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राहुल गांधी पर SC/ST Act के तहत FIR, खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने लिया नया मोड़

खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ से शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी की FIR तक पहुंच गया है। जिस कथित ‘शुद्धिकरण’ को राहुल गांधी ने दलितों के अपमान और अस्पृश्यता से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी, उसी मुद्दे पर अगले ही दिन उत्तराखंड पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया। BNS के साथ SC/ST Act की धाराएं लगने के बाद हल्द्वानी का यह विवाद अब सियासी बयानबाजी से निकलकर सीधे कानूनी लड़ाई में बदल गया है।

Sonali01 सित. 2026, 05:07 PM IST
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राहुल गांधी पर SC/ST Act के तहत FIR, खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने लिया नया मोड़

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सार्वजनिक सभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई थी। राहुल गांधी ने इस घटना को दलितों के प्रति कथित भेदभाव और ‘अस्पृश्यता’ से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर अब कानूनी विवाद में बदल गया है।

खड़गे की सभा के बाद क्या हुआ?

मामला हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सार्वजनिक सभा के बाद हुए कथित धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, सभा के बाद कुछ लोगों ने मैदान में सफाई के साथ कथित ‘शुद्धिकरण हवन’ किया। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खड़गे की सभा के बाद ऐसा करना दलित नेता के प्रति जातिगत भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। हालांकि, दूसरी ओर कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे सामान्य सफाई और धार्मिक अनुष्ठान बताया। उनका कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय का अपमान करना नहीं था।

राहुल गांधी ने की FIR की मांग

इस घटना को लेकर राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से कड़ा विरोध जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मामले में कार्रवाई की मांग की और कहा कि यदि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद इस तरह का ‘शुद्धिकरण’ किया जाता है तो यह गंभीर सामाजिक मुद्दा है। राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद विवाद और तेज हो गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे संविधान और सामाजिक समानता के खिलाफ बताया, जबकि विरोधी पक्ष ने राहुल गांधी पर घटना को जातिगत रंग देने का आरोप लगाया।

एक दिन बाद राहुल गांधी पर ही दर्ज हुआ केस

राहुल गांधी के बयान के अगले दिन हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को गलत तरीके से जातिगत और अस्पृश्यता के मुद्दे से जोड़ा तथा अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणी की। पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के साथ SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धारा 3(1)(q) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस करेगी आरोपों की जांच

FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस राहुल गांधी के बयान, कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम और शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल FIR में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध किया जाना बाकी है।

कांग्रेस ने जताया विरोध

FIR के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने केवल एक कथित भेदभावपूर्ण घटना पर सवाल उठाया और कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस का आरोप है कि मूल घटना पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी गई। वहीं, शिकायतकर्ताओं और बीजेपी समर्थित पक्ष का कहना है कि राहुल गांधी ने घटना को अनावश्यक रूप से जातिगत रंग दिया। इस तरह हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव के साथ-साथ कानूनी जांच का विषय भी बन गया है।