general

रीवा के निजी अस्पताल में लिफ्ट गिरी, मरीज की मौत; परिजनों का हंगामा l

मध्य प्रदेश के रीवा स्थित नेशनल हॉस्पिटल में लिफ्ट हादसे में 50 वर्षीय मरीज सुरेश सेन की मौत हो गई। वह पेड़ से गिरकर घायल होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि उन्हें स्ट्रेचर के साथ ऊपरी मंजिल पर ले जाते समय लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई और उनकी गर्दन लिफ्ट में फंस गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। बाद में अस्पताल प्रबंधन की ओर से 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई, जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवार को 2 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है।

Kashish Rai01 सित. 2026, 05:51 PM IST
खबर शेयर करें:
रीवा के निजी अस्पताल में लिफ्ट गिरी, मरीज की मौत; परिजनों का हंगामा l

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक निजी अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से मरीज की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। हादसा रीवा के समान इलाके में स्थित नेशनल हॉस्पिटल में 30 अगस्त की रात हुआ। मृतक की पहचान मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी 50 वर्षीय सुरेश सेन के रूप में हुई है। सुरेश सेन पेड़ से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन बेहतर इलाज के लिए उन्हें रीवा के नेशनल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। रात करीब 8 बजे उन्हें अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर ले जाने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई और मरीज की गर्दन उसके हिस्से में फंस गई। गंभीर चोट लगने के कारण सुरेश सेन की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हादसे में लिफ्ट के अंदर मौजूद अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं।


लिफ्ट में फंस गई गर्दन

परिजनों के मुताबिक, सुरेश सेन को स्ट्रेचर के साथ लिफ्ट से ऊपरी मंजिल पर ले जाया जा रहा था। अचानक लिफ्ट नीचे की ओर खिसक गई। इस दौरान उनका शरीर लिफ्ट में फंस गया और गर्दन पर गंभीर चोट आई। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि लिफ्ट में तकनीकी खराबी आई थी और मरीज की गर्दन उसके हिस्से में फंस गई। घटना के बाद सुरेश सेन को बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। परिवार का आरोप है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हुई। हालांकि, इस संबंध में पुलिस और प्रशासन की जांच अभी जारी है। हादसे का सटीक घटनाक्रम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


पहले भी खराब हुई थी लिफ्ट?

मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि हादसे वाले दिन ही अस्पताल की लिफ्ट खराब हुई थी और इससे पहले एक मरीज उसके अंदर फंस गया था। परिजनों का आरोप है कि लिफ्ट की खराबी की जानकारी होने के बावजूद उसे दोबारा इस्तेमाल किया गया। उनका कहना है कि अगर अस्पताल प्रबंधन ने समय रहते लिफ्ट की मरम्मत कराई होती या उसे संचालन से बाहर कर दिया होता तो सुरेश सेन की जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सुरेश को लिफ्ट में ले जाने के दौरान अस्पताल का कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस अब परिवार के इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

50 लाख रुपये मुआवजे की मांग

हादसे से नाराज सुरेश सेन के परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना दिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई और परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। देर शाम तक परिजन अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते रहे। पुलिस और प्रशासन की टीम ने उन्हें समझाने की कोशिश की। बाद में अस्पताल प्रबंधन और परिवार के बीच बातचीत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन ने परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। हालांकि, इस सहायता की शर्तों और भुगतान की आधिकारिक स्थिति की जानकारी पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।


CM मोहन यादव ने दी आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री सहायता कोष से सुरेश सेन के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले की जांच करने और परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि घायलों के इलाज और राहत कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


तकनीकी खराबी और लापरवाही की जांच

पुलिस अब हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह देखा जा रहा है कि लिफ्ट में तकनीकी खराबी किस वजह से आई और क्या इसका नियमित रखरखाव किया जाता था। इसके अलावा, अस्पताल में लिफ्ट के संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा मानकों और अनुमति की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लिफ्ट में मरीज को ले जाते समय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं। जांच टीम अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, लिफ्ट के तकनीकी रिकॉर्ड, कर्मचारियों के बयान और हादसे के समय मौजूद लोगों से मिली जानकारी जुटा रही है। दोष या लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। हादसे ने निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और लिफ्ट के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।