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Malaria के खिलाफ भारत की बड़ी जीत, 10 साल में 80% गिरावट

भारत ने Malaria के खिलाफ लड़ाई में बड़ी प्रगति हासिल की है। 2015 से 2025 के बीच देश में Malaria के मामलों और इससे होने वाली मौतों में करीब 80% की कमी आई है। 2022 से 2025 के बीच 160 जिलों में कोई Indigenous Malaria Case दर्ज नहीं हुआ, जबकि High-Burden Districts की संख्या 155 से घटकर 33 रह गई है। भारत ने 2030 तक Malaria Elimination का लक्ष्य रखा है।

Neha Sharma02 सित. 2026, 03:28 PM IST
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Malaria के खिलाफ भारत की बड़ी जीत, 10 साल में 80% गिरावट

नई दिल्ली: भारत ने Malaria नियंत्रण और उन्मूलन की दिशा में पिछले एक दशक में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2015 से 2025 के बीच देश में Malaria के मामलों और इससे होने वाली मौतों में करीब 80% की कमी आई है। इसी अवधि में ज्यादा बोझ वाले जिलों की संख्या भी 155 से घटकर 33 रह गई है।


160 जिलों में स्थानीय Malaria Transmission पर रोक

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच 160 जिलों में कोई Indigenous Malaria Case दर्ज नहीं हुआ। इसे स्थानीय स्तर पर संक्रमण की श्रृंखला रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि देश से Malaria पूरी तरह खत्म हो गया है। कुछ राज्यों और जिलों में बीमारी का बोझ अभी भी अधिक है, इसलिए सरकार ने अंतिम चरण के नियंत्रण के लिए क्षेत्र-विशेष रणनीतियों और निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया है।


High-Burden Districts में बड़ी कमी

भारत में Malaria का बोझ कुछ खास क्षेत्रों में केंद्रित रहा है। पिछले दस वर्षों में High-Burden Districts की संख्या 155 से घटकर 33 हो जाना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है। अब सरकार का फोकस उन क्षेत्रों पर ज्यादा है जहां संक्रमण का जोखिम अभी भी बना हुआ है। इन क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर Surveillance, समय पर जांच और उपचार तथा Mosquito Control जैसे उपायों को मजबूत किया जा रहा है।


2030 तक Malaria Elimination का लक्ष्य

भारत ने 2030 तक Malaria Elimination का लक्ष्य तय किया है। इससे पहले देश का लक्ष्य 2027 तक Zero Indigenous Malaria Cases हासिल करना है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध रणनीति लागू की जा रही है। सरकार की रणनीति में बीमारी की जल्दी पहचान, समय पर उपचार, लगातार निगरानी और संक्रमण फैलाने वाले मच्छरों पर नियंत्रण जैसे उपाय शामिल हैं।


‘Test, Treat, Track’ Strategy पर जोर

Malaria नियंत्रण में Test, Treat, Track Approach को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका उद्देश्य संदिग्ध मामलों की जल्द जांच करना, संक्रमित व्यक्ति को समय पर उपचार देना और संक्रमण की निगरानी बनाए रखना है। इस तरह की Surveillance व्यवस्था खास तौर पर उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है जहां Malaria के मामले कम होने के बावजूद दोबारा संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।


अंतिम चरण की चुनौती अभी बाकी

Malaria के मामलों में बड़ी गिरावट के बावजूद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन इलाकों तक पहुंचना है जहां बीमारी का संक्रमण अभी भी बना हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी Focused और Area-Specific Strategies तथा मजबूत Surveillance को जरूरी बताया है। ग्रामीण, आदिवासी और कुछ दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, पर्यावरणीय परिस्थितियां और मच्छरों के प्रजनन वाले स्थान जैसी चुनौतियां Malaria Elimination के प्रयासों को प्रभावित कर सकती हैं।


आगे की रणनीति

आने वाले वर्षों में सरकार का जोर High-Burden Districts में विशेष अभियान चलाने, Surveillance को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर संक्रमण की पहचान व नियंत्रण पर रहेगा। इसके साथ राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय भी जरूरी होगा।


कुल मिलाकर, 2015 से 2025 के बीच Malaria मामलों और मौतों में करीब 80% की गिरावट भारत के लिए बड़ी स्वास्थ्य उपलब्धि है। 160 जिलों में लगातार Indigenous Cases नहीं मिलना और High-Burden Districts का 155 से घटकर 33 होना दिखाता है कि भारत Malaria Elimination के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। हालांकि 2030 का लक्ष्य हासिल करने के लिए बचे हुए High-Burden क्षेत्रों पर लगातार और लक्षित कार्रवाई जरूरी होगी।