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सागर में जहरीली शराब का कहर, 11 मौतें; 4 आबकारी अफसरों पर कार्रवाई l

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत की खबर है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की शराब दुकानों को सील कर सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर 3 आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने का शक जताया गया है।

Kashish Rai07 सित. 2026, 06:40 PM IST
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सागर में जहरीली शराब का कहर, 11 मौतें; 4 आबकारी अफसरों पर कार्रवाई l

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। शनिवार रात बंडा तहसील के घूघर, नौराज, बराज और आसपास के इलाकों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जिला प्रशासन के मुताबिक, घटना में अब तक 10 मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि स्थानीय बीजेपी विधायक वीरेंद्र लोधी ने मृतकों की संख्या 11 बताई है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है और संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 4 अधिकारियों पर कार्रवाई

घटना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय होने के बाद सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया। वहीं, उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। इस तरह मामले में कुल चार आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।

25 लोगों को दूसरे अस्पतालों में भेजा गया

बंडा विधायक वीरेंद्र लोधी के मुताबिक, बंडा सिविल अस्पताल से करीब 25 लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, बुखार और सिरदर्द जैसी शिकायत वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इनमें से तीन लोगों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (BMCH) भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन के मुताबिक इन मरीजों की हालत फिलहाल गंभीर नहीं है। मौतों की सही वजह स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शराब के सैंपल की जांच का इंतजार किया जा रहा है।

ललितपुर से शराब सप्लाई होने का शक

जांच में संदिग्ध शराब की सप्लाई के स्रोत को लेकर भी जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से शराब की सप्लाई होने की आशंका जताई गई है। सागर का प्रभावित क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा के करीब है, इसलिए पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि संदिग्ध शराब कहां तैयार हुई, इसे सागर तक कौन लेकर आया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

प्रभावित क्षेत्र की शराब दुकानें सील

घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाके की शराब दुकानों पर भी कार्रवाई की है। अलग-अलग जानकारी के मुताबिक छह से सात शराब दुकानों को सील किया गया है और वहां से शराब के सैंपल लिए जा रहे हैं। अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

शव रखकर चक्काजाम

घटना के विरोध में बंडा चौराहे पर एक मृतक का शव सड़क पर रखकर लोगों ने चक्काजाम किया। परिजनों के मुताबिक, मृतक ने शनिवार शाम शराब पी थी और इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। स्थिति को देखते हुए बंडा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

कांग्रेस ने न्यायिक जांच की मांग की

घटना को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शराब माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है। बंडा के पूर्व कांग्रेस विधायक तरवर लोधी ने भी दावा किया कि क्षेत्र के कई गांवों में शनिवार रात शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शराब के सैंपल की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी और संदिग्ध शराब की सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल थे।