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सोना हुआ महंगा! ₹1.54 लाख के करीब पहुंचा 24 कैरेट Gold, जानें आज का भाव
Gold Price Today: 8 सितंबर 2026 को भारतीय बाजार में सोने की कीमत करीब ₹1.53–₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। International Market में भी Gold करीब $4,400 प्रति ounce के स्तर पर कारोबार कर रहा है। West Asia में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी डॉलर और US Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों का असर Gold Price पर दिखाई दे रहा है। निवेशकों की नजर अब आगामी US inflation data और Fed के फैसले पर है।

नई दिल्ली: सोने की कीमतों में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.53-1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा, जबकि MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स भी ऊंचे स्तर पर कारोबार करते दिखाई दिए। अलग-अलग बाजारों और अपडेट के समय के कारण दरों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। सोने की कीमतों में यह हलचल ऐसे समय में है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में US Dollar, अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमत और West Asia में बढ़ते तनाव जैसे कई factors बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। निवेशक महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता से जुड़े नए संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
24 कैरेट सोना ₹1.54 लाख के करीब
8 सितंबर के बाजार अपडेट के मुताबिक भारत में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,54,140 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर देखा गया। वहीं कुछ शुरुआती बाजार आंकड़ों में 24K गोल्ड करीब ₹1,53,290 प्रति 10 ग्राम था। इससे साफ है कि दिन के दौरान सोने की कीमतों में लगातार movement रही। मुंबई जैसे बड़े बाजार में भी 24 कैरेट सोने की कीमत सितंबर की शुरुआत की तुलना में नीचे रही है। Greater Mumbai में 1 सितंबर को 24K सोना ₹1,56,760 प्रति 10 ग्राम था, जो 8 सितंबर को ₹1,54,140 के आसपास दर्ज किया गया। यानी महीने की शुरुआत से करीब ₹2,620 प्रति 10 ग्राम की गिरावट रही।
MCX पर भी सोने में हलचल
कमोडिटी बाजार में MCX Gold भी मंगलवार को सक्रिय रहा। एक बाजार अपडेट के मुताबिक MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स करीब ₹1,52,750 प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि दूसरे अपडेट में शुरुआती कारोबार में गोल्ड करीब 1% बढ़कर ₹1.54 लाख के ऊपर पहुंचने की बात कही गई। इससे बाजार में volatility का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस तरह घरेलू bullion market और futures market में trading के समय के अनुसार कीमतों में अंतर दिखाई दे रहा है।
सोने के भाव क्यों बदल रहे हैं?
1. West Asia में बढ़ता तनाव
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा factor इस समय geopolitical uncertainty है। West Asia में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताओं के कारण निवेशकों में uncertainty बढ़ी है। ऐसे माहौल में सोने को पारंपरिक रूप से एक safe-haven asset माना जाता है। Strait of Hormuz से जुड़ी चिंताओं ने भी बाजार का ध्यान खींचा है। तेल की आपूर्ति पर संभावित असर की चिंता से crude prices में तेजी आई है, जिसका असर inflation expectations और global markets पर पड़ रहा है।
2. US Dollar का असर
सोने की international pricing आम तौर पर डॉलर में होती है। ऐसे में US Dollar की मजबूती या कमजोरी का gold prices पर सीधा असर पड़ सकता है। 8 सितंबर को डॉलर में नरमी ने gold को कुछ support दिया। कमजोर डॉलर से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए डॉलर में priced gold अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे demand को सहारा मिल सकता है।
3. अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर
इस समय बाजार की नजर US Federal Reserve की monetary policy पर भी है। मजबूत अमेरिकी economic data और inflation को लेकर चिंता ने ब्याज दरों के outlook को प्रभावित किया है। अगर ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो बिना ब्याज देने वाली asset class यानी gold पर दबाव आ सकता है। वहीं rate-cut की उम्मीद बढ़ने पर gold को support मिल सकता है।
4. महंगा Crude Oil
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी gold market के लिए महत्वपूर्ण है। 8 सितंबर को Brent crude करीब $98 प्रति barrel के आसपास और WTI crude $93 से ऊपर कारोबार कर रहा था। महंगा तेल global inflation को बढ़ा सकता है। यही वजह है कि investors आने वाले US inflation data और central-bank policy signals पर नजर बनाए हुए हैं।
International Market में Gold का क्या हाल?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में spot gold करीब $4,400 प्रति troy ounce के आसपास कारोबार कर रहा था। Reuters के मुताबिक मंगलवार को spot gold में करीब 0.1% की हल्की गिरावट दर्ज हुई और कीमत लगभग $4,399.99 प्रति ounce रही। US gold futures भी नीचे आए। यानी घरेलू बाजार में कीमतों में मजबूती के बावजूद global gold market में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है।
क्या आगे सोने के भाव और बढ़ेंगे?
फिलहाल gold market में uncertainty काफी ज्यादा है। Analysts की नजर मुख्य रूप से तीन चीजों पर है—US inflation data, Federal Reserve की interest-rate policy और geopolitical tensions। अगर geopolitical तनाव बढ़ता है और डॉलर कमजोर रहता है, तो gold को support मिल सकता है। इसके उलट मजबूत डॉलर और ऊंची interest rates सोने की तेजी पर दबाव डाल सकती हैं। कुछ market forecasts में 2026 के अंत तक gold के और ऊंचे स्तर पर जाने की संभावना जताई गई है, लेकिन ऐसे अनुमान निश्चित कीमत की गारंटी नहीं होते। इसलिए बाजार में short-term volatility बनी रह सकती है।
खरीदारी करने वालों के लिए क्या मायने?
सोने की कीमतें रिकॉर्ड के आसपास रहने के कारण jewellery खरीदने वालों के लिए लागत बढ़ी हुई है। इसके अलावा jewellery की final price सिर्फ gold rate से तय नहीं होती; इसमें making charges, GST और अन्य applicable charges भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए किसी भी खरीदारी से पहले उस दिन का local jeweller rate और final bill जरूर देखना चाहिए।
आगे किन संकेतों पर रहेगी नजर?
- US Inflation Data
- Federal Reserve Interest Rate Outlook
- US Dollar Index
- Crude Oil Prices
- West Asia Geopolitical Tensions
- Central Bank Gold Buying
- Global Gold ETF Demand
कुल मिलाकर, 8 सितंबर 2026 को सोना ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, लेकिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव जारी है। घरेलू कीमत करीब ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास और अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब $4,400 प्रति ounce के स्तर पर है। आगे की दिशा global economic data और geopolitical developments से तय होने की संभावना है।
