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PM मोदी ने वडोदरा में खोला विकास का पिटारा, ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 सितंबर 2026 को गुजरात के वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कुछ को राष्ट्र को समर्पित किया। कार्यक्रम में Dedicated Freight Corridor, Railway Connectivity, Infrastructure, Manufacturing, Renewable Energy और AI Skills समेत कई क्षेत्रों पर जोर दिया गया। PM मोदी ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीक भारत की आर्थिक रफ्तार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

वडोदरा, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को गुजरात के वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कुछ परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का उद्देश्य लोगों और सामान की आवाजाही को तेज करना, नए अवसर पैदा करना और आर्थिक विकास को गति देना है। कार्यक्रम वडोदरा के महारा को जा सयाजीराव विश्वविद्यालय के मैदान में आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री ने गुजरात के लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन विकास की दिशा में एक साथ आगे बढ़ने का प्रतीक है। उन्होंने वडोदरा में आयोजित कार्यक्रमदेश की विकास यात्रा और 'विकसित भारत' के लक्ष्य से जोड़ते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
2,800 किलोमीटर Dedicated Freight Corridor पूरा
प्रधानमंत्री के संबोधन में Dedicated Freight Corridor (DFC) प्रमुख मुद्दा रहा। उन्होंने कहा कि लगभग 2,800 किलोमीटर लंबे Dedicated Freight Corridor का काम पूरा होना 21वीं सदी के भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके जरिए माल ढुलाई के लिए अलग रेल नेटवर्क उपलब्ध हुआ है, जिससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को अधिक प्रभावी ढंग से अलग किया जा सकता है। PM मोदी ने कहा कि Eastern और Western Dedicated Freight Corridors देश के व्यापारिक नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण आधार बन रहे हैं। उनके मुताबिक इस नेटवर्क के कारण प्रतिदिन 430 से अधिक मालगाड़ियां चल सकती हैं। इससे माल की आवाजाही तेज होने के साथ-साथ ईंधन की बचत और परिवहन लागत में कमी आने की संभावना है।
ट्रक के 30 घंटे के सफर को 10-12 घंटे तक लाने का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि नए माल ढुलाई नेटवर्क से कुछ मार्गों पर माल की आवाजाही में लगने वाला समय काफी कम हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस माल को ट्रक से पहुंचाने में लगभग 30 घंटे लगते थे, वही यात्रा अब करीब 10 से 12 घंटे में पूरी हो सकती है। इससे लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूती मिलने के साथ कारोबार और उद्योगों को भी फायदा होगा। इसका असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फूल, फल और सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं को बड़े बाजारों और मंडियों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
एक डबल-स्टैक ट्रेन में 250 से ज्यादा ट्रकों जितना माल
प्रधानमंत्री ने JNPT से वडोदरा तक चलाए गए डबल-स्टैक कंटेनर फ्रेट ट्रेन का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार एक ऐसी ट्रेन में मुंबई से आने वाला ऐसा माल ले जाया गया, जिसकी क्षमता 250 से अधिक ट्रकों के बराबर थी। इससे बड़े पैमाने पर माल को कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की क्षमता का उदाहरण सामने आया।
गुजरात के आदिवासी इलाकों तक रेल कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री ने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ आदिवासी क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में रेल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जहां लंबे समय से रेल नेटवर्क की पहुंच सीमित थी। उन्होंने छोटा उदेपुर और अलीराजपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को नई रेल सेवा से मिलने वाले लाभ का भी उल्लेख किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार और नए कारोबार को बढ़ावा
PM मोदी ने कहा कि रेलवे, सड़क, मेट्रो, एयरपोर्ट और गैस पाइपलाइन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट केवल कनेक्टिविटी सुधारने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके आसपास नए उद्योग और कारोबार के अवसर भी पैदा होते हैं। उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण को रोजगार सृजन से जोड़ते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला निवेश बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।
वडोदरा बना Manufacturing और MSME का बड़ा केंद्र
प्रधानमंत्री ने वडोदरा के औद्योगिक इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शहर ने करीब 150 वर्षों में टेक्सटाइल से लेकर पेट्रोकेमिकल उद्योग तक का विकास देखा है और पिछले दो दशकों में यह एक महत्वपूर्ण MSME hub के रूप में भी उभरा है। उन्होंने वडोदरा को भारत में सैन्य परिवहन विमान निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए C-295 aircraft के निर्माण और यहां हुई पहली उड़ान का भी उल्लेख किया।
रेलवे निर्माण में भारत की बढ़ती क्षमता
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत ने रेलवे निर्माण के क्षेत्र में अपनी घरेलू क्षमता को काफी बढ़ाया है। उनके अनुसार इस अवधि में देश में 50,000 आधुनिक कोच बनाए गए और करीब 2.5 लाख वैगन रेलवे नेटवर्क में शामिल किए गए। उन्होंने इसे भारत के आधुनिक रेल कोच, मेट्रो कोच और रेल इंजन निर्माण की बढ़ती क्षमता से जोड़ा।
Solar Energy और PM Surya Ghar का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने देश में Solar PV manufacturing और renewable energy को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने Solar PV modules के घरेलू उत्पादन को बढ़ाया है और देश में लगभग 200 GW capacity का निर्माण हुआ है। उन्होंने PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana का भी उल्लेख किया। PIB के अनुसार प्रधानमंत्री ने बताया कि इस योजना से देशभर में करीब 55 लाख परिवार बिजली उत्पादन से जुड़े हैं, जिनमें गुजरात के करीब 11 लाख परिवार शामिल हैं।
AI और नई तकनीक के लिए मजबूत Energy Ecosystem पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में Artificial Intelligence और Data Centres जैसी तकनीकों के विस्तार के लिए मजबूत और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था जरूरी होगी। उन्होंने Uranium, Critical Minerals और Rare Earth Elements की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए भारत को मजबूत ऊर्जा और संसाधन आधार तैयार करना होगा।
युवाओं के लिए Skill Development और Free Coaching की बात
प्रधानमंत्री ने युवाओं की बदलती जरूरतों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल पारंपरिक डिग्री पर्याप्त नहीं है और युवाओं को लगातार नए कौशल सीखने और उन्हें अपग्रेड करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए सरकार Free Coaching की दिशा में पहल करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सरकार जिम्मेदारी उठाएगी।
AI Skills पर राष्ट्रीय स्तर पर जोर
PM मोदी ने Artificial Intelligence को केवल IT सेक्टर तक सीमित न बताते हुए इसे कृषि, स्वास्थ्य, रोबोटिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं को AI से जुड़े कौशल हासिल करने के लिए तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI आधारित क्षमताएं नई तरह के Innovation और Startups को बढ़ावा देने के साथ-साथ Manufacturing Productivity बढ़ाने में भी मदद कर सकती हैं।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं और जनसांख्यिकीय क्षमता का उपयोग करते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, स्किल्स, AI और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में लगातार काम करना इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का यह कार्यक्रम इसी व्यापक विकास रणनीति का हिस्सा है, जिसमें तेज कनेक्टिविटी, माल ढुलाई, औद्योगिक विकास, रोजगार और नई तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
