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एशियन गेम्स 2026: भारत के स्टार खिलाड़ी दिखाएंगे दम
Asian Games 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा। भारत इस बार हांगझोउ में जीते 107 पदकों के रिकॉर्ड को बेहतर करने और लगातार दूसरी बार 100 से ज्यादा पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगा। शूटिंग, एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, कुश्ती, हॉकी और कबड्डी जैसे खेलों से भारत को बड़ी उम्मीदें हैं।

नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से जापान के आइची-नागोया में होने जा रहा है। 20वें एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होगा। भारत इस बार अपने पिछले रिकॉर्ड प्रदर्शन को और बेहतर करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। भारत ने 2022 में हांगझोउ एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 107 पदक जीते थे। इसमें 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल थे। यह भारत का एशियन गेम्स में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। अब भारतीय दल की कोशिश लगातार दूसरी बार 100 से ज्यादा पदक जीतने की है।
भारत की बड़ी पदक उम्मीदें
इस बार भारत को शूटिंग, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कुश्ती, भारोत्तोलन, हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट जैसी स्पर्धाओं से काफी उम्मीदें हैं। शूटिंग में मनु भाकर और ईशा सिंह, तीरंदाजी में ज्योति सुरेखा वेन्नम, भारोत्तोलन में मीराबाई चानू, जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं। ईशा सिंह इस समय खास चर्चा में हैं। वह महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में विश्व रैंकिंग में नंबर-1 और 10 मीटर एयर पिस्टल में नंबर-2 पर हैं। उनके हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को देखते हुए उनसे पदक की बड़ी उम्मीदें हैं। भारतीय एथलेटिक्स दल में कुल 77 खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 43 महिला एथलीट हैं। एथलेटिक्स स्पर्धाएं 23 सितंबर से शुरू होंगी।
क्रिकेट और हॉकी पर भी रहेंगी निगाहें
एशियन गेम्स में क्रिकेट भी भारत के लिए अहम पदक उम्मीदों में शामिल है। पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट टीमों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। जापान में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए भी इन खेलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को सानो में टी20 मुकाबला भी प्रस्तावित है, जिसे जापानी क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। हॉकी, कबड्डी, स्क्वैश, बैडमिंटन और अन्य टीम स्पर्धाओं में भी भारत पदक की उम्मीद लेकर उतरेगा। इन खेलों को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी रहेगी चर्चा में
भारत के अभियान में एक बड़ी कमी स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी है। चोट के कारण वह इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसके बावजूद भारत को एथलेटिक्स में कई अन्य खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
खिलाड़ियों के वीजा में देरी बनी चिंता
एशियन गेम्स शुरू होने से पहले भारतीय दल के सामने वीजा से जुड़ी परेशानी भी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के कुछ खिलाड़ी अभी वीजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इससे उनकी यात्रा और प्रतियोगिता से पहले की तैयारी प्रभावित होने की चिंता है।
पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य
हांगझोउ में 107 पदक जीतने के बाद भारत की उम्मीदें इस बार और बढ़ गई हैं। भारतीय दल का लक्ष्य 100 पदकों का आंकड़ा फिर पार करना और पिछले प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। शूटिंग, एथलेटिक्स और तीरंदाजी के अलावा क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और भारोत्तोलन जैसे खेल भारत की पदक तालिका में अहम योगदान दे सकते हैं। 19 सितंबर से शुरू होने वाले इन खेलों में एशिया के शीर्ष खिलाड़ी आमने-सामने होंगे। भारत के लिए यह सिर्फ पदक जीतने का मौका नहीं बल्कि 2028 ओलंपिक की तैयारियों को परखने का भी महत्वपूर्ण मंच होगा।
