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म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत, FIR में 4-5 लड़कों पर आरोप l

मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में FIR की कॉपी सामने आई है। उनके 20 वर्षीय बेटे याइफाबा ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 6 सितंबर की रात घर के बाहर 4-5 लड़के उनके पिता के साथ मारपीट कर रहे थे। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विक्रम सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अब FIR में दर्ज आरोपों और घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

Kashish Rai10 सित. 2026, 06:59 PM IST
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म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत, FIR में 4-5 लड़कों पर आरोप l

मणिपुरी म्यूजिशियन सी. विक्रम सिंह की मौत के मामले में FIR की कॉपी सामने आने के बाद घटना को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। FIR उनके 20 वर्षीय बेटे याइफाबा ने दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे याइफाबा ने अपने पिता को घर के बाहर कुछ लड़कों से मारपीट के दौरान देखा था। याइफाबा के मुताबिक, उसने पिता के चिल्लाने की आवाज सुनी तो तुरंत घर से बाहर आया। वहां उसने 4-5 लड़कों को अपने पिता के साथ मारपीट करते देखा। बेटे के शोर मचाने के बाद सभी लड़के मौके से भाग गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि भागते समय उसने आरोपियों के चेहरे देख लिए थे और सामने आने पर वह उन्हें पहचान सकता है।

घायल पिता को अस्पताल ले जाया गया

FIR के मुताबिक, घटना के बाद याइफाबा ने अपनी मां जोलचा और पड़ोसी राडो की मदद से घायल सी. विक्रम सिंह को टैक्सी से अस्पताल ले जाने का फैसला किया। उन्हें होली फैमली हॉस्पिटल ले जाया गया। याइफाबा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि अस्पताल ले जाते समय टैक्सी में उसके पिता ने कथित तौर पर बताया था कि मारपीट करने वाले लड़के सामने वाले ढाबे से आए थे। FIR में यह भी दर्ज है कि इनमें से कुछ लड़कों के साथ विक्रम सिंह की पहले भी कहासुनी हुई थी।

शोर-शराबे को लेकर विवाद का आरोप

शिकायत के मुताबिक, विक्रम सिंह ने पहले कुछ लड़कों को शोर-शराबा करने से मना किया था। याइफाबा का आरोप है कि इसी बात को लेकर कुछ लड़के उसके पिता को पहले धमकाते भी थे। हालांकि, FIR में दर्ज ये बातें शिकायतकर्ता और मृतक के कथित बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की पुष्टि और घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच के बाद ही चलेगा।

अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

याइफाबा के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसके पिता की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें होली फैमली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बेटे ने अपनी शिकायत में पिता की मौत को उनके साथ हुई कथित मारपीट से जोड़ते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई

FIR के मुताबिक, पुलिस ने याइफाबा का बयान दर्ज किया है और उसने बयान को पढ़कर सही बताया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, मारपीट की वास्तविक वजह क्या थी और विक्रम सिंह की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल FIR में 4-5 लड़कों पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। FIR में लगाए गए आरोपों को अभी जांच के स्तर पर माना जाना चाहिए।