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अगस्त में GST का रिकॉर्ड कलेक्शन, ₹1.99 लाख करोड़ सरकारी खजाने में

अगस्त 2026 में भारत का Gross Goods and Services Tax (GST) Collection ₹1,99,853 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14.8% अधिक है। घरेलू लेनदेन से GST Revenue 9.3% बढ़ा, जबकि Import GST में करीब 29% की तेजी दर्ज हुई। Refund बढ़ने के बाद Net GST Revenue ₹1,68,057 करोड़ रहा।

Neha Sharma01 सित. 2026, 07:03 PM IST
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अगस्त में GST का रिकॉर्ड कलेक्शन, ₹1.99 लाख करोड़ सरकारी खजाने में

नई दिल्ली: देश की कर व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को लेकर एक और सकारात्मक आंकड़ा सामने आया है। अगस्त 2026 में भारत का Gross Goods and Services Tax (GST) Collection ₹1,99,853 करोड़ रहा। यह अगस्त 2025 के ₹1,74,116 करोड़ के मुकाबले 14.8% ज्यादा है। सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि घरेलू लेनदेन के साथ-साथ आयात से मिलने वाले GST Revenue में भी मजबूत बढ़ोतरी हुई है।


करीब ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंचा GST Collection

अगस्त में Gross GST Collection लगभग ₹2 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, जुलाई 2026 में ₹2.11 लाख करोड़ का GST Collection हुआ था, इसलिए महीने-दर-महीने आधार पर अगस्त का संग्रह कुछ कम रहा। इसके बावजूद सालाना आधार पर 14.8% की वृद्धि को मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। अगस्त 2025 में Gross GST Collection ₹1,74,116 करोड़ था, जो इस साल बढ़कर ₹1,99,853 करोड़ हो गया।


घरेलू कारोबार से ₹1.37 लाख करोड़ का GST

अगस्त 2026 में घरेलू लेनदेन से Gross GST Revenue ₹1,37,249 करोड़ रहा। यह अगस्त 2025 के ₹1,25,570 करोड़ की तुलना में 9.3% की वृद्धि है। इससे संकेत मिलता है कि देश के घरेलू बाजार में आर्थिक गतिविधियां और Consumption लगातार मजबूत बनी हुई हैं।


Import GST में 29% की बड़ी बढ़ोतरी

अगस्त के GST आंकड़ों में सबसे तेज वृद्धि Import-related Revenue में देखने को मिली। आयात से Gross GST Revenue ₹62,604 करोड़ रहा, जो पिछले साल अगस्त में ₹48,546 करोड़ था। इस तरह Import GST में सालाना आधार पर करीब 29% की बढ़ोतरी हुई।


Refund बढ़ने से Net GST Collection की रफ्तार कम

Gross GST Collection में 14.8% की बढ़ोतरी के बावजूद Refund में काफी तेज वृद्धि हुई। अगस्त 2026 में कुल GST Refund ₹31,795 करोड़ रहा, जो अगस्त 2025 के ₹18,935 करोड़ से 67.9% ज्यादा है। Refund को घटाने के बाद अगस्त में Net GST Revenue ₹1,68,057 करोड़ रहा। यह पिछले साल के ₹1,55,181 करोड़ के मुकाबले 8.3% अधिक है।


CGST, SGST और IGST का आंकड़ा

अगस्त 2026 के Gross GST Collection में:

  • Central GST (CGST): ₹38,413 करोड़
  • State GST (SGST): ₹46,316 करोड़
  • Integrated GST (IGST): करीब ₹1.15 लाख करोड़
  • Import-related GST: ₹62,604 करोड़

रहा।


महाराष्ट्र का GST Collection ₹28,779 करोड़

राज्यों में महाराष्ट्र ने अगस्त में ₹28,779 करोड़ का Domestic GST Collection दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में करीब 8% ज्यादा है। इसके बाद कर्नाटक का संग्रह ₹14,148 करोड़ और गुजरात का ₹12,047 करोड़ रहा। उत्तर प्रदेश में Domestic GST Collection 19% बढ़कर ₹9,092 करोड़ पहुंच गया। वहीं कुछ राज्यों में संग्रह में मामूली गिरावट भी देखने को मिली। तमिलनाडु का संग्रह करीब 1% और राजस्थान का करीब 2% घटा, जबकि ओडिशा में लगभग 7% की गिरावट दर्ज की गई।


GDP Growth के बाद GST आंकड़े भी मजबूत

अगस्त के GST आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब एक दिन पहले जारी आंकड़ों में भारत की GDP Growth पहली तिमाही में 7.8% दर्ज की गई थी। GST Collection में लगातार मजबूत वृद्धि और GDP Growth दोनों देश में आर्थिक गतिविधियों की मजबूती के संकेत दे रहे हैं। हालांकि, GST Collection को अकेले अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर नहीं माना जा सकता। Refund, आयात की मात्रा, टैक्स अनुपालन और विभिन्न क्षेत्रों की कारोबारी गतिविधियां भी इसके आंकड़ों को प्रभावित करती हैं।


लगातार मजबूत बना हुआ GST Revenue

अगस्त में 14.8% की सालाना वृद्धि के साथ GST Revenue में लगातार तीसरे महीने दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज हुई। जुलाई में GST Collection में करीब 15.4% और जून में 13.9% की सालाना वृद्धि हुई थी।


क्या है इसका मतलब?

अगस्त का GST Collection करीब ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचना सरकार के Revenue के लिहाज से महत्वपूर्ण है। घरेलू GST में 9.3% और Import GST में 29% की वृद्धि बताती है कि Tax Revenue को घरेलू आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ आयात से भी मजबूत समर्थन मिला।


कुल मिलाकर, अगस्त 2026 में ₹1,99,853 करोड़ का Gross GST Collection और 14.8% की सालाना वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि जुलाई के मुकाबले संग्रह में कमी और Refund में 67.9% की तेज वृद्धि को भी आंकड़ों को समझते समय ध्यान में रखना जरूरी है।