गुजरात में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए राज्य के हर जिले और शहर में Anti-Narcotics Wing बनाने का फैसला किया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने राज्य स्तर की Anti-Narcotics Task Force की तर्ज पर इन विशेष यूनिट्स के गठन का आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, सभी नई यूनिट्स को 7 दिनों के भीतर काम शुरू करना होगा। अभी तक गुजरात में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई मुख्य रूप से Local Crime Branch, Special Operation Group और स्थानीय पुलिस की टीमें करती थीं। अब इनके साथ Anti-Narcotics Wing भी NDPS से जुड़े अपराधों पर विशेष रूप से कार्रवाई करेगी।
हर यूनिट में होंगे 8 पुलिसकर्मी
पुलिस महानिदेशक के आदेश के अनुसार, हर Anti-Narcotics Wing में कुल 8 पुलिसकर्मी होंगे। टीम में:
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1 इंस्पेक्टर
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1 सब-इंस्पेक्टर
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2 ASI
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4 कॉन्स्टेबल
शामिल होंगे। टीम को अलग वाहन और ड्राइवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिला स्तर पर यह यूनिट संबंधित SP की निगरानी में काम करेगी। यह विशेष टीम केवल NDPS यानी Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act से जुड़े अपराधों पर फोकस करेगी। टीम की जिम्मेदारी ड्रग पैडलरों की गतिविधियों और ड्रग हॉटस्पॉट्स पर लगातार नजर रखना होगी।
5 साल में 13,600 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त
गुजरात पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में NDPS Act के तहत 3,700 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए और 5,436 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इस दौरान पुलिस ने करीब 1.36 लाख किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 13,600 करोड़ रुपये बताई गई है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
नई Anti-Narcotics Wing को एक Specialized Task Force के तौर पर काम करना होगा। जांच के दौरान किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुजरात पुलिस पहले से ही ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और मुखबिरों को प्रोत्साहित करने के लिए Drug Reward Policy और Out-of-Turn Promotion Policy लागू कर चुकी है। नई व्यवस्था के जरिए सरकार का लक्ष्य राज्य में ड्रग्स की सप्लाई, पैडलरों और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाकर नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।