दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पत्रकार सुधीर चौधरी, एस्प्रिट प्रोडक्शंस और सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती (DD News) को एक्टिविस्ट विजय शेरावत की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे में समन जारी किया। मामले की सुनवाई जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने की।
विवाद किस बयान को लेकर है?
विजय शेरावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि 27 अगस्त को DD News पर प्रसारित एक कार्यक्रम के दौरान सुधीर चौधरी ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। दावा है कि कार्यक्रम में उन्हें कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन से जोड़ते हुए यह कहा गया कि वह संसद को नष्ट करने और भारत में नेपाल जैसे हालात पैदा करने की बात कर रहे थे। शेरावत का कहना है कि इस तरह के कथित आरोपों से उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने सुधीर चौधरी और अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ ₹5 करोड़ के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
अंतरिम रोक की भी मांग
मानहानि के हर्जाने के अलावा शेरावत ने कोर्ट से अंतरिम राहत भी मांगी है। उनकी अर्जी में सुधीर चौधरी और अन्य प्रतिवादियों को कथित आरोपों को दोबारा प्रकाशित, प्रसारित या किसी अन्य माध्यम से दोहराने से रोकने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस अंतरिम निषेधाज्ञा की अर्जी पर भी नोटिस जारी किया है। हालांकि, इस चरण पर कोर्ट ने आरोपों की सत्यता या मानहानि के दावे के गुण-दोष पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने अंतरिम रोक की मांग पर सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई में अंतरिम राहत के मुद्दे पर विचार किया जाएगा। मामला फिलहाल शुरुआती चरण में है। समन जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने सुधीर चौधरी या अन्य प्रतिवादियों को मानहानि का दोषी ठहरा दिया है। आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों के दावों और जवाबों के आधार पर अदालत मामले पर आगे विचार करेगी।