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कुंभ से पहले नाशिक की तैयारी पर बड़ा सवाल! 35 रोड-Bridge Projects में करीब 70% काम बाकी
कुंभ मेला 2027 से पहले नाशिक में बड़े पैमाने पर सड़क और पुल निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार अब चिंता बढ़ा रही है। नाशिक महानगरपालिका के तहत करीब ₹1,400 करोड़ की लागत से चल रहे 35 प्रमुख रोड और ब्रिज प्रोजेक्ट्स में अधिकांश की प्रगति अभी लगभग 30% ही है। यानी इन परियोजनाओं का करीब 70% काम बाकी है। मार्च 2027 की deadline नजदीक आने के साथ प्रशासन के सामने काम की रफ्तार बढ़ाने और समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने की बड़ी चुनौती है।
Kalpana Gautam02 सित. 2026, 03:27 PM IST

नाशिक में सिंहस्थ कुंभ की तैयारी, लेकिन सड़क-पुल परियोजनाओं की धीमी रफ्तार ने बढ़ाई चिंता
नाशिक: सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 को लेकर नाशिक में बड़े-बड़े विकास कार्यों की योजना बनाई गई है। करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर किए जा चुके हैं और शहर को लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए तैयार करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन इन तैयारियों के बीच अब शहर की प्रमुख सड़क और पुल परियोजनाओं की धीमी प्रगति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है।
नाशिक महानगरपालिका के Public Works Department के तहत सिंहस्थ कुंभ से जुड़े 35 प्रमुख रोड और ब्रिज प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें 28 सड़क परियोजनाएं और 7 पुल परियोजनाएं शामिल हैं। इन सड़कों का कुल दायरा करीब 150 किलोमीटर है और इन परियोजनाओं पर लगभग ₹1,400 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। लेकिन ताजा स्थिति के अनुसार अधिकांश परियोजनाओं का काम अभी करीब 30% तक ही पहुंचा है।
70 फीसदी काम बाकी, deadline मार्च 2027
अगर मौजूदा progress को आधार माना जाए तो इन परियोजनाओं का करीब 70% काम अभी पूरा होना बाकी है।
सबसे बड़ी चिंता इसलिए है क्योंकि राज्य सरकार और प्रशासन ने प्रमुख Kumbh-related infrastructure projects को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यानी आने वाले महीनों में निर्माण कार्य की रफ्तार में काफी तेजी लानी होगी। इन परियोजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, नई सड़कें, concrete roads और Godavari तथा उसकी सहायक नदियों पर पुलों से जुड़े काम शामिल हैं। हालांकि सभी परियोजनाओं की स्थिति एक जैसी नहीं है। उदाहरण के लिए Milind Nagar में Nasardi River पर बन रहे bridge का करीब 45% काम पूरा होने की जानकारी सामने आई है। वहीं कई अन्य road और bridge projects अभी लगभग 30% के आसपास ही हैं।
आखिर देरी की वजह क्या है?
सड़क परियोजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर सवाल उठने के बाद नाशिक महानगरपालिका ने प्रशासनिक मंजूरियों में हुई देरी को प्रमुख कारणों में बताया है। NMC Commissioner Manisha Khatri के अनुसार कई परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी एक साथ मिलने के बजाय चरणबद्ध तरीके से मिली, जिसके कारण वास्तविक construction के लिए उपलब्ध समय कम हो गया। NMC ने अक्टूबर 2024 में अपना comprehensive Kumbh infrastructure plan प्रस्तुत किया था, लेकिन बाद में proposal में कई बदलाव और rationalisation किए गए। इसके बाद approvals की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अधिकारियों के मुताबिक 21 road projects के लिए करीब ₹950 करोड़ की administrative approval सितंबर 2025 में मिली, जबकि कुछ अन्य परियोजनाओं को मंजूरी बाद में मिली। इसके अलावा utility shifting का काम भी सड़क निर्माण की timeline को प्रभावित करने वाला factor रहा। पानी, drainage, gas और optical fibre जैसी underground utilities को पहले व्यवस्थित करने के लिए कई जगह सड़कें खोदी गईं।
सड़क बनाने से पहले underground utilities की चुनौती
कुंभ की तैयारियों के तहत नाशिक में केवल सड़क की ऊपरी सतह बदलने की योजना नहीं है। कई प्रमुख सड़कों पर utility ducts तैयार किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में पानी, गैस, drainage या optical fibre के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े। यही वजह है कि सड़क निर्माण से पहले underground utility work को पूरा करना जरूरी है। रिपोर्टों के अनुसार 28 प्रमुख सड़कों पर utility-related work को पूरा करने के लिए deadline में भी विस्तार किया गया था। इन ducts में water supply, drainage, optical fibre, piped natural gas और stormwater infrastructure जैसी सुविधाओं को व्यवस्थित करने की योजना है।
Material shortage और बारिश ने भी बढ़ाई परेशानी
अधिकारियों ने construction material की उपलब्धता को भी एक चुनौती बताया है। NMC के अनुसार मई-जून के दौरान asphalt की उपलब्धता प्रभावित हुई थी। इसके पीछे West Asia में चल रहे संघर्ष से supply disruptions को भी एक कारण बताया गया। इसके बाद बारिश ने road construction की गति पर असर डाला। यानी एक तरफ administrative approvals में देरी, दूसरी तरफ utility shifting, material availability और बारिश—इन सभी कारणों ने construction schedule पर दबाव बढ़ाया है।
कुंभ के दौरान सड़कें क्यों हैं इतनी महत्वपूर्ण?
