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कैंसर स्क्रीनिंग से प्रेग्नेंसी मॉनिटरिंग तक, AI की नई टेक्नोलॉजी ने खींचा ध्यान
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में 37 डीप-टेक नवाचार प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इनमें AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और AI आधारित मातृ-भ्रूण निगरानी तकनीक शामिल हैं। इनका उद्देश्य कैंसर की शुरुआती पहचान और गर्भावस्था के दौरान मां व भ्रूण की निगरानी में स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करना है।

नई दिल्ली: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर नई तकनीकों को सामने लाया गया है। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के तहत नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन’ में 37 डीप-टेक नवाचार प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इनमें AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग सिस्टम और AI आधारित मातृ-भ्रूण निगरानी प्रणाली प्रमुख स्वास्थ्य तकनीकों में शामिल हैं।
60 सेकंड से कम समय में कैंसर जोखिम का आकलन
प्रदर्शनी में शामिल सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग तकनीक AI की मदद से संभावित जोखिम का आकलन करने के लिए विकसित की गई है। रिपोर्टों के अनुसार यह सिस्टम 60 सेकंड से भी कम समय में जोखिम का आकलन कर सकता है। इसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान को आसान और तेज बनाना है। सर्वाइकल कैंसर के मामलों में शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने से उपचार के विकल्प बेहतर हो सकते हैं। ऐसे में AI आधारित स्क्रीनिंग तकनीक स्वास्थ्यकर्मियों को शुरुआती जांच में सहायता देने वाली तकनीक के रूप में महत्वपूर्ण हो सकती है।
मातृ और भ्रूण स्वास्थ्य की निगरानी में AI
एक अन्य प्रमुख नवाचार AI आधारित मातृ-भ्रूण निगरानी प्रणाली है। यह तकनीक गर्भावस्था के दौरान मां और भ्रूण की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए AI का इस्तेमाल करती है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को निगरानी और जोखिम के संकेतों को समझने में सहायता देना है। मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी तकनीकें खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान मां और भ्रूण दोनों की लगातार निगरानी जरूरी होती है। AI का इस्तेमाल इस प्रक्रिया में उपलब्ध स्वास्थ्य आंकड़ों के विश्लेषण और संभावित जोखिमों की पहचान में मदद कर सकता है।
भारत मंडपम में 37 डीप-टेक नवाचार
‘भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन’ में स्वास्थ्य के अलावा ऊर्जा, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य क्षेत्रों की तकनीकें भी प्रदर्शित की गई हैं। कुल 37 डीप-टेक नवाचारों को इस मंच पर रखा गया है। इनमें फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम, मरीन रोबोटिक्स और रेयर-अर्थ मटेरियल के बिना काम करने वाली इलेक्ट्रिक मोटर जैसी तकनीकें भी शामिल हैं। यह प्रदर्शनी 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के साथ आयोजित की जा रही है। भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 की थीम ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ के अनुरूप इसमें शोध, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर जोर दिया गया है।
हेल्थ सेक्टर में AI का बढ़ता इस्तेमाल
स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का इस्तेमाल स्क्रीनिंग, मेडिकल इमेजिंग, जोखिम आकलन और मरीजों की निगरानी जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि AI आधारित तकनीकें डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की विशेषज्ञता का विकल्प नहीं हैं। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से जांच और निर्णय लेने में सहायता देने वाले उपकरण के तौर पर किया जा सकता है। भारत में विकसित इन तकनीकों को BRICS मंच पर प्रदर्शित किए जाने से स्वास्थ्य क्षेत्र में भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप और उच्च शिक्षा संस्थानों के नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने का अवसर भी मिल रहा है। प्रदर्शनी का उद्देश्य भारतीय नवाचारों को वैश्विक कंपनियों, निवेशकों, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से जोड़ना भी है।
