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Old Monk को ‘Rum’ कहना पड़ा भारी! FSSAI की आपत्ति के बाद बदलेगा लेबल, हटेगा ‘7 Years Old Blended’ दावा
Old Monk को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। FSSAI ने कोर्ट में कहा कि Old Monk को सिर्फ “Rum” के नाम से नहीं बेचा जा सकता, क्योंकि इसमें अतिरिक्त आर्टिफिशियल और नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवरिंग का इस्तेमाल होता है। कंपनी ने अब लेबल पर “Added Flavour” या “Flavoured Rum” लिखने और “7 Years Old Blended” दावा हटाने पर सहमति जताई है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल बिक्री पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी है और मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

मुंबई:
देश के सबसे चर्चित शराब ब्रांड्स में शामिल Old Monk को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। FSSAI ने बॉम्बे हाईकोर्ट में साफ कहा है कि मौजूदा स्वरूप में Old Monk को केवल “Rum” के नाम से नहीं बेचा जा सकता, क्योंकि इसमें अतिरिक्त artificial और nature-identical rum flavouring substances का इस्तेमाल होता है। नियामक के मुताबिक इससे उत्पाद की प्राकृतिक पहचान बदल जाती है और उपभोक्ता को गुमराह करने की स्थिति पैदा होती है।
मामले की सुनवाई Acting Chief Justice Ravindra Ghuge और Justice Gautam Ankhad की डिवीजन बेंच कर रही है। विवाद Old Monk के महाराष्ट्र में बिक्री पर लगाए गए नियामकीय प्रतिबंध और उसके लेबल से जुड़ा है। FSSAI की आपत्तियों के बाद कंपनी ने अब अपने लेबल में बड़े बदलाव करने पर सहमति जताई है।
FSSAI ने क्यों उठाया Old Monk पर सवाल?
FSSAI का कहना है कि जिस उत्पाद को “Rum” के तौर पर बेचा जा रहा है, उसमें artificial और nature-identical rum flavouring substances मौजूद हैं। नियामक के अनुसार ऐसे flavouring agents रम की प्राकृतिक विशेषताओं को ढकते हैं और उत्पाद की वास्तविक पहचान बदल देते हैं। FSSAI ने कोर्ट में यह भी कहा कि अगर किसी उत्पाद में अतिरिक्त flavour का इस्तेमाल किया गया है, तो उसके लेबल पर स्पष्ट रूप से “Flavoured” या “Premix Rum” जैसे शब्दों का उल्लेख होना चाहिए, ताकि ग्राहक को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति के बारे में भ्रम न हो।
‘7 Years Old Blended’ दावे पर भी सवाल
विवाद सिर्फ “Rum” शब्द तक सीमित नहीं है। FSSAI ने Old Monk की बोतल पर लिखे “7 Years Old Blended” और “Very Old Vatted” जैसे दावों पर भी आपत्ति जताई है। नियामक के मुताबिक किसी blended alcoholic beverage की उम्र बताते समय मिश्रण में इस्तेमाल किए गए सबसे कम उम्र वाले spirit की उम्र को आधार माना जाना चाहिए, न कि सबसे पुराने spirit को। FSSAI ने आरोप लगाया कि इस तरह का दावा Regulation 1.3.7 of the Food Safety and Standards (Alcoholic Beverages) Regulations, 2018 के तहत भ्रामक हो सकता है।
कंपनी ने माना—लेबल बदलेगा
सुनवाई के दौरान Old Monk की निर्माता कंपनी Mohan Rocky Springwater Pvt Ltd की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Navroz Seervai ने कोर्ट को बताया कि कंपनी उत्पाद के लेबल में बदलाव करने के लिए तैयार है। कंपनी “Added Flavour” या “Flavoured Rum” जैसे शब्द लेबल पर शामिल करेगी। साथ ही “7 Years Old Blended” का दावा भी हटाया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद में अतिरिक्त flavouring के इस्तेमाल की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी।
महाराष्ट्र में बिक्री पर अभी राहत नहीं
कंपनी के लेबल बदलने के प्रस्ताव के बावजूद बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल उसे कोई अंतरिम राहत नहीं दी है। कोर्ट ने राज्य के Excise Department से पूछा कि संशोधित लेबल को मंजूरी देने में कितना समय लगेगा। राज्य की ओर से बताया गया कि नए लेबल की मंजूरी में सामान्य तौर पर करीब एक महीने का समय लग सकता है, जबकि संशोधित लेबल के मामले में 15 से 45 दिन तक लग सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 11 सितंबर तक टाल दिया।
उपभोक्ताओं के लिए क्यों अहम है मामला?
यह विवाद सिर्फ एक लोकप्रिय ब्रांड के लेबल का मामला नहीं है। इसके केंद्र में यह सवाल है कि किसी alcoholic beverage को किस श्रेणी में रखा जाए और बोतल पर उसके ingredients और characteristics के बारे में ग्राहक को कितनी स्पष्ट जानकारी दी जाए। बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही यह तय करने में अहम हो सकती है कि अतिरिक्त flavouring वाले उत्पादों को “Rum” के तौर पर किस सीमा तक बाजार में पेश किया जा सकता है। फिलहाल कंपनी को लेबल में बदलाव करना होगा और Old Monk की बिक्री को लेकर अंतिम तस्वीर अगली सुनवाई के बाद ही साफ होगी।
