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1901 के बाद भारत का सबसे गर्म अगस्त, 125 साल का रिकॉर्ड टूटा
भारत में अगस्त का महीना आमतौर पर बारिश, बादलों और ठंडक के लिए जाना जाता है। लेकिन अगस्त 2026 ने मौसम के इस सामान्य पैटर्न को ही बदल दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगस्त 2026 देश में 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त रहा।
Kalpana Gautam01 सित. 2026, 02:06 PM IST

1901 के बाद भारत का सबसे गर्म अगस्त, 125 साल का रिकॉर्ड टूटा, बारिश कम, तापमान ज्यादा… और सितंबर में भी राहत के आसार कम
नई दिल्ली। भारत में अगस्त का महीना आमतौर पर बारिश, बादलों और ठंडक के लिए जाना जाता है। लेकिन अगस्त 2026 ने मौसम के इस सामान्य पैटर्न को ही बदल दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगस्त 2026 देश में 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त रहा।
पूरे देश का अगस्त महीने का औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सामान्य औसत तापमान 27.34 डिग्री सेल्सियस है। यानी इस बार अगस्त का औसत तापमान सामान्य से करीब 0.67 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। लेकिन इस रिकॉर्ड की सबसे चिंताजनक बात सिर्फ दिन का तापमान नहीं है। अगस्त में औसत न्यूनतम तापमान भी 1901 के बाद सबसे ज्यादा रहा। इस बार यह 24.36 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि सामान्य न्यूनतम तापमान 23.68 डिग्री सेल्सियस है। यानी रातें भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहीं।
दिन गर्म तो रातों में भी राहत नहीं
गर्मी का असर तब ज्यादा महसूस होता है जब रात के तापमान में भी गिरावट न आए। अगस्त 2026 में यही स्थिति देखने को मिली। दिन में बढ़ा तापमान और रात में कम राहत का मतलब है कि शरीर को खुद को ठंडा करने के लिए कम समय मिलता है। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, खुले में काम करने वाले मजदूरों और बिना पर्याप्त ventilation वाले घरों में रहने वाले लोगों के लिए लगातार गर्म रातें परेशानी बढ़ा सकती हैं।
बारिश कम हुई, लेकिन हर जगह एक जैसी नहीं
रिकॉर्ड गर्मी के साथ अगस्त में बारिश भी सामान्य से कम रही। IMD के अनुसार, अगस्त में देशभर में 213.3 मिलीमीटर बारिश हुई। यह 2001 के बाद अगस्त महीने की सातवीं सबसे कम बारिश है। दिलचस्प बात यह है कि अगस्त के दौरान देश में चार कम दबाव वाले सिस्टम बने और वे कुल मिलाकर करीब 26 दिनों तक सक्रिय रहे। इसके बावजूद इन सिस्टम से हुई बारिश का फायदा पूरे देश को समान रूप से नहीं मिला। बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से भारत-गंगा के मैदानी इलाकों तक सीमित रहीं, जबकि कई दूसरे हिस्सों में बारिश की कमी बनी रही। यही वजह है कि कई इलाकों में एक तरफ भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति दिखाई दी, तो दूसरी तरफ बारिश की कमी से खेत और जलस्रोत परेशान रहे।
मानसून पर भी दबाव
1 जून से 31 अगस्त तक के मानसून सीजन में देशभर में कुल बारिश सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम रही। इसका सीधा असर सिर्फ मौसम पर नहीं पड़ता। कम और असमान बारिश का असर खेती, जलाशयों, भूजल, ग्रामीण रोजगार और आने वाले रबी सीजन की तैयारियों पर पड़ सकता है। खासकर वे इलाके ज्यादा चिंता में हैं जहां अगस्त की बारिश ने पहले से मौजूद बारिश की कमी को पूरा नहीं किया।
इसके पीछे अल नीनो भी एक वजह
IMD ने अगस्त में कम बारिश के प्रमुख कारणों में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मध्यम से मजबूत अल नीनो परिस्थितियों को भी बताया है। IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान मृत्युंजय महापात्रा के मुताबिक, मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और आने वाले महीनों में ये परिस्थितियां और मजबूत हो सकती हैं।
अल नीनो भारत के मानसून को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण जलवायु कारक है। हालांकि किसी एक महीने के मौसम को केवल अल नीनो के कारण बताना सही नहीं होगा—स्थानीय मौसम प्रणालियां और समुद्री-वायुमंडलीय परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अब सितंबर की बारी… और यहां भी अच्छी खबर नहीं
अगर अगस्त का रिकॉर्ड तापमान चिंता पैदा करता है, तो सितंबर का IMD पूर्वानुमान इस चिंता को और बढ़ाता है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर 2026 में देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। सितंबर की लंबी अवधि की औसत बारिश (LPA) 167.9 मिलीमीटर है और इस बार बारिश इसके 91 प्रतिशत से भी कम रहने का अनुमान है। सिर्फ बारिश ही नहीं—सितंबर में देश का औसत अधिकतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है। यानी मानसून के आखिरी महीने में भी देश के कई हिस्सों में कम बारिश और ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
असली सवाल: क्या बदल रहा है भारत का मौसम?
अगस्त 2026 का रिकॉर्ड अपने आप में महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे सिर्फ एक महीने की गर्मी के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। एक तरफ देश ने 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त देखा। दूसरी तरफ बारिश सामान्य से कम रही। रात का तापमान भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। और अब सितंबर में भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।
इन आंकड़ों से एक बड़ा सवाल सामने आता है—
क्या भारत में मौसम अब सिर्फ गर्म नहीं हो रहा, बल्कि ज्यादा अनिश्चित भी होता जा रहा है? इसका जवाब किसी एक महीने के आंकड़े से नहीं दिया जा सकता। लेकिन लगातार बदलते तापमान, बारिश के असमान वितरण और गर्म रातों के आंकड़ों को नजरअंदाज करना भी मुश्किल है। आने वाले हफ्तों में सबसे ज्यादा नजर जलाशयों, भूजल, खरीफ फसलों और रबी की बुवाई पर रहेगी।
क्योंकि अगस्त का रिकॉर्ड सिर्फ तापमान का रिकॉर्ड नहीं है—यह भारत के बदलते मौसम की एक और गंभीर चेतावनी जरूर है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), 31 अगस्त 2026 के मौसम एवं सितंबर पूर्वानुमान संबंधी आंकड़े।
