law-order
फेसबुक अकाउंट पर रोक के खिलाफ MP आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी की याचिका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के फेसबुक अकाउंट पर लगी रोक अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गई है। बिना नोटिस अकाउंट प्रतिबंधित किए जाने के आरोप पर कोर्ट ने Meta समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

नई दिल्ली:
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के फेसबुक अकाउंट पर लगी रोक का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। सांसद ने आरोप लगाया है कि उनके फेसबुक पेज की पहुंच पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई, लेकिन उन्हें इस कार्रवाई की कोई जानकारी या नोटिस नहीं दिया गया। मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 सितंबर 2026 को नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने की। कोर्ट ने प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी। केस का शीर्षक Aga Syed Ruhullah Mehdi v. Union of India & Ors. है और यह W.P.(C)-12653/2026 के रूप में दर्ज है
।
क्या है पूरा मामला?
सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कहा कि मेहदी लोकसभा सांसद हैं और उनके फेसबुक पेज तक पहुंच पूरी तरह रोक दी गई है।
वकील ने दावा किया कि अकाउंट पर कार्रवाई से पहले सांसद को कोई नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि फेसबुक पेज पर ऐसी कौन-सी सामग्री थी, जिसके आधार पर अकाउंट को प्रतिबंधित किया गया।
Meta ने अदालत में क्या कहा?
Meta Platforms की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि संबंधित फेसबुक पेज को एक लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी की ओर से भेजे गए नोटिस के आधार पर हटाया गया है। Meta ने उस नोटिस को अदालत के सामने पेश करने के लिए कुछ समय मांगा। सांसद के वकील ने इस दलील पर कहा कि उन्हें ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की शिकायत निवारण प्रक्रिया का भी हवाला दिया।
24 घंटे में जवाब का मुद्दा
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सांसद ने Meta के ग्रिवांस रिड्रेसल ऑफिसर के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, नियमों के तहत शिकायत पर 24 घंटे में जवाब दिया जाना था, लेकिन Meta की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। वकील ने यह भी कहा कि किसी ने सांसद को यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके पेज पर कौन-सा कथित आपत्तिजनक कंटेंट मौजूद था।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी किया और प्रतिवादियों से जवाब मांगा। फिलहाल कोर्ट ने अकाउंट को बहाल करने या प्रतिबंध हटाने का कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।
पहले भी विवाद में रहा है अकाउंट
आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर इससे पहले भी विवाद सामने आया था। मार्च 2026 में उनके फेसबुक पेज के निलंबन की खबर सामने आई थी। उस समय जम्मू-कश्मीर में सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सामग्री को लेकर पुलिस कार्रवाई की खबरें भी आई थीं।
