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महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत! गिरफ्तारी वारंट रद्द, अब MP/MLA स्पेशल कोर्ट में चलेगा मामला
TMC सांसद महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट और मजिस्ट्रेट द्वारा लिए गए संज्ञान को रद्द कर दिया है। हालांकि मामला खत्म नहीं हुआ है—अब शिकायत को सांसदों और विधायकों के मामलों के लिए बनी स्पेशल कोर्ट में भेजा गया है, जहां मामले पर कानून के मुताबिक नए सिरे से फैसला होगा।

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कृष्णनगर के मजिस्ट्रेट द्वारा उनके खिलाफ लिए गए संज्ञान और उसके बाद जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट समेत सभी परिणामी आदेशों को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि चूंकि महुआ मोइत्रा मौजूदा सांसद हैं, इसलिए उनके खिलाफ लंबित शिकायत की सुनवाई सांसदों और विधायकों के मामलों के लिए निर्धारित विशेष अदालत में होनी चाहिए। 7 सितंबर 2026 को Justice Debangsu Basak और Justice Aryak Dutt की Division Bench ने महुआ मोइत्रा की Criminal Revision Petition का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने शिकायत को Bidhannagar, North 24-Parganas स्थित MPs/MLAs के लिए designated Special Court में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला Complaint Case No. 309 of 2026 से जुड़ा है, जो कृष्णनगर के 3rd Judicial Magistrate के समक्ष लंबित था। शिकायत के आधार पर मजिस्ट्रेट ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ संज्ञान लिया था और इसके बाद उनके खिलाफ कुछ परिणामी आदेश भी पारित किए गए थे। महुआ मोइत्रा ने मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिए जाने और आगे की कार्यवाही को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
Division Bench ने मजिस्ट्रेट द्वारा लिया गया संज्ञान और उसके बाद पारित सभी परिणामी आदेशों को रद्द कर दिया। इसका सीधा असर उस गिरफ्तारी वारंट पर भी पड़ा, जिसे अब प्रभावी नहीं माना जाएगा। हालांकि, हाईकोर्ट ने शिकायत को खत्म नहीं किया है। कोर्ट ने इसे उचित अधिकार क्षेत्र वाली विशेष अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रांसफर के बाद शिकायत को ‘pre-cognizance stage’ पर माना जाएगा। यानी नई अदालत इस मामले में कानून के अनुसार आगे संज्ञान लेने के सवाल पर स्वतंत्र रूप से विचार करेगी।
क्यों ट्रांसफर हुआ मामला?
हाईकोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि शिकायत एक sitting Member of Parliament यानी वर्तमान सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ लंबित है। सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए designated Special Courts बनाई गई हैं। इसी आधार पर अदालत ने निर्देश दिया कि कृष्णनगर मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित शिकायत को Bidhannagar स्थित MPs/MLAs के लिए designated Special Court में भेजा जाए।
महुआ मोइत्रा के लिए क्या मायने रखता है?
इस आदेश से महुआ मोइत्रा को तत्काल राहत मिली है क्योंकि मजिस्ट्रेट द्वारा लिया गया संज्ञान और उससे जुड़े आदेश रद्द हो गए हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शिकायत हमेशा के लिए समाप्त हो गई है। मामला अब विशेष अदालत के सामने नए सिरे से पहुंचेगा और वहां कानून के मुताबिक आगे की प्रक्रिया तय होगी।
किसने दिया आदेश?
यह आदेश 7 सितंबर 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट की Division Bench ने पारित किया। Bench में Justice Debangsu Basak और Justice Aryak Dutt शामिल थे।
अदालत ने महुआ मोइत्रा की criminal revision petition का निपटारा करते हुए शिकायत को MPs/MLAs के मामलों के लिए designated Special Court में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया।
