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मुंबई: 43 लाख के एमडी तस्करी में दो को 10-10 साल की सजा l
मुंबई की कक्षा 10 अदालत ने 28 मार्च 2024 को ओशिवरा पुलिस थाने में दर्ज 43 लाख रुपये कीमत के 160 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) तस्करी मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। विशेष न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को आरोपी आकाश अनिल सिंह (26 वर्ष) और भवन हयतसिंह अधिकारी (40 वर्ष) को 10-10 वर्ष की कठोर सजा और प्रत्येकी 1 लाख रुपये जुर्माना सुनाया है। जुर्माना न भरने पर एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भी सुनाई गई है।

मुंबई की कक्षा 10 अदालत ने एक बड़े एमडी (मेफेड्रोन) तस्करी मामले में दो आरोपियों को सख्त सजा सुनाई है। यह मामला 28 मार्च 2024 का है, जब ओशिवरा पुलिस थाने की हद में छापा मारकर पुलिस ने 160 ग्राम वजन का एमडी जब्त किया था। इस एमडी की कीमत करीब 43 लाख रुपये आंकी गई थी। ओशिवरा पुलिस थाने की हद में छापा मारने पर पुलिस को आरोपी आकाश अनिल सिंह (26 वर्ष) के कब्जे से 55 ग्राम वजन का एमडी (मूल्य 11 लाख रुपये) और आरोपी भवन हयतसिंह अधिकारी (40 वर्ष) के कब्जे से 105 ग्राम वजन का एमडी (मूल्य 32 लाख रुपये) मिला था। कुल मिलाकर 160 ग्राम वजन का यह अवैध पदार्थ वाहतुक, विक्री और व्यापार करने के उद्देश्य से कब्जे में रखा गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 8(ग), 22(ग) और 29 के तहत गुनाह नोंद दर्ज किया था। मामले की जांच कक्षा 10 के पुलिस निरीक्षक मनोज सुतार और उनकी टीम ने अत्यंत कौशलपूर्वक और तांत्रिक तरीके से की। जांच के दौरान पुलिस ने सबूत, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का उचित संग्रहण किया। मामला मुंबई के विशेष सत्र न्यायालय में पहुंचा, जहां जांच अधिकारी पोनि. सुतार, सहायक पुलिस निरीक्षक धनराज चौधरी (कक्षा-5), सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश तोडकर, पेरवी अधिकारी मसपोनि. यादव और अन्य अधिकारियों ने प्रकरण की योग्य कार्यवाही की। सभी उपलब्ध पुरावों और जांच के आधार पर विशेष न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
31 अगस्त 2026 को विशेष सत्र न्यायालय, मुंबई ने दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष की सख्त सजा और प्रत्येकी 1 लाख रुपये जुर्माना सुनाया। यदि जुर्माना नहीं भरा जाता है, तो एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा होगी। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णाकांत उपाध्याय, पुलिस उप आयुक्त (प्रतिक्रिया 1) नवनाथ ढवघे और सहायक पुलिस आयुक्त (डी-पश्चिम) धर्मीपाल बंसोडे के मार्गदर्शन में हुई। कक्षा 10 के प्रभावी पुलिस निरीक्षक विशाल राजे, पुलिस निरीक्षक मनोज सुतार (तत्कालीन प्रभारी कक्षा 10), सहायक पुलिस निरीक्षक धनराज चौधरी (कक्षा-5), महिला सहायक पुलिस निरीक्षक पुनम यादव, सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश तोडकर, सहायक पुलिस उप निरीक्षक अहमद शेख (कोर्ट कारकुन सत्र न्यायालय) और महिला पुलिस शिपाई क्रमांक 112110/खाडे (कोर्ट कारकुन सत्र न्यायालय) ने इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
