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गोरखपुर में जमीन को लेकर बड़ा विवाद, सपा नेताओं समेत 12 पर FIR; रात में पुलिस ने दी दबिश

गोरखपुर के खोखरटोला में जमीन और पुराने मकान को लेकर विवाद सामने आया है। एक महिला की शिकायत पर सपा नेता जफर अमीन उर्फ डक्कू और सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी समेत 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। महिला ने जमीन पर कब्जे की कोशिश, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं जफर अमीन ने आरोपों को गलत बताते हुए जमीन को अपना बताया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

sd03 सित. 2026, 04:39 PM IST
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गोरखपुर में जमीन को लेकर बड़ा विवाद, सपा नेताओं समेत 12 पर FIR; रात में पुलिस ने दी दबिश
           गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र के खोखरटोला में जमीन और मकान को लेकर विवाद मंगलवार को काफी बढ़ गया। बताया जा रहा है कि विवादित जमीन पर कुछ लोग पहुंचे थे। वहां मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हाथापाई की स्थिति बन गई।
मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

महिला ने लगाए गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता शहाना खातून का कहना है कि जिस मकान को लेकर विवाद है, वह करीब 70 साल पुराना है और उनका परिवार लंबे समय से वहां रह रहा है।
महिला का आरोप है कि वर्ष 2023 में मकान के एक हिस्से पर कब्जा किया गया था और अब बचे हुए हिस्से पर भी कब्जा करने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद राजघाट थाने में मामला दर्ज किया गया।

12 लोगों के खिलाफ केस

पुलिस ने शिकायत के आधार पर जफर अमीन उर्फ डक्कू, शब्बीर कुरैशी समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें दो लोग नामजद हैं, जबकि 10 लोगों की पहचान अज्ञात बताई गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मौके के वीडियो और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
दूसरी तरफ सपा नेता जफर अमीन डक्कू ने जमीन कब्जाने के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विवादित जमीन उन्होंने 2017 में खरीदी थी और उनके पास इसकी रजिस्ट्री के दस्तावेज हैं। उनका दावा है कि वह अपनी जमीन से कब्जा हटाने के लिए वहां गए थे। यानी इस मामले में दोनों पक्ष जमीन पर अपना-अपना अधिकार बता रहे हैं। जमीन का असली मालिक कौन है, यह जांच और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही साफ होगा।

रात में पुलिस पहुंची घर

FIR के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक देर रात पुलिस की टीम शब्बीर कुरैशी के इस्माइलपुर स्थित घर पहुंची और उनकी तलाश में घर की तलाशी ली। परिवार की तरफ से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने घर के कमरों के साथ-साथ अलमारी, फ्रिज, कूलर और पानी की टंकी तक की जांच की। हालांकि, इस तलाशी को लेकर सामने आई जानकारी में परिवार का पक्ष प्रमुख रूप से सामने आया है। इसलिए इसे पुलिस की पुष्टि के तौर पर नहीं, बल्कि परिवार के आरोप के रूप में ही लिखा जाना उचित है।

विवादित जगह पर CCTV लगाया गया

मामला दोबारा न बढ़े, इसके लिए पुलिस ने विवादित जगह पर CCTV कैमरे लगाए हैं। पुलिस की नजर अब पूरे मामले पर है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल जमीन के मालिकाना हक का है। दोनों पक्ष जमीन को अपना बता रहे हैं। इसलिए अब जमीन के राजस्व रिकॉर्ड, रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। इसके अलावा पुलिस वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर यह भी पता लगाएगी कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था और मारपीट व धमकी के आरोपों में किसकी क्या भूमिका थी।

जरूरी बात
अभी यह मामला जांच के दौर में है। FIR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि लगाए गए सभी आरोप साबित हो गए हैं। इसलिए खबर में किसी भी पक्ष को दोषी घोषित करने के बजाय "आरोप", "शिकायत के मुताबिक" और "पुलिस जांच में" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उचित होगा।