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सहारनपुर में PNB की करेंसी चेस्ट में 7.40 करोड़ रुपये की जाली नोट मिली, 4 कर्मचारी सस्पेंड, FIR दर्ज l
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान करीब 7.40 करोड़ रुपये की जाली करेंसी मिलने से हड़कंप मच गया। इससे पहले आरबीआई को भेजी गई बैंक की रकम के मिलान में 4.36 लाख रुपये की कैश कमी भी सामने आई थी। मामला खुलने के बाद बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और उनकी शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस पूरे कैश ट्रेल और CCTV फुटेज की जांच कर रही है।
Kashish Rai02 सित. 2026, 07:27 PM IST

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान करीब 7.40 करोड़ रुपये की जाली करेंसी मिलने से हड़कंप मच गया है। इससे पहले आरबीआई को भेजी गई बैंक की रकम के मिलान में 4.36 लाख रुपये की कैश कमी भी सामने आई थी। मामला खुलने के बाद बैंक ने चार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। मामले में नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर बैंक के चार कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब करेंसी चेस्ट में रकम पहुंचने से लेकर उसके रखरखाव और आरबीआई भेजे जाने तक के पूरे कैश ट्रेल की जांच कर रही है। साथ ही बैंक के CCTV फुटेज और संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
PNB की मुख्य प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक, 10-11 अगस्त को आरबीआई भेजी गई रकम के मिलान के दौरान 4.36 लाख रुपये कम मिले थे। कैश में अंतर सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने जांच के लिए टीम गठित की। टीम ने करेंसी चेस्ट में रखी रकम और उससे जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर करेंसी चेस्ट में करीब 7.40 करोड़ रुपये की जाली करेंसी होने की जानकारी सामने आई। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने के बाद बैंक अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
चार कर्मचारियों पर FIR, सभी सस्पेंड
नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और हरियाणा के जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार के खिलाफ जाली नोटों से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। वहीं, 4.36 लाख रुपये की कैश कमी के मामले में हाउस कीपर विशाल कुमार पर कार्रवाई की गई है। बैंक ने मामले से जुड़े चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
CCTV और कैश ट्रेल की जांच
एसएसपी अभिनंदन के मुताबिक, वरिष्ठ बैंक अधिकारी की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और बैंक की टीमें अलग-अलग शाखाओं से करेंसी चेस्ट तक पहुंची रकम, कैश रिकॉर्ड, नोटों की पैकिंग, गिनती और मिलान की प्रक्रिया की जांच कर रही हैं। जांच में CCTV फुटेज भी अहम कड़ी मानी जा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध करेंसी कब, कहां से और किस प्रक्रिया के जरिए करेंसी चेस्ट तक पहुंची।
बैंक का दावा- जाली नोट सर्कुलेशन में नहीं आए
मुख्य प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक, जाली नोट करेंसी चेस्ट में ही रखी हुई थी और इसे सर्कुलेशन में नहीं भेजा गया था। मामले की डिटेल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल बैंक ने अपनी गाइडलाइंस के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला पुलिस को सौंप दिया है।
PNB की मुख्य प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक, 10-11 अगस्त को आरबीआई भेजी गई रकम के मिलान के दौरान 4.36 लाख रुपये कम मिले थे। कैश में अंतर सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने जांच के लिए टीम गठित की। टीम ने करेंसी चेस्ट में रखी रकम और उससे जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर करेंसी चेस्ट में करीब 7.40 करोड़ रुपये की जाली करेंसी होने की जानकारी सामने आई। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने के बाद बैंक अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
चार कर्मचारियों पर FIR, सभी सस्पेंड
नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और हरियाणा के जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार के खिलाफ जाली नोटों से जुड़े मामले में FIR दर्ज की गई है। वहीं, 4.36 लाख रुपये की कैश कमी के मामले में हाउस कीपर विशाल कुमार पर कार्रवाई की गई है। बैंक ने मामले से जुड़े चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
CCTV और कैश ट्रेल की जांच
एसएसपी अभिनंदन के मुताबिक, वरिष्ठ बैंक अधिकारी की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और बैंक की टीमें अलग-अलग शाखाओं से करेंसी चेस्ट तक पहुंची रकम, कैश रिकॉर्ड, नोटों की पैकिंग, गिनती और मिलान की प्रक्रिया की जांच कर रही हैं। जांच में CCTV फुटेज भी अहम कड़ी मानी जा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध करेंसी कब, कहां से और किस प्रक्रिया के जरिए करेंसी चेस्ट तक पहुंची।
बैंक का दावा- जाली नोट सर्कुलेशन में नहीं आए
मुख्य प्रबंधक निशा सिंह के मुताबिक, जाली नोट करेंसी चेस्ट में ही रखी हुई थी और इसे सर्कुलेशन में नहीं भेजा गया था। मामले की डिटेल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल बैंक ने अपनी गाइडलाइंस के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला पुलिस को सौंप दिया है।
