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राम मंदिर दान चोरी केस: 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ी l
अयोध्या के राम मंदिर में दान की रकम और कीमती सामान के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। एंटी-करप्शन कोर्ट के विशेष जज रजत वर्मा ने यह आदेश दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक अब तक 79.85 लाख रुपये की बरामदगी हुई है। आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सितंबर में अलग-अलग तारीखों पर सुनवाई होगी।

अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के दान की गिनती से जुड़े कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। अयोध्या की एंटी-करप्शन कोर्ट ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ा दी है। यह आदेश विशेष जज रजत वर्मा ने दिया। मामले में राज्य सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद दान की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के रूप में हुई है। आरोपियों की ओर से वकील कुल शेखर सिंह ने बताया कि कोर्ट ने सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 18 सितंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया है। बचाव पक्ष की ओर से दान की गिनती की प्रक्रिया को लेकर भी कोर्ट के सामने दलीलें रखी गई हैं।
आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
वकील के मुताबिक, आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने अपनी जमानत याचिका में दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष का कहना है कि दान की गिनती की प्रक्रिया में सिर्फ गिरफ्तार किए गए आठ आरोपी ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोग भी शामिल थे। वकील ने बताया कि तीन आरोपियों की जमानत अर्जियों पर 11 सितंबर को सुनवाई होगी। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों की अर्जियों पर 14 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। बाकी दो आरोपियों की जमानत अर्जियों पर 15 सितंबर को सुनवाई होगी।
जांच में 79.85 लाख रुपये की बरामदगी का दावा
सरकारी पक्ष के अनुसार, यह मामला राम मंदिर में भक्तों की ओर से चढ़ाए गए नकद और कीमती सामान के कथित गबन से जुड़ा है। जांचकर्ताओं ने अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं।मामले में गिरफ्तार ज्यादातर आरोपी बैंक कर्मचारी बताए गए हैं, जिन्हें मंदिर में नकद दान की गिनती के लिए तैनात किया गया था। सुभाष श्रीवास्तव दान की गिनती की प्रक्रिया के इंचार्ज थे, जबकि रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव ड्राइवर के तौर पर काम करता था।
बैंक खाते को लेकर भी कोर्ट में अर्जी
इससे पहले मंगलवार को बचाव पक्ष ने सुभाष श्रीवास्तव के केनरा बैंक खाते को अनफ्रीज करने की मांग की थी। वकील ने दलील दी थी कि इस खाते में उनकी पेंशन आती है और परिवार के रोजमर्रा के खर्च इसी रकम से चलते हैं। हालांकि कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई 9 सितंबर तक टाल दी थी। फिलहाल जांच जारी है और अदालत में आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई का इंतजार है।
