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कानपुर में नकली नोटों का खुलासा, 5वीं पास शख्स समेत 3 गिरफ्तार

कानपुर के रेलबाजार इलाके में पुलिस ने नकली करेंसी तैयार कर बाजार में खपाने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹2,04,650 की नकली करेंसी, प्रिंटर, स्याही, कागज और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार शेर सिंह की पढ़ाई पांचवीं कक्षा तक हुई है और उसे गिरोह का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। शुरुआती जांच में पिछले 3–4 महीनों से कानपुर और आसपास के इलाकों में नकली नोट चलाने की बात सामने आई है।

sd11 सित. 2026, 07:48 PM IST
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कानपुर में नकली नोटों का खुलासा, 5वीं पास शख्स समेत 3 गिरफ्तार

       कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने वाले कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रेलबाजार थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 2 लाख 4 हजार 650 रुपये की नकली करेंसी के साथ प्रिंटर, स्याही, कागज और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान शेर सिंह, सोमिल गुप्ता और रोशन अली के रूप में हुई है। शेर सिंह को कथित तौर पर इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक उसकी पढ़ाई पांचवीं कक्षा तक हुई है। पुलिस ने कार्रवाई रेल बाजार थाना क्षेत्र में रामलीला मैदान के पास किराए के कमरे में की, जहां कथित तौर पर नकली करेंसी तैयार की जा रही थी।

₹2.04 लाख की नकली करेंसी बरामद

पुलिस की बरामदगी में सबसे ज्यादा संख्या ₹100 के नकली नोटों की बताई गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक कुल बरामद नकली करेंसी में 1,991 नोट ₹100 के, 71 नोट ₹50 के और 4 नोट ₹500 के थे। इन सभी की कुल कीमत ₹2,04,650 बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने एक प्रिंटर, कैंची, पेपर कटर, स्केल, स्याही की बोतलें, कागज, ट्रॉली बैग और दूसरे सामान भी बरामद किए हैं।

पिछले 3–4 महीनों से चल रहा था खेल

पुलिस की शुरुआती पूछताछ के मुताबिक आरोपी पिछले 3–4 महीनों से कानपुर और आसपास के इलाकों में नकली करेंसी चलाने का काम कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि छोटे मूल्य के नोटों को छोटी-छोटी रकम के रूप में बाजार में इस्तेमाल किया जाता था। रेलवे स्टेशन और आसपास की छोटी दुकानों को कथित तौर पर निशाना बनाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, नकली नोटों को कुछ लोगों तक पहुंचाने के लिए एक असली रुपये के बदले तीन रुपये की नकली करेंसी देने का सौदा किया जाता था। हालांकि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई जा चुकी है, इसकी जांच अभी जारी है।

तीनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

जांच में गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की बात भी सामने आई है। लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक सोमिल गुप्ता पर पांच, रोशन अली पर सात और शेर सिंह पर चार पुराने मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं एक अन्य रिपोर्ट में तीनों के खिलाफ कुल करीब 15 पुराने मामलों का उल्लेख किया गया है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली नोटों के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पूछताछ के दौरान कुछ संभावित सहयोगियों के नाम सामने आने की बात भी कही गई है।

पुलिस की जांच जारी

कानपुर पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में नकली करेंसी से जुड़े दूसरे मामले भी जांच के दायरे में हैं। हालांकि कानपुर के इस गिरोह और सहारनपुर के अलग नकली नोट मामले के बीच सीधा संबंध अभी साबित नहीं हुआ है। कुछ रिपोर्टों में संभावित कनेक्शन की जांच की बात कही गई है, इसलिए इसे फिलहाल जांच का विषय ही माना जाना चाहिए। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों, नकली करेंसी की सप्लाई और बाजार में इसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।