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गणेश चतुर्थी 2026: महाराष्ट्र समेत देशभर में उत्सव की धूम, भक्तों में खासा उत्साह
नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर सोमवार को देशभर में उत्साह और भक्तिभाव का माहौल है। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच श्रद्धालु पूजा-अर्चना और आरती कर रहे हैं।

नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार, 14 सितंबर 2026 को देशभर में भक्तिभाव और उत्साह का माहौल है। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। घरों से लेकर बड़े सार्वजनिक पंडालों तक गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर से शुरू हो रही है और गणेशोत्सव के दौरान अगले कई दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है। इस दिन श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं। भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिल रहा है। मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक और राज्य के अन्य हिस्सों में घर-घर गणपति की स्थापना की गई है। मुंबई में लालबागचा राजा समेत प्रमुख गणेश मंडलों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सार्वजनिक मंडलों ने आकर्षक सजावट, रोशनी और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां की हैं।
मुंबई में गणेशोत्सव को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय निकायों ने भी विशेष तैयारियां की हैं। लालबाग और परेल जैसे प्रमुख इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपातकालीन सेवाओं के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। गणेश चतुर्थी के मौके पर घरों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा को सजाकर स्थापित करते हैं और पूजा के दौरान दूर्वा, फूल, फल और मोदक का भोग लगाते हैं। कई परिवारों में सुबह और शाम आरती के साथ गणपति की पूजा की जा रही है। सार्वजनिक पंडालों में भी भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का भी अवसर बनता है। अलग-अलग इलाकों में सार्वजनिक गणेश मंडल स्थानीय स्तर पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित करते हैं। कई जगहों पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं और सजावट पर भी जोर दिया जा रहा है। इस बीच, देश के कई राज्यों में गणेश चतुर्थी के कारण सार्वजनिक अवकाश भी है। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में 14 सितंबर को बैंक बंद हैं। वहीं महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में कई स्कूलों में भी छुट्टी रखी गई है। हालांकि छुट्टी का नियम राज्य और स्थानीय प्रशासन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
गणेश चतुर्थी के साथ ही कई शहरों में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। बड़े गणेश पंडालों और प्रमुख दर्शन स्थलों के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर आने की संभावना को देखते हुए सार्वजनिक सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ लोग अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और सफलता की कामना करते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी को नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़कर देखा जाता है।
देशभर में गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। गणेश प्रतिमाओं, फूलों, पूजा सामग्री, सजावट के सामान और मिठाइयों की मांग बढ़ी है। महाराष्ट्र के कई शहरों में गणपति की प्रतिमाएं लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। इस साल भी गणेश चतुर्थी के दौरान धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। कई गणेश मंडलों और परिवारों ने मिट्टी की प्रतिमाओं और पर्यावरण अनुकूल सजावट को प्राथमिकता दी है। आने वाले दिनों में अलग-अलग शहरों में गणेशोत्सव से जुड़े कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन जारी रहेंगे। गणेश चतुर्थी 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। घरों और स
