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मुंबई में 19 सितंबर से मनोज जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन को पुलिस की मंजूरी नहीं, बोले- सरकार की साजिश, फिर भी मुंबई की ओर कूच करूंगा
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल के 19 सितंबर से मुंबई में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन अनशन को मुंबई पुलिस ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने यह फैसला लिया। अनुमति नहीं मिलने पर जरांगे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और वह पुलिस की रोक के बावजूद मुंबई की ओर कूच करेंगे।

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल को मुंबई पुलिस ने 19 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए छह पन्नों का पत्र जारी कर उनके आवेदन को खारिज किया है।
मुंबई पुलिस ने क्यों नहीं दी अनुमति?
आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक राजा बिडकर ने जरांगे-पाटिल की टीम की ओर से दिए गए आवेदन पर छह पन्नों का जवाब जारी किया। पुलिस के अनुसार, प्रस्तावित आंदोलन से गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां पैदा होने की आशंका है। पुलिस ने अपने जवाब में Public Meetings, Demonstrations and Processions Rules के संभावित उल्लंघन का भी उल्लेख किया है। इसके अलावा पुलिस ने आरोप लगाया कि जरांगे के पिछले आंदोलनों के दौरान आयोजन स्थल से संबंधित निर्धारित शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।
पुलिस की अनुमति न मिलने के बाद जरांगे ने सरकार पर हमला बोला
मुंबई पुलिस के फैसले के बाद मनोज जरांगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और तानाशाहीपूर्ण बताया। जरांगे ने दावा किया कि उनके आंदोलन को रोकने के पीछे सरकार की साजिश है। जरांगे ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मुंबई मार्च और आंदोलन के दौरान उन्हें नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, यह उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘मुंबई की ओर कूच करूंगा’
पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद जरांगे ने संकेत दिया है कि वह अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वह मुंबई की ओर कूच करेंगे और मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। रिपोर्ट के अनुसार, जरांगे ने अपने समर्थकों से यहां तक कहा कि अगर आंदोलन के दौरान उनकी मौत हो जाती है तो वे इसे उनके संघर्ष के सम्मान के रूप में देखें।
गणेशोत्सव के बीच सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती
मुंबई में इस समय गणेशोत्सव चल रहा है। ऐसे में शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, जुलूस और विसर्जन कार्यक्रमों के चलते पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस ने इसी स्थिति को जरांगे के प्रस्तावित आंदोलन की अनुमति नहीं देने के प्रमुख कारणों में शामिल किया है। जरांगे का आंदोलन मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर प्रस्तावित है। पुलिस के इनकार के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जरांगे और उनके समर्थक आगे क्या कदम उठाते हैं और क्या वे प्रशासन के फैसले के खिलाफ कोई कानूनी या अन्य रास्ता अपनाते हैं। फिलहाल मुंबई पुलिस ने 19 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन अनशन को अनुमति नहीं दी है। वहीं, जरांगे ने स्पष्ट किया है कि पुलिस के इस फैसले से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।
