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UP Police की टीम पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची, मुझे तलाश रही थी: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में लगाया गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश पुलिस पर पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उपाध्याय का दावा है कि 22-23 अगस्त की दरम्यानी रात UP Police की एक टीम उन्हें तलाशते हुए पूर्व दिल्ली मेयर फरहाद सूरी के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित घर तक पहुंची। पत्रकार ने इस कथित कार्रवाई के पीछे पुलिस की मंशा पर सवाल उठाते हुए टीम की मूवमेंट, अनुमति, CCTV और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कोर्ट से तलब करने की मांग की है।

Sonali05 सित. 2026, 06:36 PM IST
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UP Police की टीम पूर्व दिल्ली मेयर के घर पहुंची, मुझे तलाश रही थी: पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में लगाया गंभीर आरोप

पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पुलिस की एक टीम उन्हें तलाशते हुए पूर्व दिल्ली मेयर फरहाद सूरी के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित घर में पहुंची थी। उपाध्याय के मुताबिक यह घटना 22 और 23 अगस्त की दरम्यानी रात की है। उन्होंने इस मामले में कोर्ट से पुलिस कार्रवाई से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड तलब करने की मांग की है। अभिषेक उपाध्याय ने 3 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया। इसमें उन्होंने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम कथित तौर पर फरहाद सूरी के घर पहुंची थी और वहां उनकी तलाश की गई। हालांकि, उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि वह खुद उस समय सूरी के घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि घटना की वास्तविक स्थिति और पुलिस टीम वहां किस उद्देश्य से पहुंची थी, यह आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट होना चाहिए।

पुलिस टीम के दिल्ली पहुंचने का रिकॉर्ड मांगा

पत्रकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम की दिल्ली यात्रा और कथित कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड कोर्ट के सामने पेश किए जाएं। इनमें दिल्ली जाने की अनुमति या प्राधिकरण, पुलिसकर्मियों की मूवमेंट डिटेल, इस्तेमाल किए गए वाहनों की जानकारी, दिल्ली पुलिस के साथ हुई बातचीत और CCTV, बॉडी-कैमरा सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं। उपाध्याय ने यह भी दावा किया है कि जिस पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर फरहाद सूरी के घर पहुंची टीम का नेतृत्व किया था, वही अधिकारी उनके खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई में भी शामिल है। इसी आधार पर उन्होंने मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर न्यायिक निगरानी की जरूरत बताई है।

राम मंदिर डोनेशन स्कैम की रिपोर्टिंग से जोड़कर लगाया आरोप

अभिषेक उपाध्याय ने इससे पहले गाजियाबाद पुलिस द्वारा दर्ज रोड-रेज FIR को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका आरोप है कि यह FIR उन्हें परेशान करने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज की गई और इसका संबंध उनकी पत्रकारिता तथा राम मंदिर डोनेशन स्कैम समेत सरकारी विभागों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों की रिपोर्टिंग से है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने उन्हें गाजियाबाद रोड-रेज FIR में फिलहाल जबरन कार्रवाई से सुरक्षा दी थी और पुलिस से FIR की कॉपी उपलब्ध कराने को कहा था।

इसके बाद मामला उस समय और गंभीर हो गया जब गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने कथित तौर पर X से उनके अकाउंट से जुड़ी विस्तृत डिजिटल जानकारी मांगी। इसमें IP एड्रेस और डिवाइस संबंधी जानकारी भी शामिल थी, जो 1 जून से मांगी गई थी। उपाध्याय ने दलील दी कि ऐसी जानकारी हासिल करने से उनके पत्रकारिता स्रोतों की पहचान उजागर हो सकती है, खासकर उन लोगों की, जिन्होंने राम मंदिर डोनेशन से जुड़ी उनकी जांच में जानकारी उपलब्ध कराई थी।

पूर्व मेयर ने भी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

इस पूरे घटनाक्रम में फरहाद सूरी की ओर से भी अलग कानूनी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कथित रूप से बिना उचित अनुमति उनके घर में प्रवेश करने वाली पुलिस टीम के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए अलग से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस याचिका में उनका प्रतिनिधित्व अधिवक्ता अनूप प्रकाश अवस्थी कर रहे हैं। अब उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ हुई विभिन्न पुलिस कार्रवाइयों और कथित दिल्ली ऑपरेशन को एक साथ देखते हुए यह जांच की जाए कि कहीं जांच की शक्तियों का इस्तेमाल चुनिंदा या अनुपातहीन तरीके से तो नहीं किया गया। मामले में आगे कोर्ट का रुख महत्वपूर्ण होगा।