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यूपी की 40 हजार बेटियों को मिलेगा स्कूटी का तोहफा, 320 करोड़ की खरीद शुरू

उत्तर प्रदेश सरकार की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत फिलहाल 40 हजार मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने करीब 320 करोड़ रुपये की लागत से 40 हजार स्कूटियों की खरीद के लिए जेम पोर्टल पर निविदा जारी की है। वाहन कंपनियां 26 सितंबर तक आवेदन कर सकती हैं और 27 सितंबर को निविदा खोली जाएगी। हालांकि, उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक सितंबर में स्कूटी वितरण शुरू नहीं हो रहा है; खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपूर्ति की समयसीमा 100 दिन रखी गई है, इसलिए वितरण जनवरी तक होने की संभावना बताई गई है

sd14 सित. 2026, 07:07 PM IST
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यूपी की 40 हजार बेटियों को मिलेगा स्कूटी का तोहफा, 320 करोड़ की खरीद शुरू

       लखनऊ: उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। योगी सरकार ने योजना को लागू करने की दिशा में अब स्कूटी खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने 40 हजार स्कूटियों की खरीद के लिए 320 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है और जेम पोर्टल पर निविदा जारी कर दी गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, इच्छुक वाहन निर्माता कंपनियां 26 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे तक निविदा में हिस्सा ले सकती हैं। निविदा 27 सितंबर को शाम 3 बजे खोली जाएगी। चयनित कंपनी को स्कूटियों की आपूर्ति के लिए 100 दिनों की समयसीमा दी जाएगी। विभाग सितंबर के अंत तक खरीद प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है। इस हिसाब से छात्राओं को स्कूटी मिलने की प्रक्रिया जनवरी तक पहुंच सकती है।

किस योजना के तहत मिलेगी स्कूटी?

यह योजना रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के नाम से लागू की गई है। जुलाई 2026 में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इसके दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी थी। सरकार का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की सुविधा बढ़ाना और छात्राओं के बीच पढ़ाई छोड़ने की दर कम करना है। योजना के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को लाभ देने की व्यवस्था की गई है। योजना राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की पात्र छात्राओं तक लागू है। राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की पात्र छात्राएं भी इसके दायरे में हैं।

40 हजार और 50 हजार का अंतर क्या है?

इस योजना को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 40 हजार और करीब 50 हजार छात्राओं के आंकड़े सामने आ रहे हैं। 40 हजार का आंकड़ा फिलहाल स्कूटी खरीद के लिए जारी मौजूदा निविदा से जुड़ा है। दूसरी ओर, योजना के व्यापक लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने की बात रिपोर्टों में सामने आई है। इसलिए अभी 40 हजार स्कूटियों की खरीद को तत्काल लागू चरण के रूप में देखना ज्यादा सटीक है।

छात्राओं का चयन कैसे होगा?

लाभार्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। अलग-अलग विश्वविद्यालयों में चयनित छात्राओं के दस्तावेजों का सत्यापन भी शुरू हो चुका है। उदाहरण के तौर पर आगरा क्षेत्र में पहली सूची में 1,441 छात्राओं के नाम भेजे गए और उनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन शुरू किया गया। प्रयागराज के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध 1,553 छात्राओं का भी योजना के लिए चयन हुआ है और सितंबर में उनका दस्तावेज सत्यापन किया गया।

किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?

विश्वविद्यालयों को चयनित छात्राओं के दस्तावेजों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना में आधार कार्ड, APAAR ID, अंतिम वर्ष की अंकतालिका, निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज मांगे गए हैं। आगरा में सत्यापन के लिए छात्राओं से परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये से कम होने का प्रमाण, मूल निवास प्रमाण पत्र और कॉलेज की APAAR ID भी मांगी गई थी।

स्कूटी के साथ क्या सुविधाएं मिलेंगी?

रिपोर्टों के अनुसार योजना में केवल स्कूटी ही नहीं, बल्कि रजिस्ट्रेशन, बीमा, हेलमेट और शुरुआती पेट्रोल जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। उपलब्ध विवरण में शुरुआती पेट्रोल की मात्रा 5 लीटर बताई गई है।

अभी छात्राओं को क्या करना होगा?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण चरण दस्तावेज सत्यापन और लाभार्थी सूची तैयार करने का है। जिन छात्राओं का नाम विश्वविद्यालय या कॉलेज को भेजी गई सूची में आया है, उन्हें संबंधित संस्थान के निर्देश के अनुसार दस्तावेज जमा करने होंगे। कुछ कॉलेजों को अधूरे आवेदन और प्रमाणपत्रों को पूरा कराने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।


महत्वपूर्ण अपडेट:  ताजा सरकारी प्रक्रिया स्कूटी खरीद की निविदा के चरण में है। 26 सितंबर तक बोली और 27 सितंबर को निविदा खुलने के बाद चयनित कंपनी को 100 दिनों में आपूर्ति करनी है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्कूटी वितरण जनवरी 2027 तक होने की संभावना है।