law-order

स्कूल पहुंचने के लिए दलदली जमीन पार कर रहे बच्चे, कलकत्ता HC ने जताई चिंता; राज्य सरकार से मांगा जवाब

दक्षिण 24 परगना में स्कूल पहुंचने के लिए छात्रों को दलदली जमीन से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस स्थिति पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ माहौल में शिक्षा मिलना जरूरी है। कोर्ट ने स्कूल को मुख्य सड़क से जोड़ने की मांग वाली जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

Sonali14 सित. 2026, 05:09 PM IST
खबर शेयर करें:
स्कूल पहुंचने के लिए दलदली जमीन पार कर रहे बच्चे, कलकत्ता HC ने जताई चिंता; राज्य सरकार से मांगा जवाब

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दक्षिण 24 परगना में स्कूल तक पहुंचने के लिए छात्रों को दलदली जमीन से होकर गुजरने की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में शिक्षा मिलना जरूरी है। मामले में अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में बनश्वरपुर RDBPM स्कूल को नजदीकी मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की मांग की गई है। कोर्ट के सामने बताया गया कि स्कूल की नई इमारत चारों तरफ से दलदली जमीन से घिरी हुई है और वहां पहुंचने वाले लोगों को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।


मुख्य चिंता यह है कि बनश्वरपुर RDBPM स्कूल के साथ-साथ ROSA Dogachha FP School के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के लिए बनश्वरपुर RDBPM स्कूल की नई इमारत तक जाना पड़ता है। इसके लिए बच्चों को दलदली इलाके से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश रविंद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति तपाब्रत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत इस बात को लेकर चिंतित है कि दोनों स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए तथा उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।


याचिकाकर्ता रवींद्रनाथ साहा ने अदालत से मांग की है कि बनश्वरपुर RDBPM स्कूल को निकटतम मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए उचित सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में स्कूल तक पहुंचना छात्रों और अन्य लोगों के लिए मुश्किल है। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार का पक्ष जानने के लिए जवाब मांगा है। अब राज्य को यह बताना होगा कि स्कूल तक सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। यह मामला केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, स्कूल तक सुरक्षित पहुंच और शिक्षा के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से भी जुड़ा है। कोर्ट की टिप्पणी से साफ है कि विद्यार्थियों को जोखिम भरे रास्ते से स्कूल पहुंचने की स्थिति को अदालत गंभीरता से देख रही है।