international
रूस की बढ़ती चुनौती से यूरोप अलर्ट, Defence Spending बढ़ाने की तैयारी
रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच यूरोपीय देशों ने Defence Spending बढ़ाने पर जोर तेज कर दिया है। NATO महासचिव मार्क रुटे ने यूरोप से यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखने और अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की अपील की है। NATO के अनुसार पिछले एक साल में सहयोगी देशों ने यूक्रेन के लिए 10 अरब डॉलर से अधिक की राशि आवंटित की है। वहीं EU के अनुमान के मुताबिक 2026 में सदस्य देशों का रक्षा खर्च €454 अरब तक पहुंच सकता है।

ब्रुसेल्स: रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच यूरोपीय देशों ने अपनी रक्षा तैयारियों और Defence Spending को बढ़ाने पर जोर तेज कर दिया है। NATO महासचिव मार्क रुटे ने 10 सितंबर 2026 को कहा कि रूस की यूक्रेन में जारी सैन्य कार्रवाई और यूरोप में बढ़ती Hybrid गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत है।
रूस को लेकर यूरोप की चिंता बढ़ी
यूक्रेन युद्ध अब केवल रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष तक सीमित चिंता नहीं माना जा रहा है। NATO के मुताबिक, रूस से जुड़े सैन्य और Hybrid Security Threats यूरोपीय देशों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन रहे हैं। इसी वजह से यूरोप में रक्षा बजट, सैन्य क्षमता और Defence Industry को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
NATO महासचिव मार्क रुटे ने कहा है कि यूक्रेन की सुरक्षा का सीधा संबंध व्यापक Euro-Atlantic Security से है। उनका कहना है कि यूरोप को मजबूत बनाने के लिए अधिक संसाधन, बेहतर सैन्य क्षमता और मजबूत Defence Industrial Base की जरूरत है।
यूरोप बढ़ा रहा Defence Investment
NATO के अनुसार, 2025 में यूरोपीय NATO सदस्यों और कनाडा ने अपने मुख्य रक्षा निवेश में 90 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी की थी, जो एक साल में करीब 20 फीसदी की वृद्धि थी। NATO ने 2026 में भी रक्षा निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई थी। जुलाई 2026 में NATO Summit के दौरान भी Defence Industry में बड़े निवेश की घोषणा हुई। NATO के अनुसार, सरकारों और उद्योगों ने 50 अरब यूरो से अधिक के नए Procurement Deals किए। इसके अलावा Drone Defence और Fuel Infrastructure को मजबूत करने के लिए भी बड़े निवेश की घोषणा की गई।
यूक्रेन की मदद जारी रखने पर जोर
यूरोप की बढ़ती Defence Spending का एक बड़ा हिस्सा यूक्रेन को समर्थन देने से भी जुड़ा है। NATO के मुताबिक, पिछले एक साल में सहयोगी देशों ने 10 अरब डॉलर से अधिक राशि PURL और अमेरिकी Foreign Military Sales के जरिए यूक्रेन के लिए आवंटित की है। इसमें EU Ukraine Support Loan के तहत 3.5 अरब डॉलर भी शामिल हैं। NATO का कहना है कि यूक्रेन को सैन्य सहायता में देरी का सीधा असर उसकी सुरक्षा क्षमता पर पड़ सकता है। इसलिए Air Defence और दूसरे जरूरी रक्षा संसाधनों की आपूर्ति जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
यूरोप को अपनी Defence Industry मजबूत करने की जरूरत
रूस के साथ लंबे समय से चल रहे युद्ध ने यूरोपीय देशों के सामने एक और चुनौती रखी है—क्या उनके पास लंबे समय तक सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त Defence Production Capacity है? NATO अब यूरोपीय Defence Industry को बढ़ाने, सैन्य उत्पादन क्षमता मजबूत करने और नई Technology में निवेश पर जोर दे रहा है। जून में रुटे ने भी कहा था कि Alliance को अधिक Forces, Resources और मजबूत Industrial Base की जरूरत है।
रूस की सैन्य क्षमता भी बनी चिंता
NATO के एक अन्य बयान में रुटे ने रूस को मौजूदा और दीर्घकालिक सुरक्षा चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि रूस बड़े स्तर पर रक्षा क्षेत्र में निवेश कर रहा है और यूक्रेन युद्ध से सैन्य अनुभव हासिल कर रहा है। इसी कारण यूरोपीय देशों के लिए अपनी Defence Preparedness बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूरोप के सामने नई सुरक्षा चुनौतियां
रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ यूरोप को Critical Infrastructure, Cyber Security और समुद्र के नीचे मौजूद Communication Cables की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। 10 सितंबर की Reuters रिपोर्ट के अनुसार, NATO सहयोगियों ने आर्कटिक क्षेत्र में रूसी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है और यूरोप में महत्वपूर्ण Undersea Infrastructure की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
आगे क्या?
यूरोप की रणनीति अब केवल यूक्रेन को सहायता देने तक सीमित नहीं दिख रही है। Defence Spending बढ़ाने, सैन्य उत्पादन क्षमता मजबूत करने, Critical Infrastructure की सुरक्षा और NATO की सामूहिक तैयारियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचने के बीच यूरोपीय देशों के लिए चुनौती यह है कि वे सुरक्षा खर्च बढ़ाने के साथ अपनी अर्थव्यवस्था और सामाजिक खर्च के बीच संतुलन भी बनाए रखें। आने वाले समय में Defence Investment यूरोप की आर्थिक और रणनीतिक नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रह सकता है।
