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मानखुर्द में सरकारी जमीन पर बड़ा एक्शन, 6 एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त
मुंबई: मानखुर्द में जिला प्रशासन ने सायन-पनवेल हाईवे के पास करीब 6 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान जमीन पर बने 57 अवैध व्यावसायिक गाले ध्वस्त किए गए। इसके साथ मुंबई उपनगर जिले में पिछले करीब सात महीनों में अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन का आंकड़ा 53 एकड़ तक पहुंच गया है।

मुंबई: मुंबई उपनगर जिला प्रशासन ने मानखुर्द में सायन-पनवेल हाईवे के पास चिल्ड्रन्स एड सोसायटी के नजदीक करीब 6 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान इस सरकारी भूखंड पर बने 57 अवैध व्यावसायिक गालों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के साथ मुंबई उपनगर जिले में पिछले करीब सात महीनों में अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन का क्षेत्रफल बढ़कर 53 एकड़ हो गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक, मानखुर्द के इस भूखंड पर लंबे समय से अतिक्रमण था। यहां अवैध तरीके से व्यावसायिक गाले बनाए गए थे और उनका इस्तेमाल कारोबार के लिए किया जा रहा था। प्रशासन ने पुलिस बंदोबस्त और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए इन निर्माणों को हटाया और जमीन को अपने कब्जे में लिया।
मानखुर्द में पहले भी हुई कार्रवाई
मानखुर्द क्षेत्र में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले इसी इलाके में करीब 14 एकड़ सरकारी भूखंड को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। ताजा 6 एकड़ की कार्रवाई के बाद मानखुर्द में अतिक्रमण हटाई गई जमीन का कुल क्षेत्रफल करीब 20 एकड़ हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से मौजूद अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत केवल मानखुर्द ही नहीं, बल्कि मुंबई उपनगर जिले के अन्य इलाकों में भी सरकारी भूखंडों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
सात महीनों में 53 एकड़ सरकारी जमीन कब्जामुक्त
प्रशासन के अनुसार, पिछले करीब सात महीनों में मुंबई उपनगर जिले में अलग-अलग स्थानों पर कुल 53 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसमें मानखुर्द के करीब 20 एकड़ के अलावा कुर्ला क्षेत्र में 11 एकड़, टाटा पावर लाइन और मुख्य हाईवे के आसपास 6 एकड़, देवनार और चेंबूर में जमीन तथा बोरीवली और अंधेरी क्षेत्र के भूखंड शामिल हैं। इन जमीनों को प्रशासन ने अपने कब्जे में लिया है।
प्रशासन ने तैयार की सरकारी भूखंडों की सूची
मुंबई उपनगर जिला प्रशासन ने अतिक्रमण वाले सरकारी भूखंडों की पहचान के लिए जिले में सरकारी जमीन की सूची तैयार की है। प्रशासन का कहना है कि सूची के आधार पर आगे भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। सभी तहसीलदारों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर मौजूद अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मामलों में अतिक्रमण से जुड़े विवाद अदालत में लंबित हैं या किसी भूखंड पर स्थगन आदेश है, वहां भी प्रशासन की ओर से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसे प्रशासन के नियंत्रण में लाना है।
पुलिस और नगर निकाय के सहयोग से कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन को पुलिस और नगर निकाय का सहयोग मिला। मानखुर्द की कार्रवाई में पुलिस बंदोबस्त उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने अवैध व्यावसायिक गालों को हटाया। प्रशासन ने कहा है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ अभियान तेज
मुंबई जैसे महानगर में सरकारी जमीन पर लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहा है। मानखुर्द की ताजा कार्रवाई इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि एक साथ 6 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया और 57 अवैध व्यावसायिक गालों को हटाया गया। जिला प्रशासन द्वारा सभी सरकारी भूखंडों की सूची तैयार किए जाने और तहसीलदारों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद आने वाले दिनों में मुंबई उपनगर के अन्य इलाकों में भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
