। उन्होंने इसे अपने करियर का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत बताया है। उनका पहला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलकर मैदान पर वापसी करना और धीरे-धीरे उच्च स्तर की क्रिकेट के लिए खुद को तैयार करना है। अनाया ने बताया कि क्रिकेट में वापसी तक पहुंचने का उनका सफर बेहद मुश्किल रहा। उन्हें सार्वजनिक आलोचना के साथ-साथ निजी और पारिवारिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ लोगों से मदद मिली, लेकिन पूरे सफर में उन्हें यह महसूस नहीं हुआ कि उनका परिवार पूरी तरह उनके साथ खड़ा है।

अपने संघर्ष के सबसे कठिन दौर का जिक्र करते हुए अनाया ने बताया कि ब्रिटेन में एक समय उन्हें करीब पांच महीने तक ड्रेसिंग रूम में रहकर गुजारा करना पड़ा। उस समय उनका मुख्य उद्देश्य किसी तरह खुद को संभालना और अपने जीवन को आगे बढ़ाना था। उन्होंने मुश्किल हालात में भी अपने लक्ष्य को छोड़ा नहीं। अनाया ने सोशल मीडिया के जरिए भी आर्थिक और भावनात्मक मदद जुटाई। उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ी ब्रांड डील्स ने उन्हें कुछ मेडिकल प्रक्रियाओं का खर्च उठाने में सहायता दी। उन्होंने कहा कि इस दौर में अकेलेपन ने उन्हें खुद को समझने, अपनी पहचान स्वीकार करने और मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद की। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनाया के मामले की समीक्षा के बाद उन्हें महिलाओं के कम्युनिटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति दी।

रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने क्रिकेट में वापसी के लिए जरूरी मेडिकल रिकॉर्ड और परीक्षण से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नीति के तहत प्रीमियर क्रिकेट में खेलने की तत्काल अनुमति दी गई है, जबकि एलीट क्रिकेट में भागीदारी आगे की पात्रता शर्तों पर निर्भर रहेगी। अनाया का भारत में महिला क्रिकेट खेलने का रास्ता अभी स्पष्ट नहीं है। BCCI की मौजूदा नीतियों में ट्रांस महिला खिलाड़ियों के लिए स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए उन्होंने बोर्ड से भविष्य में स्पष्ट, समावेशी और सम्मानजनक नीति बनाने की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि महिला खेलों में खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए। अब अनाया की नजर ऑस्ट्रेलिया में प्रीमियर क्रिकेट खेलने और अपनी पहचान बनाने पर है। अगर वह वहां अच्छा प्रदर्शन करती हैं, तो WBBL जैसी बड़ी प्रतियोगिता में अवसर हासिल कर सकती हैं। इसके बाद भारतीय महिला टीम के लिए खेलने का उनका सपना उनकी पात्रता, प्रदर्शन और भारतीय क्रिकेट की नीतियों पर निर्भर करेगा। अनाया ने कहा कि उन्हें क्रिकेट में वापसी का रास्ता जरूर मिला है, लेकिन टीम में जगह उन्हें अपने प्रदर्शन से बनानी होगी। उनका अगला लक्ष्य फिटनेस सुधारना, लगातार मैच खेलना और उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होना है। वह अपने सफर को उम्मीद और मेहनत के साथ आगे बढ़ाना चाहती हैं।