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सरकारी जमीन पर प्रशासन की नजर, Land Records होंगे और मजबूत

महाराष्ट्र में सरकारी जमीन और Land Records को लेकर Revenue Administration की भूमिका अहम बनी हुई है। 7/12 Extract, Property Card और e-Ferfar जैसे digital records के जरिए जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट रखने पर जोर है। वहीं, सरकारी जमीन पर Encroachment के मामलों में Maharashtra Land Revenue Code के तहत जिला स्तर पर कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया जारी रहती है।

Neha Sharma07 सित. 2026, 05:08 PM IST
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सरकारी जमीन पर प्रशासन की नजर, Land Records होंगे और मजबूत

मुंबई: महाराष्ट्र में सरकारी जमीन और उससे जुड़े Land Records, Encroachment तथा Revenue मामलों पर प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य का Revenue Department सरकारी जमीन से जुड़े मामलों, भूमि अभिलेखों और विभिन्न भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, जिला स्तर पर कलेक्टर और राजस्व प्रशासन सरकारी जमीन से जुड़े विवादों और अतिक्रमण के मामलों पर कार्रवाई करते हैं।


डिजिटल Land Records पर बढ़ा जोर

महाराष्ट्र के भूमि अभिलेख विभाग ने जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर 7/12, 8A, Property Card और e-Ferfar जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। विभाग के अनुसार अधिकार अभिलेखों को computerized और digitally signed रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड तक नागरिकों की आसान पहुंच बनाना और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। 7/12 और Property Card जैसे रिकॉर्ड जमीन के अधिकार और संबंधित प्रविष्टियों की जानकारी समझने में महत्वपूर्ण होते हैं।


Mutation यानी फेरफार की भी निगरानी

भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था में Mutation यानी फेरफार का महत्वपूर्ण स्थान है। महाराष्ट्र के e-Ferfar सिस्टम में registered और unregistered documents से जुड़े mutation की जानकारी और statistics उपलब्ध कराई जाती है। आधिकारिक पोर्टल पर इन रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। इससे जमीन के रिकॉर्ड में होने वाले बदलावों को डिजिटल सिस्टम के जरिए track करने में मदद मिलती है।


सरकारी जमीन पर Encroachment के मामलों में कार्रवाई

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामलों में जिला प्रशासन और Revenue authorities कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर सकते हैं। महाराष्ट्र के कुछ जिलों में हाल के महीनों में ऐसे मामलों से जुड़े public notices भी जारी किए गए हैं। नांदेड़ में Gurudwara land से संबंधित encroachment मामले में Maharashtra Land Revenue Code, 1966 की Section 53 के तहत public notices जारी किए गए हैं। ये notices Bombay High Court की Aurangabad Bench में लंबित Writ Petition No. 14958/2025 से संबंधित हैं। यह उदाहरण दिखाता है कि जमीन से जुड़े विवादों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ न्यायिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


ग्रामीण इलाकों में सरकारी जमीन के Encroachment को लेकर नीति

महाराष्ट्र सरकार के Rural Development and Panchayat Raj Department ने जनवरी 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों में residential purposes के लिए government land पर encroachments को regularise करने की policy में amendments से संबंधित Government Resolution जारी किया था। यह बदलाव Housing for All-2022 policy के प्रभावी implementation से जुड़ा था। इसका मतलब यह है कि सरकारी जमीन से जुड़े हर मामले में केवल हटाने की कार्रवाई ही मुद्दा नहीं है; कुछ निर्धारित परिस्थितियों में regularisation से जुड़ी सरकारी नीति भी लागू हो सकती है। इसलिए किसी भी जमीन को लेकर फैसला उसके रिकॉर्ड, कब्जे की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर किया जाता है।


Revenue Department की भूमिका अहम

जिला स्तर पर Revenue administration के जिम्मे government land से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम होते हैं। उदाहरण के तौर पर Satara जिला प्रशासन के Revenue Department के अनुसार विभाग Government Land Projects, land-related matters और अन्य संबंधित मामलों पर नियंत्रण एवं प्रक्रिया से जुड़ा है। इसी तरह Chhatrapati Sambhajinagar जिले के Kannad Sub-Divisional Office के आधिकारिक विवरण में revenue records को maintain, preserve और update करना तथा Maharashtra Land Revenue Code, 1966 से जुड़े कार्यों को विभागीय जिम्मेदारियों में शामिल किया गया है।


जमीन के रिकॉर्ड की जांच क्यों महत्वपूर्ण?

सरकारी जमीन पर किसी दावे, कब्जे या विवाद की स्थिति में Survey Number/Gat Number, 7/12 Extract, Property Card, फेरफार entries और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। डिजिटल Land Records व्यवस्था का उद्देश्य इन रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित और आसानी से उपलब्ध कराना है। महाराष्ट्र भूमि अभिलेख विभाग के अनुसार उसकी कई notified services अब Aaple Sarkar portal पर भी उपलब्ध हैं।


आगे प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

महाराष्ट्र में तेजी से हो रहे शहरीकरण और जमीन की बढ़ती मांग के बीच सरकारी जमीन की पहचान, रिकॉर्ड का नियमित updating और encroachment मामलों का निपटारा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है। ऐसे में accurate land records + digital mutation system + field-level verification + legal action का बेहतर coordination सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए अहम हो सकता है।


फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि महाराष्ट्र में Land Records को digital और updated रखने तथा encroachment से जुड़े मामलों को Revenue framework के तहत संभालने पर प्रशासनिक स्तर पर काम जारी है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की प्रकृति और कानूनी स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए किसी विशेष जमीन को “सरकारी जमीन” या “अतिक्रमित जमीन” बताने से पहले उसके आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित प्रशासनिक आदेश की जांच जरूरी है।