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बिहार में बाढ़ का बढ़ा दायरा, 14 जिलों में 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित l

बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के 84 प्रखंडों और 514 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। करीब 40.21 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। भागलपुर में गंगा का पानी नेशनल हाईवे-80 तक पहुंच गया है, जबकि कई जगह ग्रामीण सड़कें 3 से 4 फीट पानी में डूबी हैं। पटना में गंगा का जलस्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन नदी अभी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

Kashish Rai10 सित. 2026, 06:56 PM IST
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बिहार में बाढ़ का बढ़ा दायरा, 14 जिलों में 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित l

बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के अब तक 14 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इन जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतें प्रभावित हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 40.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में सड़कें और गांव पानी में डूबने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है। भागलपुर से लेकर पटना तक नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। कुछ जगह पानी घटने लगा है, लेकिन कई इलाकों में बाढ़ का संकट अभी भी बना हुआ है।

भागलपुर में हाईवे तक पहुंचा गंगा का पानी

भागलपुर में गंगा का पानी नेशनल हाईवे-80 तक पहुंच गया है। कई स्थानों पर सड़क पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। आसपास के कई गांव भी जलमग्न हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। भवनाथपुर चौक के पास ग्रामीण सड़क पर करीब 3 से 4 फीट पानी जमा है और पानी का बहाव भी तेज बताया जा रहा है। इसके बावजूद स्थानीय लोग जरूरी काम के लिए इसी रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। पानी में डूबी सड़कों के कारण गांवों से बाहर निकलना और जरूरी सामान लाना मुश्किल हो गया है।

पटना में गंगा अभी खतरे के निशान से ऊपर

पटना में गंगा और सोन नदी के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है, लेकिन गंगा अभी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर हाई फ्लड लेवल (HWL) से 27 सेंटीमीटर नीचे है। दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.09 मीटर और मनेर में 1.40 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि, पिछले चार दिनों में दीघा घाट पर जलस्तर 23 सेंटीमीटर और मनेर में 15 सेंटीमीटर कम हुआ है। इससे कुछ राहत के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन नदी का जलस्तर अभी भी चिंता का कारण बना हुआ है।

पुनपुन नदी से दक्षिणी पटना में परेशानी

पुनपुन नदी भी पटना के दक्षिणी इलाकों में मुश्किलें बढ़ा रही है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर बह रही है। यहां जलस्तर HWL से 36 सेंटीमीटर नीचे है। उधर, पटना से आगे मुंगेर और भागलपुर की ओर गंगा का दबाव बढ़ा है। 5 से 8 सितंबर के बीच मुंगेर में गंगा का जलस्तर करीब 50 सेंटीमीटर बढ़ा। हालांकि सोन नदी के कोइलवर में जलस्तर में कमी आई है। यहां तीन दिनों में पानी का स्तर 78 सेंटीमीटर घटकर 53.88 मीटर पर पहुंच गया।

14 जिलों में बाढ़ का असर

बिहार के जिन 14 जिलों में बाढ़ का असर है, उनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं। इन जिलों में 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं। करीब 40.21 लाख लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है। कुछ इलाकों में पानी घटने लगा है, लेकिन भागलपुर सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी होने से आवागमन अभी भी प्रभावित है। बाढ़ की स्थिति में लगातार बदलाव के बीच प्रशासन की चुनौती प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही, जरूरी सामान और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखने की है।