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25 हाईकोर्ट में अब नहीं रहेगा Acting Chief Justice का दौर! केंद्र ने 8 नए Chief Justices की नियुक्ति को दी मंजूरी

देश की हाईकोर्ट व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने 8 हाईकोर्ट के लिए नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही देश के सभी 25 हाईकोर्ट को अब स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गए हैं। लंबे समय से Acting Chief Justice के भरोसे चल रहे हाईकोर्ट में अब पूर्णकालिक नेतृत्व होगा, जिससे न्यायिक प्रशासन और लंबित मामलों की सुनवाई को गति मिलने की उम्मीद है।

Sonali07 सित. 2026, 05:08 PM IST
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25 हाईकोर्ट में अब नहीं रहेगा Acting Chief Justice का दौर! केंद्र ने 8 नए Chief Justices की नियुक्ति को दी मंजूरी


नई दिल्ली: 

देश की न्यायपालिका के लिए 5 सितंबर 2026 का दिन बेहद अहम रहा। केंद्र सरकार ने शनिवार को देश के आठ हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। इन नियुक्तियों के साथ अब देश के सभी 25 हाईकोर्ट स्थायी यानी पूर्णकालिक चीफ जस्टिस के नेतृत्व में काम करेंगे। इससे पहले कई हाईकोर्ट ऐसे थे जहां स्थायी चीफ जस्टिस की नियुक्ति नहीं होने के कारण Acting Chief Justice प्रशासनिक और न्यायिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। केंद्र की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश होंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को इसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उड़ीसा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है। इसके अलावा गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।


क्यों खाली हुए थे कई हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के पद?

दरअसल, जून 2026 में चार हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किए जाने के बाद कई हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के पद खाली हो गए थे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण पल्ली को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया था। इन पदों के खाली होने के बाद संबंधित हाईकोर्ट में वरिष्ठ न्यायाधीशों को Acting Chief Justice की जिम्मेदारी दी गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट में भी सितंबर 2025 से जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी तरह कलकत्ता हाईकोर्ट में जस्टिस तपाब्रत चक्रवर्ती और पटना हाईकोर्ट में जस्टिस सुधीर सिंह Acting Chief Justice के तौर पर कार्य कर रहे थे।


कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई नियुक्तियां

इन नियुक्तियों की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद आगे बढ़ी। कॉलेजियम ने विभिन्न हाईकोर्ट के लिए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने नियुक्तियों को मंजूरी दी और राष्ट्रपति की ओर से अधिसूचना जारी की गई। सभी हाईकोर्ट को अब स्थायी नेतृत्व मिलने से प्रशासनिक स्तर पर स्थिरता आने की उम्मीद है। साथ ही लंबित मामलों के प्रबंधन, न्यायिक प्रशासन और हाईकोर्ट की संस्थागत कार्यप्रणाली को भी मजबूती मिलने की संभावना है। यानी अब देश के सभी 25 हाईकोर्ट में Acting Chief Justice की व्यवस्था खत्म हो गई है और हर हाईकोर्ट को पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। न्यायपालिका के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।