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NLSIU ने वापस लिया Convocation रद्द करने का फैसला, अब 17 अक्टूबर को होगी 34वीं वार्षिक दीक्षांत समारोह
NLSIU बेंगलुरु ने अपनी 34वीं Annual Convocation को लेकर बड़ा यू-टर्न लिया है। 12 सितंबर को रद्द किया गया दीक्षांत समारोह अब 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब CJI की Convocation में मौजूदगी को लेकर छात्रों के विरोध ने पूरे विवाद को चर्चा में ला दिया था।

बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने अपनी 34वीं वार्षिक Convocation को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय अब 17 अक्टूबर 2026 को अपना वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा। इससे पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित Convocation को “अपरिहार्य परिस्थितियों” का हवाला देते हुए रद्द कर दिया गया था। विश्वविद्यालय ने 9 सितंबर को graduating students को भेजे गए आधिकारिक ई-मेल के जरिए नई तारीख की जानकारी दी है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, 17 अक्टूबर को Convocation आयोजित करने का निर्णय 9 सितंबर 2026 को हुई Executive Council की 107वीं बैठक और General Council की 40वीं बैठक में लिया गया। इन दोनों बैठकों की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश ने NLSIU के Chancellor के रूप में की। हालांकि, विश्वविद्यालय की नई सूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 17 अक्टूबर को होने वाले समारोह में मुख्य न्यायाधीश स्वयं उपस्थित होंगे या नहीं। CJI की मौजूदगी का सवाल इसलिए अहम है क्योंकि इससे पहले Convocation में उनकी भागीदारी को लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच विरोध सामने आया था।
27 अगस्त को रद्द कर दिया गया था Convocation
दरअसल, NLSIU ने 27 अगस्त को एक आधिकारिक संचार के जरिए 34वीं Annual Convocation को रद्द करने की घोषणा की थी। यह समारोह 12 सितंबर को आयोजित किया जाना था। उस समय विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम रद्द करने के पीछे “unavoidable circumstances” यानी अपरिहार्य परिस्थितियों का हवाला दिया था। रद्द किए गए कार्यक्रम के संबंध में विश्वविद्यालय ने graduating students को उनकी डिग्री ‘in absentia’ प्रदान करने की व्यवस्था की थी। यानी छात्रों को पारंपरिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए बिना उनकी डिग्री प्रदान की जानी थी। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब NLSIU के 2026 graduating batch के छात्रों ने Convocation में CJI की भागीदारी को लेकर आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को graduating batch के छात्रों के साथ 120 से अधिक alumni ने NALSAR, हैदराबाद के छात्रों से जुड़े विवाद में Bar Council of India (BCI) की कार्रवाई पर चिंता जताई थी।
NALSAR विवाद और BCI से मांगी थी माफी
छात्रों और alumni ने BCI की ओर से NALSAR के outgoing batch के छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना की थी। उन्होंने BCI से NALSAR के छात्रों और faculty community से “unconditional apology” की मांग की थी। इसी पत्र में NLSIU के छात्रों ने Convocation के Chief Guest के रूप में CJI Surya Kant को लेकर पुनर्विचार करने की मांग भी की थी। साथ ही BCI Chairman और वरिष्ठ अधिवक्ता Manan Kumar Mishra की Convocation में मौजूदगी को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी। NLSIU के छात्रों ने NALSAR छात्रों के विरोध का समर्थन किया था। यह विरोध CJI की ओर से छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा से संबंधित कथित टिप्पणियों को लेकर था। अब विश्वविद्यालय ने 17 अक्टूबर की नई तारीख तय कर दी है। हालांकि, समारोह में CJI की मौजूदगी होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से जारी होने वाली अगली आधिकारिक अधिसूचना से स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
