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NCERT के 66 साल पूरे, Education System में नई पहल पर जोर
National Council of Educational Research and Training (NCERT) आज अपना 66वां Foundation Day मना रहा है। स्थापना दिवस के मौके पर School Education की गुणवत्ता, Curriculum Development, Teacher Training, Digital Learning और नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

नई दिल्ली: National Council of Educational Research and Training (NCERT) का 66वां Foundation Day आज नई दिल्ली में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। शिक्षा मंत्रालय ने भी 1 सितंबर 2026 को NCERT के 66वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की भागीदारी की पुष्टि की है।
स्कूल शिक्षा में NCERT की अहम भूमिका
NCERT भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकों, शिक्षण सामग्री और शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़े काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देशभर में स्कूलों के लिए तैयार की जाने वाली कई प्रमुख शैक्षणिक सामग्रियां NCERT के मार्गदर्शन और अकादमिक कार्य से जुड़ी हैं। NCERT का उद्देश्य केवल किताबें तैयार करना नहीं है, बल्कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर करना और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना भी है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव
नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लागू होने के बाद स्कूली शिक्षा में Curriculum और Teaching-Learning Process को अधिक समग्र और कौशल आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। इस बदलाव में NCERT की भूमिका महत्वपूर्ण है। नई पाठ्यचर्या में रटने की बजाय समझ, Critical Thinking, Creativity, Experiential Learning और Skill Development पर ज्यादा ध्यान देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भ पर जोर
NCERT की शैक्षणिक पहल में भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भों को भी महत्व दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी भाषा और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के करीब रखते हुए शिक्षा को अधिक सहज और प्रभावी बनाना है।
Digital Education को भी बढ़ावा
स्कूली शिक्षा में Digital Resources के बढ़ते इस्तेमाल के साथ NCERT की शैक्षणिक सामग्री का डिजिटल रूप भी महत्वपूर्ण हो गया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पाठ्य सामग्री, ई-कंटेंट और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच आसान बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
स्थापना दिवस का महत्व
NCERT का Foundation Day संस्थान की अब तक की शैक्षणिक यात्रा और भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा का अवसर देता है। 66वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्यचर्या विकास, शिक्षक क्षमता निर्माण और विद्यार्थियों के लिए बेहतर Learning Outcomes जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। आज के दौर में Artificial Intelligence, Digital Learning और तेजी से बदलती रोजगार आवश्यकताओं के बीच स्कूली शिक्षा को भी नए कौशल से जोड़ना जरूरी हो गया है। ऐसे में NCERT की भूमिका केवल पारंपरिक पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि बदलते शिक्षा परिदृश्य के अनुरूप Learning Resources विकसित करने की भी है।
आगे की चुनौतियां
देश के अलग-अलग हिस्सों में विद्यार्थियों की भाषाई, सामाजिक और शैक्षणिक जरूरतें अलग हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यार्थी तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है। इसके साथ ही Digital Divide, Teacher Training और Learning Outcomes में अंतर जैसे मुद्दों पर भी लगातार काम करने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, NCERT का 66वां Foundation Day भारतीय स्कूली शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। संस्था की भूमिका पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर Digital Education, Skill Development, भारतीय भाषाओं और नई शिक्षण पद्धतियों के विकास तक लगातार विस्तृत हो रही है।
