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MBBS में मनमानी नहीं चलेगी! फर्स्ट ईयर में सिर्फ 4 अटेम्प्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्रा को नहीं दिया 5वां मौका

MBBS की पढ़ाई के दौरान परीक्षा में बार-बार असफल होने वाले छात्रों के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका देने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि First Professional MBBS के फर्स्ट ईयर में छात्र को अधिकतम चार ही attempts मिल सकते हैं। चाहे ये attempts अलग-अलग विषयों में दिए गए हों, चार प्रयास पूरे होने के बाद पांचवां मौका नहीं दिया जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने Anatomy की परीक्षा चौथी बार देने की मांग करने वाली छात्रा की याचिका खारिज कर दी।

Sonali04 सित. 2026, 06:36 PM IST
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MBBS में मनमानी नहीं चलेगी! फर्स्ट ईयर में सिर्फ 4 अटेम्प्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्रा को नहीं दिया 5वां मौका

मुंबई:

 MBBS की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि First Professional MBBS यानी फर्स्ट ईयर की परीक्षा में छात्र को किसी भी स्थिति में चार से अधिक अटेम्प्ट की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह सीमा किसी एक विषय के प्रयासों पर नहीं, बल्कि पूरे प्रथम वर्ष के MBBS कोर्स पर लागू होती है।

जस्टिस फिरदौस पी. पूनावाला और जस्टिस आर.आई. चागला की डिवीजन बेंच ने एक MBBS छात्रा की याचिका खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। छात्रा ने महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (MUHS) की Anatomy की थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा में एक और बार शामिल होने की अनुमति मांगी थी।


क्या था पूरा मामला?

याचिकाकर्ता ने अगस्त 2023 में First Year MBBS Course में दाखिला लिया था। उसने Anatomy को छोड़कर बाकी सभी विषयों में जरूरी Internal Assessment सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था। Internal Assessment पास करना थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होने के लिए जरूरी शर्त थी। इसके बाद छात्रा ने Anatomy की परीक्षा तीन बार दी, लेकिन वह थ्योरी परीक्षा में सफल नहीं हो सकी। बाद में उसे बताया गया कि वह Anatomy की परीक्षा में एक और प्रयास नहीं कर सकती, क्योंकि उसके First Year MBBS Course में निर्धारित चार attempts की सीमा समाप्त हो चुकी है।


छात्रा की दलील क्या थी?

छात्रा की ओर से हाईकोर्ट के सामने दलील दी गई कि उसने Anatomy का पेपर केवल तीन बार दिया है। इसलिए उसे Anatomy की परीक्षा में चौथी बार शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि चार attempts की सीमा को विषयवार देखा जाना चाहिए। यानी यदि किसी छात्र ने किसी विशेष विषय की परीक्षा चार बार नहीं दी है, तो उसे उस विषय में अतिरिक्त प्रयास का मौका मिलना चाहिए। दूसरी ओर, संबंधित पक्षों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि लागू Regulation में स्पष्ट रूप से First Year MBBS Course के लिए अधिकतम चार attempts निर्धारित किए गए हैं। नियम किसी विशेष विषय में दिए गए attempts तक सीमित नहीं है।


हाईकोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने 2023 Regulations के Regulation 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें स्पष्ट व्यवस्था है कि किसी भी परिस्थिति में छात्र को First Year यानी First Professional MBBS में चार से अधिक attempts की अनुमति नहीं दी जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि Regulation में चार attempts की सीमा “first year of MBBS” के लिए तय की गई है। इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि अलग-अलग विषयों में दिए गए attempts को अलग-अलग गिना जाएगा। अदालत ने छात्रा की इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि Anatomy की परीक्षा उसने केवल तीन बार दी है, इसलिए उसे चौथा मौका मिलना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियम पूरे First Professional MBBS Course के attempts को नियंत्रित करता है, न कि केवल किसी एक विषय को।


क्यों अहम है फैसला?

इस फैसले से मेडिकल छात्रों के लिए यह स्पष्ट हो गया है कि First Year MBBS में attempts की अधिकतम सीमा चार है। किसी छात्र ने अलग-अलग विषयों में कितनी बार परीक्षा दी है, इससे इस निर्धारित सीमा को बढ़ाया नहीं जा सकता। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसी आधार पर छात्रा की याचिका खारिज कर दी और Anatomy की परीक्षा में अतिरिक्त प्रयास की अनुमति देने से इनकार कर दिया।