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मस्जिदों से उतारे गए 90 से ज्यादा लाउडस्पीकर, बिजनौर में 3 दिन चलेगा अभियान l
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बिना अनुमति और तय ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में बजाए जा रहे लाउडस्पीकरों के खिलाफ पुलिस ने तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। पहले दिन 90 से ज्यादा धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाकर कब्जे में लिए गए। पुलिस ने इमामों और संबंधित लोगों को निर्धारित डेसिबल सीमा में ही ध्वनि रखने की सख्त हिदायत दी है।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में लाउडस्पीकरों को लेकर पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। बिना अनुमति लगाए गए और निर्धारित मानक से अधिक तेज आवाज में बजाए जा रहे लाउडस्पीकरों की पहचान कर उन्हें हटाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, यह विशेष अभियान तीन दिनों तक चलेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को जिला जेल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर और पुलिस अधीक्षक के.के. बिश्नोई ने आसपास की एक मस्जिद से अजान की तेज आवाज सुनी। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को जिले में लाउडस्पीकरों की जांच कराने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही पुलिस टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान शुरू कर दिया।
चांदपुर सर्किल में 80 स्थानों पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, अभियान के पहले दिन चांदपुर सर्किल के 80 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवाए गए। इनमें चांदपुर क्षेत्र के 22, नूरपुर के 28, हीमपुर दीपा के 17 और शिवाला कला के 13 धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा नगीना क्षेत्र में भी एक दर्जन से अधिक स्थानों पर लगे लाउडस्पीकर उतरवाए गए। इस तरह पहले दिन जिले में 90 से ज्यादा स्थानों पर लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने हटाए गए लाउडस्पीकरों को अपने कब्जे में ले लिया है।
तय डेसिबल सीमा में आवाज रखने के निर्देश
एसपी के.के. बिश्नोई के मुताबिक, ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों के तहत निर्धारित सीमा का पालन कराया जा रहा है। पुलिस ने धार्मिक स्थलों के इमामों और प्रबंधन से जुड़े लोगों को निर्देश दिया है कि लाउडस्पीकर की आवाज तय मानक के भीतर रखी जाए। पुलिस के अनुसार, दिन के समय 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल की सीमा बताई गई है। साथ ही ध्वनि परिसर की सीमा के भीतर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अगले दो दिन भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस का तीन दिवसीय विशेष अभियान अभी जारी है। अगले दो दिनों में भी जिले के अलग-अलग इलाकों में लाउडस्पीकरों की जांच की जाएगी। बिना अनुमति या निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य ध्वनि संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखना है।
