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डायबिटीज ने बढ़ाई राजेश शर्मा की पैर की परेशानी, कैसे हाई ब्लड शुगर बन सकता है संक्रमण का खतरा?

अभिनेता राजेश शर्मा की हालिया स्वास्थ्य समस्या ने डायबिटीज और त्वचा संक्रमण के बीच गंभीर संबंध को एक बार फिर सामने ला दिया है। जुलाई में अस्पताल में भर्ती हुए अभिनेता ने अब स्पष्ट किया है कि उनकी तबीयत किसी जहरीले कीड़े या कीट के काटने से खराब नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, दाहिने पैर में लंबे समय से त्वचा की समस्या थी, जो ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ने के बाद गंभीर संक्रमण में बदल गई।

Kalpana Gautam12 सित. 2026, 06:01 PM IST
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डायबिटीज ने बढ़ाई राजेश शर्मा की पैर की परेशानी, कैसे हाई ब्लड शुगर बन सकता है संक्रमण का खतरा?

मुंबई: अभिनेता राजेश शर्मा की हालिया स्वास्थ्य समस्या ने डायबिटीज और त्वचा संक्रमण के बीच गंभीर संबंध को एक बार फिर सामने ला दिया है। जुलाई में अस्पताल में भर्ती हुए अभिनेता ने अब स्पष्ट किया है कि उनकी तबीयत किसी जहरीले कीड़े या कीट के काटने से खराब नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, दाहिने पैर में लंबे समय से त्वचा की समस्या थी, जो ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ने के बाद गंभीर संक्रमण में बदल गई।

कीड़े के काटने की खबर को बताया गलत

राजेश शर्मा ने NDTV से बातचीत में कहा कि हैदराबाद में प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ था। उन्होंने कीड़े के काटने से जुड़ी खबरों को गलत बताते हुए कहा कि न तो शूटिंग सेट पर कोई घटना हुई और न ही फिल्म की टीम इसके लिए जिम्मेदार थी। अभिनेता के अनुसार, कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ी।

हाई ब्लड शुगर से क्यों बढ़ सकता है संक्रमण?

विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। हाई ग्लूकोज स्थिति में सफेद रक्त कोशिकाओं की कुछ महत्वपूर्ण गतिविधियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे बैक्टीरियल संक्रमण को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। डायबिटीज में नसों को नुकसान और पैरों में रक्त संचार की समस्या भी घाव भरने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है।

पैर और पैरों के तलवों में खास सावधानी जरूरी

डायबिटीज से जुड़ी न्यूरोपैथी के कारण कई बार व्यक्ति को चोट, छाला या छोटा घाव होने का सही समय पर पता नहीं चलता। यही वजह है कि पैर में मामूली दिखने वाली त्वचा की समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है। लालिमा, सूजन, गर्माहट, पस, त्वचा के रंग में बदलाव या लंबे समय तक न भरने वाला घाव संक्रमण के संभावित संकेत हो सकते हैं।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के पैर में तेजी से फैलती लालिमा या सूजन, बुखार, ठंड लगना, अत्यधिक कमजोरी, घाव से पस या अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है। गंभीर संक्रमण तेजी से गहरा हो सकता है और कुछ मामलों में सेप्सिस जैसी जानलेवा स्थिति तक पहुंच सकता है।

राजेश शर्मा ने बताया कि उनका इलाज पूरा हो चुका है और वे रिकवरी कर रहे हैं। उनकी स्थिति यह याद दिलाती है कि डायबिटीज में सिर्फ ब्लड शुगर की नियमित जांच ही नहीं, बल्कि पैरों और त्वचा की रोजाना निगरानी भी बेहद महत्वपूर्ण है।