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मसूद अजहर पर पाकिस्तान का बड़ा ऐलान, FIA की रेड बुक में नाम और 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम

पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को 2026 की मोस्ट-वॉन्टेड आतंकियों की रेड बुक में शामिल किया है। उसके बारे में जानकारी देकर गिरफ्तारी में मदद करने पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये किया गया है। इससे पहले 2021 में 50 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। यह कदम अक्टूबर में होने वाली FATF की पूर्ण बैठक से पहले सामने आया है।

sd14 सित. 2026, 07:07 PM IST
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मसूद अजहर पर पाकिस्तान का बड़ा ऐलान, FIA की रेड बुक में नाम और 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम

        इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर बड़ा कदम उठाने का दावा किया है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अपनी 2026 की अपडेटेड रेड बुक में मसूद अजहर को मोस्ट-वॉन्टेड आतंकियों में शामिल किया है। उसके बारे में ऐसी जानकारी देने पर, जिससे उसकी गिरफ्तारी हो सके, 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह इनाम पहले घोषित 50 लाख पाकिस्तानी रुपये से 20 लाख रुपये अधिक है। पाकिस्तान ने 2021 में भी मसूद अजहर पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया था। अब पांच साल बाद इसे बढ़ाकर 70 लाख रुपये किया गया है। मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है और संयुक्त राष्ट्र ने मई 2019 में उसे वैश्विक आतंकवादी के तौर पर सूचीबद्ध किया था। भारत सरकार की आतंकवादियों की आधिकारिक सूची में भी उसका नाम शामिल है।


पाकिस्तान के दावे पर भी सवाल


मसूद अजहर के ठिकाने को लेकर पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि वह अफगानिस्तान चला गया है। हालांकि, हालिया रिपोर्टों में अफगान तालिबान की ओर से इन दावों को खारिज किए जाने की बात सामने आई है। कुछ भारतीय सुरक्षा आकलनों में उसके पाकिस्तान में ही होने की संभावना जताई गई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।


FATF बैठक से पहले क्यों महत्वपूर्ण है कदम?


पाकिस्तान का यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की पूर्ण बैठक अक्टूबर में प्रस्तावित है। FATF आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के लिए देशों की व्यवस्थाओं का आकलन करता है। पाकिस्तान 2018 से 2022 के बीच FATF की ग्रे लिस्ट में रहा था। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान के इस कदम को FATF समीक्षा से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिखाने की कोशिश के रूप में देखा गया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। हालांकि, पाकिस्तान की वास्तविक कार्रवाई और उसके दावों की प्रभावशीलता का आकलन FATF की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।


रेड बुक में 26/11 से जुड़े नाम भी


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FIA की अपडेटेड रेड बुक में मुंबई के 26/11 आतंकी हमलों से जुड़े 19 लोगों के नाम भी शामिल होने की रिपोर्ट है। इनमें हमले के आरोपियों को कथित तौर पर आर्थिक मदद देने और आतंकियों को मुंबई पहुंचाने के लिए इस्तेमाल हुई नौकाओं की व्यवस्था में मदद करने वाले लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सूची में 17 लोगों की तस्वीर और कथित भूमिका का विवरण मौजूद है, जबकि दो लोगों के मामले में पुरानी सूची की तुलना में कुछ विवरण हटाए गए हैं। मसूद अजहर भारत में कई बड़े आतंकी मामलों में वांछित है। इनमें 2001 संसद हमले, पठानकोट हमला और 2019 पुलवामा हमला जैसे मामले शामिल हैं। जैश-ए-मोहम्मद को लेकर भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से कार्रवाई होती रही है।




फिलहाल पाकिस्तान द्वारा मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने और उसे अपनी मोस्ट-वॉन्टेड सूची में शामिल करने का फैसला अंतरराष्ट्रीय निगरानी के बीच आया है। अब इस कदम को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान वास्तव में उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करता है या यह केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उठाया गया प्रशासनिक कदम बनकर रह जाता है।