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महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2.06 करोड़ नाम बाहर, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के बाद जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। राज्य की पिछली मतदाता सूची में शामिल 2 करोड़ 6 लाख 88 हजार 487 मतदाता इस बार की ड्राफ्ट सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।
Kalpana Gautam01 सित. 2026, 05:11 PM IST

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के बाद जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। राज्य की पिछली मतदाता सूची में शामिल 2 करोड़ 6 लाख 88 हजार 487 मतदाता इस बार की ड्राफ्ट सूची में जगह नहीं बना पाए हैं। लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है—इन 2.06 करोड़ मतदाताओं के नाम अंतिम रूप से वोटर लिस्ट से डिलीट नहीं हुए हैं। यह अभी ड्राफ्ट सूची है और प्रभावित मतदाताओं को अपने नाम को शामिल कराने या आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है।
आखिर कितने मतदाता ड्राफ्ट लिस्ट में हैं?
- SIR शुरू होने से पहले महाराष्ट्र की मतदाता सूची में कुल 9,78,54,049 मतदाता दर्ज थे।
- 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट इलेक्ट्रोल रोल में इनमें से 7,71,65,562 मतदाताओं को शामिल किया गया है। यानी करीब 78.86 फीसदी पुराने मतदाता ड्राफ्ट सूची में मौजूद हैं।
- वहीं 2,06,88,487 मतदाता, यानी करीब 21.14 फीसदी, फिलहाल ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं।
- ड्राफ्ट सूची में करीब 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं।
2.06 करोड़ नाम क्यों नहीं आए?
चुनाव अधिकारियों के अनुसार इन मतदाताओं के Enumeration Forms यानी गणना प्रपत्र उपलब्ध नहीं हो सके। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण बताए गए हैं।
इनमें प्रमुख हैं
- मतदाता अपने पते पर नहीं मिले या अनुपस्थित थे
- मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए
- मतदाता की मृत्यु हो चुकी थी
- नाम किसी दूसरी जगह दर्ज था या duplicate entry पाई गई
- कुछ अन्य कारण, जिनमें Enumeration Form जमा नहीं करना भी शामिल है।
पहले जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक करीब 76.80 लाख मतदाता अनुपस्थित या अपने पते पर नहीं मिले, जबकि करीब 75.52 लाख मतदाताओं को दूसरे स्थान पर permanently shifted बताया गया था।bइसके अलावा करीब 34.81 लाख मतदाताओं को मृत, लगभग 17.63 लाख को duplicate/दूसरी जगह enrolled और करीब 2.23 लाख को अन्य श्रेणी में रखा गया था।
सबसे बड़ा सवाल—क्या 2 करोड़ लोग सच में गायब हैं? - यही इस पूरी कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नहीं। केवल ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि 2.06 करोड़ लोग गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं।
Election Commission ने स्पष्ट किया है कि यह संख्या final deletion figure नहीं है। Draft Roll के बाद claims और objections की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यानी अगर कोई व्यक्ति पात्र मतदाता है लेकिन उसका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो वह अपनी नागरिकता और पात्रता से जुड़े निर्धारित दस्तावेजों के साथ नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
नाम गायब है तो क्या करें?
चुनाव आयोग ने 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक claims और objections की अवधि रखी है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, तो वह Form 6 के जरिए नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। नाम या अन्य विवरण में गलती है तो correction की प्रक्रिया उपलब्ध है। चुनाव आयोग की महाराष्ट्र CEO वेबसाइट पर SIR-2026 के लिए Draft Electoral Roll, ASDD list और name-search facility भी उपलब्ध कराई गई है।
इसलिए मतदाताओं के लिए अभी सबसे जरूरी काम है—अपना नाम जांचना और जरूरत पड़ने पर समय सीमा के भीतर दावा दाखिल करना।
महाराष्ट्र में किन जिलों पर सबसे ज्यादा असर?
उपलब्ध आंकड़ों में पुणे में सबसे ज्यादा uncollectable enumeration forms, करीब 28.6 लाख, बताए गए हैं। इसके बाद ठाणे करीब 28.5 लाख, मुंबई उपनगर करीब 26.5 लाख, नागपुर करीब 14.43 लाख, नासिक करीब 10.27 लाख और मुंबई शहर करीब 9.5 लाख के आंकड़े के साथ सामने आते हैं। खास तौर पर ठाणे और मुंबई उपनगर जैसे बड़े और तेजी से बदलती आबादी वाले इलाकों में migration का मुद्दा महत्वपूर्ण हो सकता है।
मुंबई में इतनी बड़ी गिरावट क्यों?
मुंबई में ड्राफ्ट सूची में मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक मुंबई में करीब 36 लाख मतदाताओं की कमी दिखाई देती है। हालांकि इसका पूरा मतलब यह नहीं है कि 36 लाख वास्तविक मतदाता हमेशा के लिए सूची से बाहर हो गए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार duplicate entries और दूसरी जगह दर्ज मतदाताओं के मामले में भी आंकड़ों में अंतर आया है। यही कारण है कि ड्राफ्ट सूची के आंकड़े को अंतिम मतदाता संख्या मानना जल्दबाजी होगी।
अब आगे क्या होगा?
अब असली परीक्षा शुरू होती है।
31 अगस्त से 30 सितंबर तक मतदाता अपने नाम को लेकर claims और objections दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद चुनाव अधिकारी इन दावों और आपत्तियों की जांच करेंगे। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने का कार्यक्रम है।
इसलिए इस समय सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि— “2.06 करोड़ मतदाता डिलीट क्यों कर दिए गए?”
बल्कि सवाल यह है—
“इन 2.06 करोड़ entries में से कितने वास्तव में मृत, स्थानांतरित या duplicate हैं और कितने पात्र मतदाता प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए?” इसका जवाब claims और objections की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ज्यादा स्पष्ट होगा।
जनता के लिए सबसे जरूरी संदेश
अगर आप महाराष्ट्र के मतदाता हैं, तो सिर्फ यह मानकर न बैठें कि पिछले चुनाव में आपका नाम था इसलिए इस बार भी जरूर होगा। अपना नाम Draft Electoral Roll में जरूर जांचें। अगर नाम नहीं है और आप पात्र मतदाता हैं, तो 30 सितंबर 2026 से पहले दावा दाखिल करें।
क्योंकि लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार सिर्फ मतदान के दिन नहीं, बल्कि मतदाता सूची में अपना नाम सही तरीके से दर्ज होने से शुरू होता है।
