मुंबई में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कथित करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। EOW के अनुसार रोहन भूषण शेठ ने खुद को सफल शेयर ट्रेडर बताकर निवेशकों को हर महीने 2 से 5 फीसदी तक रिटर्न का लालच दिया और कथित तौर पर फर्जी प्रॉफिट स्टेटमेंट दिखाए। जांच में 42 निवेशकों के करीब 5 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 30.26 करोड़ रुपये के कथित नुकसान का उल्लेख है। आरोपी को मुंबई से फरार होने के बाद गुजरात के वलसाड से गिरफ्तार किया गया।
मुंबई में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कथित करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। EOW के अनुसार रोहन भूषण शेठ ने खुद को सफल शेयर ट्रेडर बताकर निवेशकों को हर महीने 2 से 5 फीसदी तक रिटर्न का लालच दिया और कथित तौर पर फर्जी प्रॉफिट स्टेटमेंट दिखाए। जांच में 42 निवेशकों के करीब 5 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 30.26 करोड़ रुपये के कथित नुकसान का उल्लेख है। आरोपी को मुंबई से फरार होने के बाद गुजरात के वलसाड से गिरफ्तार किया गया।
कहानी की शुरुआत एक भरोसेमंद निवेशक की छवि से हुई - EOW के मुताबिक रोहन भूषण शेठ निवेशकों के सामने खुद को शेयर बाजार का अनुभवी और सफल ट्रेडर बताता था। वह मुंबई के सायन और माटुंगा स्थित अपने आलीशान फ्लैटों में निवेशकों से मुलाकात करता और उन्हें ट्रेडिंग से होने वाले कथित मुनाफे के स्टेटमेंट दिखाता था। इसके जरिए वह निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रहा।
मुनाफे का लालच इस कथित ठगी का सबसे बड़ा हथियार था - जांच के मुताबिक शुरुआत में करीब 1 फीसदी मासिक रिटर्न का वादा किया गया, जिसे बड़े निवेश पर बढ़ाकर 3 से 5 फीसदी तक बताया गया। निवेशकों को ऐसा भरोसा दिया गया कि उनका पैसा शेयर बाजार में ट्रेडिंग के जरिए लगातार बढ़ रहा है।
मामला तब खुलना शुरू हुआ जब भुगतान रुकने लगा - निवेशकों के पैसे निकालने की मांग पर कथित तौर पर भुगतान टाल दिया गया। कुछ मामलों में पुराने निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए कथित मुनाफे या रिटर्न का भुगतान भी किया गया। EOW का आरोप है कि इससे निवेशकों को वास्तविक स्थिति का पता देर से चला।
सबसे बड़ी शिकायत संजय हीरालाल शाह ने की - 60 वर्षीय सेवानिवृत्त मुंबई निवासी शाह ने पुलिस आयुक्त से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि वह और उनका परिवार 10.81 करोड़ रुपये से अधिक की रकम गंवा चुका है। EOW के अनुसार शाह के बेटे की 2020 में एक मोबाइल एप विकसित करने के दौरान शेठ से पहचान हुई थी। इस एप का नाम बाद में ‘Investok’ रखा गया।
जांच के मुताबिक निवेश का जाल धीरे-धीरे बड़ा होता गया - शाह ने कथित तौर पर 97.50 लाख रुपये लगाए और करीब 50.61 लाख रुपये को मुनाफे या रिटर्न के तौर पर प्राप्त किया। उनकी पत्नी और बेटे ने भी बड़ी रकम निवेश की। EOW का दावा है कि शेठ ने इसी तरह महाराष्ट्र और गुजरात के अन्य निवेशकों को भी अपने कथित निवेश मॉडल से जोड़ा।
फर्जी प्रॉफिट स्टेटमेंट का भी आरोप है - जांच एजेंसी के मुताबिक निवेशकों को दिखाई जाने वाली Excel शीट और प्रॉफिट रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर किया गया था। कुल 42 निवेशकों की पहचान की गई है, जिनमें एक NRI महिला भी शामिल है। इन निवेशकों ने करीब 5 करोड़ रुपये लगाए थे, जबकि कथित नुकसान का आंकड़ा लगभग 30.26 करोड़ रुपये बताया गया है।
आलीशान जिंदगी ने भी जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा - EOW के अनुसार शेठ के पास सायन और माटुंगा में महंगे फ्लैट, BMW और Mercedes समेत कई वाहन तथा Rolex, Hublot और IWC जैसी करीब 14 विदेशी घड़ियां थीं। जांच में इन संपत्तियों को कथित ठगी की रकम से जोड़कर देखा गया है और कुछ संपत्तियां तथा वाहन जब्त किए गए हैं।
विग और अलग-अलग पहचान का चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया - EOW का कहना है कि शेठ ने कथित तौर पर दो अन्य पहचान का भी इस्तेमाल किया और निवेशकों से मिलने के दौरान विग पहनता था। जब भुगतान को लेकर दबाव बढ़ा तो वह मुंबई से गायब हो गया। उसके फ्लैट बंद मिले और उसके साथ दो बड़े सूटकेस होने की बात सामने आई।
इसके बाद EOW ने तलाश तेज की और उसे गुजरात के वलसाड से पकड़ा - 3 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी और अब एजेंसी ने चार्जशीट दाखिल की है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई के दौरान ही होगी। फिलहाल EOW की जांच के आधार पर यह मामला शेयर बाजार में असामान्य और गारंटीड रिटर्न के लालच में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।