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नेपाल बाढ़ पर मौन के बाद बिना तामझाम शुरू हुई बहराइच-नेपालगंज रेल सेवा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बहराइच दौरे के दौरान नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दुख जताया। नेपाल त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सीएम योगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड के गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया गया। नेपाल में आई त्रासदी के कारण कार्यक्रम सादगी से आयोजित किया गया और ट्रेन को बिना सजावट तथा औपचारिक हरी झंडी दिखाए रवाना किया गया।

Kashish Rai01 सित. 2026, 05:12 PM IST
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नेपाल बाढ़ पर मौन के बाद बिना तामझाम शुरू हुई बहराइच-नेपालगंज रेल सेवा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच दौरे के दौरान नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर शोक जताया और आपदा में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम से जुड़े। नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि के सम्मान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और अन्य उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखा। नेपाल त्रासदी को देखते हुए बहराइच में आयोजित रेल कार्यक्रम को बेहद सादगी से संपन्न किया गया। ट्रेन को फूलों से नहीं सजाया गया और न ही सामान्य कार्यक्रमों की तरह औपचारिक हरी झंडी दिखाई गई। इसके बाद बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड पर रेल सेवा शुरू की गई।

56 किलोमीटर रेलखंड का उद्घाटन

योगी आदित्यनाथ और अश्विनी वैष्णव ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड के गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। करीब 56.15 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड को ब्रॉडगेज में बदला गया है और इसका विद्युतीकरण भी पूरा किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 730 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस रेलखंड के अपग्रेड होने से बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशनों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यह रेल मार्ग भारत-नेपाल सीमा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए परिवहन सुविधा को मजबूत करेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस रेलखंड के ब्रॉडगेज और विद्युतीकरण के बाद यह देश के बड़े रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।

चार रेल सेवाओं का विस्तार

नेपालगंज रोड तक चार ट्रेन सेवाओं के विस्तार को मंजूरी दी गई है। इनमें शामिल हैं:

  • वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस को नेपालगंज रोड तक बढ़ाया गया है।

  • वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस को भी नेपालगंज रोड तक चलाया जाएगा।

  • गोंडा-बहराइच के बीच चलने वाली दो ट्रेन सेवाओं का विस्तार नेपालगंज रोड तक किया गया है।

रेल सेवाओं के विस्तार से वाराणसी, गोरखपुर, गोंडा, बहराइच और नेपाल सीमा के बीच आवागमन आसान होगा। इस कनेक्टिविटी का लाभ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को भी मिल सकता है।

बहराइच-नेपाल कनेक्टिविटी पर योगी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहराइच और नेपालगंज रोड के बीच बेहतर रेल संपर्क क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, उतरौला, बलरामपुर और बहराइच को जोड़ने वाली रेल कनेक्टिविटी का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि बहराइच से खलीलाबाद के लिए भी नई रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा है। उनके मुताबिक, गोरखपुर से सिद्धार्थनगर, बलरामपुर होते हुए बहराइच और फिर नेपालगंज रोड तक रेल संपर्क बढ़ना क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह रेल कनेक्टिविटी केवल यात्रा की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी बेहतर बना सकती है।

महाराजा सुहेलदेव को लेकर बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में महाराजा सुहेलदेव के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने करीब एक हजार वर्ष पहले बहराइच की धरती पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद का मुकाबला किया था। योगी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कई दशकों तक महाराजा सुहेलदेव के योगदान को उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं के नाम पर आयोजन किए जाते थे, जबकि महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा को भुला दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक तैयार हो चुका है। उनके मुताबिक, यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को महाराजा सुहेलदेव के योगदान और भारत की ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने का काम करेगा।

नेपाल की त्रासदी पर जताई संवेदना

योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में आई बाढ़ को लेकर कहा कि यह केवल नेपाल की त्रासदी नहीं है, बल्कि भारत और दुनिया के कई हिस्सों के लोगों ने भी इस प्राकृतिक आपदा का दर्द महसूस किया है। उन्होंने नेपाल के प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सहयोग की भावना जताई। कार्यक्रम की शुरुआत ही नेपाल बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के साथ की गई। इसी वजह से रेल सेवा के उद्घाटन समारोह में सामान्य उत्सव और औपचारिक कार्यक्रमों से बचा गया। रेल मंत्रालय ने भी कार्यक्रम को सादगी के साथ आयोजित करने का फैसला किया। बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड का उद्घाटन सीमावर्ती क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रॉडगेज और विद्युतीकरण के बाद इस मार्ग पर यात्री और एक्सप्रेस सेवाओं का संचालन बढ़ेगा, जिससे बहराइच और नेपाल सीमा के बीच संपर्क और मजबूत होगा।