दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। पटियाला हाउस कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता समेत तीन आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों में PG संचालक सुधांशु और बिल्डिंग ठेकेदार सनोज भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों की तीन दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने दो दिन की हिरासत मंजूर की। यह आदेश पटियाला हाउस कोर्ट के Judicial Magistrate First Class कौतुक भारद्वाज ने बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया।
मालिक के बेटे समेत तीन आरोपी पुलिस कस्टडी में
कोर्ट के आदेश के बाद बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता, PG संचालक सुधांशु और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार सनोज को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने अदालत के समक्ष तीनों आरोपियों से पूछताछ के लिए तीन दिन की कस्टडी मांगी थी। पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पांच मंजिला PG/हॉस्टल बिल्डिंग के निर्माण, संचालन और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही हादसे के पीछे किसी तरह की लापरवाही या निर्माण संबंधी अनियमितता की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
6 सितंबर को हुआ था दर्दनाक हादसा
दरअसल, 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG या हॉस्टल बिल्डिंग अचानक ढह गई थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। घटना में कई छात्रों की मौत होने और कई लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई थी। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके बेटे महेश गुप्ता और पत्नी उर्मिला को भी गिरफ्तार किया गया।
बिल्डिंग मालिक और पत्नी पहले ही न्यायिक हिरासत में
मामले में 7 सितंबर को बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता और उसकी पत्नी उर्मिला को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, महेश गुप्ता को पहले दो दिन की पुलिस हिरासत दी गई थी, जिसकी अवधि बुधवार को समाप्त हो गई। इसके बाद पुलिस ने महेश के साथ PG संचालक सुधांशु और ठेकेदार सनोज को भी पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजने की मांग की। अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हादसे से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। जांच में यह भी सामने आ सकता है कि बिल्डिंग की स्थिति, निर्माण कार्य और PG संचालन में किन नियमों का पालन किया गया था और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।