सिंहस्थ कुंभ मेला नाशिक के लिए सामान्य आयोजन नहीं है। इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाशिक और त्र्यंबकेश्वर पहुंचेंगे। ऐसे में सड़कें केवल शहर के नागरिकों के लिए commuting infrastructure नहीं रहेंगी, बल्कि traffic management, emergency services, ambulance movement, public transport और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए सबसे महत्वपूर्ण infrastructure बन जाएंगी। अगर प्रमुख roads और bridges समय पर तैयार नहीं हुए तो इसका असर केवल construction schedule पर नहीं पड़ेगा, बल्कि कुंभ के दौरान traffic congestion और crowd management पर भी पड़ सकता है। सी वजह से प्रशासन के लिए इन projects को समय पर पूरा करना बेहद महत्वपूर्ण है।
दूसरी तरफ सरकार का बड़ा infrastructure push
सिंहस्थ कुंभ के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़े पैमाने पर infrastructure development programme तैयार किया है। PIB के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने ₹22,425.39 करोड़ का comprehensive Kumbh Mela Development Plan मंजूर किया है। इसके लिए अलग से Nashik-Trimbakeshwar Simhastha Kumbh Mela Authority भी बनाई गई है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच coordination और development works के execution को बेहतर बनाना है। वहीं Kumbh Authority के अनुसार कुल ₹34,732 करोड़ के व्यापक outlay में करीब 85% राशि permanent infrastructure पर खर्च किए जाने की योजना है। इसमें roads, bridges और civic infrastructure का बड़ा हिस्सा शामिल है। यानी सरकार का दावा है कि कुंभ के लिए बनाए जा रहे infrastructure का फायदा आयोजन खत्म होने के बाद भी नाशिक को लंबे समय तक मिलेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या मार्च 2027 तक सब तैयार होगा?
यही वह सवाल है जिसने नाशिक की Kumbh preparedness को लेकर बहस तेज कर दी है। एक तरफ प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि major infrastructure projects को निर्धारित deadline तक पूरा कर लिया जाएगा। NMC Commissioner पहले ही कह चुकी हैं कि 28 प्रमुख roads को मार्च 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है। दूसरी तरफ ताजा progress report बताती है कि 35 major road और bridge projects में अधिकांश अभी लगभग 30% ही पूरे हुए हैं। इसका मतलब साफ है—अब केवल योजना और मंजूरी का दौर नहीं, बल्कि तेज execution का समय है। आने वाले महीनों में प्रशासन को construction speed के साथ-साथ land issues, utility shifting, material supply, traffic management और quality control पर भी एक साथ नजर रखनी होगी।
गुणवत्ता से समझौता न करने की चुनौती
काम जल्दी पूरा करने का दबाव बढ़ने के साथ एक और सवाल महत्वपूर्ण है—क्या speed बढ़ाने के चक्कर में construction quality प्रभावित होगी? NMC ने पहले ही contractors को quality standards का पालन करने के निर्देश दिए हैं। Road works की monitoring और third-party quality checks की व्यवस्था की गई है। कुंभ के लिए बनाई गई सड़कें और पुल केवल कुछ महीनों के आयोजन के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में नाशिक के नागरिकों के लिए इस्तेमाल होने वाले permanent infrastructure होंगे। इसलिए deadline के साथ quality बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
नाशिक में सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारियां बड़े पैमाने पर चल रही हैं। हजारों करोड़ रुपये के infrastructure projects मंजूर हो चुके हैं, लेकिन जमीन पर काम की रफ्तार अब सबसे बड़ी कसौटी बन गई है। 35 प्रमुख road और bridge projects में अधिकांश का काम करीब 30% तक पहुंचा है और लगभग 70% काम बाकी है। मार्च 2027 की deadline को देखते हुए प्रशासन के पास अब समय कम और काम ज्यादा है। अब आने वाले महीने यह तय करेंगे कि नाशिक सिंहस्थ कुंभ के लिए समय पर तैयार होता है या आखिरी वक्त में निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के कारण शहर को भारी दबाव का सामना करना पड़ता है।
