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जाजमऊ गंगा पुल 7 सितंबर के बाद होगा बंद, चार महीने तक ट्रैफिक डायवर्ट; मरम्मत के लिए NHAI की तैयारी पूरी

कानपुर-उन्नाव को जोड़ने वाले जाजमऊ पुराने गंगा पुल को मरम्मत के लिए 7 सितंबर के बाद बंद करने की तैयारी है। NHAI को कानपुर और फतेहपुर प्रशासन से मंजूरी मिल चुकी है, जबकि उन्नाव प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए करीब एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। मंजूरी के बाद पुल बंद होते ही वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा।

sd03 सित. 2026, 04:39 PM IST
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जाजमऊ गंगा पुल 7 सितंबर के बाद होगा बंद, चार महीने तक ट्रैफिक डायवर्ट; मरम्मत के लिए NHAI की तैयारी पूरी

         कानपुर के जाजमऊ स्थित पुराने गंगा पुल की मरम्मत का काम अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पुल को बंद करके उसकी खराब बेयरिंग बदलने और ऊपरी हिस्से की जरूरी मरम्मत कराने की तैयारी कर रहा है। पहले पुल को 1 सितंबर से बंद करने की योजना थी, लेकिन ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की स्थिति को देखते हुए इसे फिलहाल टाल दिया गया है। अब NHAI 7 सितंबर तक उन्नाव प्रशासन की मंजूरी का इंतजार करेगा।


क्यों जरूरी है पुल की मरम्मत?


करीब 708 मीटर लंबे और 51 साल पुराने इस पुल की कई बेयरिंग खराब बताई गई हैं। भारी वाहनों के गुजरने पर पुल में कंपन की समस्या सामने आती है। पुल की स्लैब में भी दरारें और सड़क पर गड्ढे होने की जानकारी सामने आई है। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) की रिपोर्ट के बाद NHAI ने इसकी तत्काल मरम्मत को जरूरी माना है। पुल के निचले हिस्से की मरम्मत का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब ऊपरी हिस्से में काम करने के लिए यातायात रोकना जरूरी है। इसी वजह से पुल को कई महीनों तक बंद रखने की योजना बनाई गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में अवधि करीब तीन से चार महीने बताई गई है।

कानपुर और फतेहपुर से मंजूरी, उन्नाव से एक सप्ताह का समय


NHAI को पुल बंद करने और ट्रैफिक डायवर्ट करने के लिए कानपुर और फतेहपुर प्रशासन से अनुमति मिल चुकी है। उन्नाव प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर एक सप्ताह का समय मांगा है। NHAI के परियोजना निदेशक के मुताबिक, 7 सितंबर तक इंतजार करने के बाद पुल बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।

बक्सर गंगा पुल और सरैया ROB बनी चुनौती


डायवर्जन व्यवस्था में बक्सर गंगा पुल और सरैया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) महत्वपूर्ण हैं। बक्सर पुल पर मरम्मत के बाद उसे पूरी तरह मजबूत होने में समय लग रहा है, जिसके कारण भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सावधानी बरती जा रही है। वहीं सरैया ROB का निर्माण अभी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में जाजमऊ पुल बंद होने पर वैकल्पिक रास्तों पर अतिरिक्त ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की आशंका है।

किन रास्तों से होगा ट्रैफिक डायवर्जन?


NHAI ने लखनऊ से कानपुर आने वाले वाहनों के लिए कई वैकल्पिक मार्गों की योजना तैयार की है। इनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। पुल बंद होने के बाद वाहनों को उनकी दिशा और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रूट पर भेजा जाएगा। इसका असर खासतौर पर हमीरपुर और बांदा की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ सकता है। पहले तैयार किए गए डायवर्जन प्लान के अनुसार कुछ वाहनों को लगभग 75 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है, जबकि उन्नाव से इटावा जाने वाले वाहनों की दूरी करीब 30 किलोमीटर बढ़ सकती है।

5.60 करोड़ रुपये में मिला मरम्मत का ठेका

जाजमऊ पुल की बेयरिंग बदलने का काम 5.60 करोड़ रुपये में एक महाराष्ट्र स्थित कंपनी को दिया गया है। काम की निर्धारित अवधि छह महीने है और ठेके की समयसीमा दिसंबर 2026 तक बताई गई है। अगला बड़ा अपडेट 7 सितंबर के आसपास आएगा, जब उन्नाव प्रशासन की अनुमति और अंतिम ट्रैफिक डायवर्जन व्यवस्था स्पष्ट होने के बाद NHAI पुल को बंद करने की कार्रवाई शुरू कर सकता है।