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NEET UG 2027 को लेकर बड़ा अपडेट, पेन-पेपर की जगह CBT मोड की तैयारी

NEET UG को पेन-पेपर आधारित परीक्षा से हटाकर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में कराने की तैयारी चल रही है। NTA ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में मेडिकल प्रवेश परीक्षा को डिजिटल मोड में आयोजित किया जा सकता है। प्रस्तावित बदलावों में परीक्षा सुरक्षा के लिए AI और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है।

Neha Sharma14 सित. 2026, 07:07 PM IST
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NEET UG 2027 को लेकर बड़ा अपडेट, पेन-पेपर की जगह CBT मोड की तैयारी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (NEET UG) को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) अब इस परीक्षा को पारंपरिक पेन-पेपर और ओएमआर आधारित व्यवस्था से हटाकर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने की दिशा में काम कर रही है। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने 14 सितंबर 2026 को संकेत दिया कि NEET UG को ऑनलाइन कराने की तैयारी चल रही है और CBT परीक्षा व्यवस्था को भविष्य की दिशा माना जा रहा है।


2027 से बदलाव की तैयारी

मौजूदा जानकारी के अनुसार यह बदलाव NEET UG 2027 से लागू किए जाने की दिशा में है। हालांकि, परीक्षा के अगले संस्करण की पूरी व्यवस्था, तारीखों और विस्तृत पैटर्न को लेकर आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पहले NEET को CBT मोड में कराने की घोषणा की थी। इस बदलाव का मतलब है कि भविष्य में लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट पर निर्भर रहने के बजाय निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से परीक्षा देनी होगी।


क्यों बदला जा रहा है NEET UG का तरीका?

NTA के अनुसार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह बदलाव किया जा रहा है। बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षा में प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और गड़बड़ियों को रोकना बड़ी चुनौती रहती है। CBT व्यवस्था में प्रश्नों को डिजिटल सिस्टम के जरिए उम्मीदवारों तक पहुंचाया जा सकता है। NTA परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक और Artificial Intelligence (AI) के इस्तेमाल पर भी काम कर रहा है, ताकि परीक्षा में अनुचित गतिविधियों और संभावित धोखाधड़ी की पहचान बेहतर तरीके से की जा सके।


नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली समिति कर रही काम

NEET UG में प्रस्तावित सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली समिति भी काम कर रही है। समिति परीक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजित करने की तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े पहलुओं पर विचार कर रही है। NTA का लक्ष्य सिर्फ परीक्षा को ऑनलाइन करना नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत डिजिटल ढांचे में बदलना है।


क्या परीक्षा का पैटर्न भी बदलेगा?

CBT मोड में जाने की खबर के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या NEET UG का सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, परीक्षा अवधि और मार्किंग स्कीम भी बदलेगी। फिलहाल CBT में बदलाव की जानकारी को परीक्षा के डिजिटल माध्यम से जोड़कर देखा जा रहा है। विस्तृत परीक्षा पैटर्न के बारे में आधिकारिक सूचना आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। इसलिए अभ्यर्थियों को अभी से किसी संभावित नए पैटर्न को अंतिम मानने के बजाय NTA की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि CBT की दिशा में काम चल रहा है, लेकिन विस्तृत परीक्षा नियम अलग से घोषित किए जाने हैं।


एक से अधिक चरणों में परीक्षा की संभावना?

CBT व्यवस्था लागू होने के बाद परीक्षा को बड़े पैमाने पर आयोजित करने के तरीके में भी बदलाव की संभावना है। तकनीकी ढांचा मजबूत होने पर भविष्य में बहु-सत्र या अन्य परीक्षा मॉडल पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, NEET UG 2027 कितने सत्रों में होगा और क्या सामान्यीकरण लागू होगा, इस पर अभी अंतिम आधिकारिक जानकारी नहीं है।


AI और परीक्षा सुरक्षा पर भी जोर

NTA परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए AI और दूसरी तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाना है। NTA ने घरेलू परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी परीक्षा प्रणाली को विकसित करने की योजना की बात कही है।


BRICS देशों से भी सीखने की योजना

NTA अब भारत की परीक्षा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। एजेंसी BRICS देशों की परीक्षा प्रणालियों और तकनीकी व्यवस्थाओं से सीखने की संभावनाएं तलाश रही है। खास तौर पर चीन की Gaokao जैसी बड़े पैमाने की परीक्षा व्यवस्था का उदाहरण दिया गया है। NTA का मानना है कि परीक्षा सुरक्षा और प्रश्नपत्र तकनीक जैसे क्षेत्रों में BRICS देशों के साथ सहयोग से बड़े स्तर की परीक्षाओं को और बेहतर तरीके से आयोजित करने में मदद मिल सकती है।


छात्रों के लिए क्या बदलेगा?

NEET UG के CBT मोड में जाने पर अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा देने का तरीका जरूर बदलेगा। कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न देखने, विकल्प चुनने और परीक्षा के दौरान डिजिटल इंटरफेस का इस्तेमाल करने की आदत डालना जरूरी होगा। हालांकि, सिलेबस और आधिकारिक परीक्षा पैटर्न में बदलाव की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल NEET की तैयारी कर रहे छात्रों को अपने मौजूदा आधिकारिक सिलेबस के अनुसार पढ़ाई जारी रखनी चाहिए और परीक्षा पैटर्न से जुड़े बदलावों के लिए NTA की आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए।


2026 के बाद NEET UG में बड़े बदलाव की शुरुआत

NEET UG को CBT में बदलने की तैयारी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक की परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। 2026 की परीक्षा प्रक्रिया के बाद NTA अब भविष्य की परीक्षाओं को अधिक तकनीक आधारित और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि NEET UG को CBT मोड में ले जाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है, लेकिन NEET UG 2027 की पूरी परीक्षा व्यवस्था और अंतिम पैटर्न की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।