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मुंबई में लाखों Voters की जांच, SIR के बाद Electoral Roll में बड़ा बदलाव

महाराष्ट्र में Special Intensive Revision (SIR) के बाद मुंबई की Voter List में बड़ा बदलाव सामने आया है। लाखों मतदाताओं के Records अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसी ASDD Categories में दर्ज हुए हैं। BMC ने संबंधित ASDD Lists जारी कर दी हैं। पात्र मतदाता निर्धारित समय में Claims और Objections दाखिल कर सकते हैं, जबकि Final Electoral Roll 4 नवंबर 2026 को जारी होने वाली है।

Neha Sharma05 सित. 2026, 06:35 PM IST
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मुंबई में लाखों Voters की जांच, SIR के बाद Electoral Roll में बड़ा बदलाव

मुंबई: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मुंबई में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ी हलचल है। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के रिकॉर्ड सामने आए हैं, जिनके बारे में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसी स्थिति दर्ज की गई है। मुंबई में करीब 30 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड पहले ही इस तरह की श्रेणी में बताए गए थे। बाद में जारी प्रारूप मतदाता सूची में मुंबई के कुल मतदाताओं की संख्या में करीब 36 लाख की कमी दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई है।


क्या है SIR और क्यों हो रही है मतदाता सूची की जांच?

चुनाव आयोग की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलत, दोहराए गए या ऐसे नामों की पहचान करना है, जो अब संबंधित पते पर मौजूद नहीं हैं। इस प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण और Enumeration Forms की जांच की। जिन मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो सके या जिनके रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं हो पाया, उन्हें अलग श्रेणी में रखा गया। इसी क्रम में ASDD सूची तैयार की गई। इसमें मुख्य रूप से ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनके बारे में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट होने की जानकारी सामने आई।


मुंबई में लाखों मतदाताओं के रिकॉर्ड प्रभावित

अगस्त में SIR प्रक्रिया पूरी होने से पहले मुंबई में करीब 30 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड untraced/uncollected बताए गए थे। यह मुंबई के मतदाताओं का करीब 29.6 प्रतिशत था। इन रिकॉर्ड को ASDD श्रेणी में रखा गया था और ऐसी स्थिति में नाम प्रारूप मतदाता सूची से बाहर रह सकता था। इसके बाद 31 अगस्त को महाराष्ट्र की प्रारूप मतदाता सूची जारी हुई। रिपोर्टों के मुताबिक मुंबई में मतदाताओं की संख्या पिछली सूची की तुलना में करीब 36 लाख कम हुई है। हालांकि इसे सीधे-सीधे इतने मतदाताओं के स्थायी रूप से वोटर लिस्ट से हटाए जाने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि पात्र मतदाताओं के लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया अभी जारी है।


BMC ने जारी की ASDD सूची

मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मुंबई सिटी और मुंबई सबर्बन के लिए Assembly Constituency और Polling Station के आधार पर ASDD मतदाता सूची उपलब्ध कराई है। BMC की वेबसाइट पर मुंबई सिटी के विधानसभा क्षेत्रों 178 से 187 और मुंबई सबर्बन के विधानसभा क्षेत्रों 152 से 177 की संबंधित सूचियां उपलब्ध कराई गई हैं। इसका मकसद यह है कि मतदाता यह जांच सकें कि उनका नाम किस स्थिति में दर्ज है और यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलत तरीके से सूची से बाहर रह गया है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दाखिल कर सके।


नाम गायब है तो क्या करें?

यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए निर्धारित अवधि में Form 6 के जरिए नाम शामिल कराने का आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच Voter Services Portal तथा संबंधित चुनाव कार्यालय के माध्यम से कर सकते हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 के लिए मतदाता सूची और नाम खोजने की सुविधा भी उपलब्ध है।


अंतिम मतदाता सूची कब आएगी?

महाराष्ट्र में संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को जारी की गई। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। इससे पहले चुनाव अधिकारियों की ओर से दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। इसलिए प्रारूप सूची में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि मामला अंतिम रूप से खत्म हो गया है।


राजनीतिक बहस भी तेज

मुंबई और महाराष्ट्र में मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से मतदाता रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों और पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, SIR प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी सूची को अधिक सटीक बनाना है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया में दावे, आपत्तियां और सत्यापन का चरण इसलिए रखा गया है ताकि वास्तविक और पात्र मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिल सके।


मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी बात

मुंबई के मतदाताओं के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण है कि वे अपना नाम प्रारूप मतदाता सूची में जरूर जांचें। अगर नाम नहीं मिलता है या जानकारी में गलती है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा या सुधार के लिए आवेदन करना जरूरी है। BMC ने भी ASDD सूची उपलब्ध कराई है, जिससे मतदाता अपने क्षेत्र और मतदान केंद्र के आधार पर रिकॉर्ड की स्थिति देख सकते हैं।


महाराष्ट्र की SIR प्रक्रिया के बाद मुंबई की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। लाखों रिकॉर्ड ASDD या अन्य सत्यापन श्रेणियों में आए हैं और प्रारूप सूची में मुंबई के मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी दर्ज हुई है। हालांकि इसे अंतिम रूप से वोटर का नाम हटना नहीं माना जाना चाहिए। दावा और आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी और 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।