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Dengue Alert: चेन्नई में बढ़े बुखार के मामले, 10 दिन में 140 डेंगू केस
चेन्नई में बुखार और डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में 2,000 से ज्यादा बुखार के मामले सामने आए, जबकि 140 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और मच्छर नियंत्रण गतिविधियां तेज की हैं।

चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और आसपास के इलाकों में बुखार के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले 10 दिनों में शहर और उपनगरों में 2,000 से ज्यादा लोगों ने बुखार की शिकायत की है। इनमें 140 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और लगातार बुखार होने पर डॉक्टर से जांच कराने की अपील की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में चेन्नई में करीब 4,500 बुखार के मामले दर्ज किए गए थे। इनमें 160 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। सितंबर में महज 10 दिनों के भीतर 140 डेंगू मामले सामने आने से स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों के संकलन और अवधि में अंतर हो सकता है।
इन इलाकों में ज्यादा मामले
चेन्नई के अड्यार, अन्ना नगर और वलसरवक्कम जैसे क्षेत्रों में बुखार के मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक बताई गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार, शरीर में दर्द, खांसी और अन्य लक्षणों वाले मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं।
सिर्फ डेंगू ही नहीं, वायरल संक्रमण भी चिंता
डॉक्टरों के मुताबिक चेन्नई में डेंगू के साथ-साथ कई तरह के वायरल संक्रमण भी फैल रहे हैं। इनमें Influenza A, Rhinovirus और Respiratory Syncytial Virus (RSV) जैसे श्वसन संबंधी वायरस शामिल हैं। ऐसे संक्रमण परिवार के अन्य सदस्यों तक भी तेजी से पहुंच सकते हैं, खासकर जब किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में दूसरे लोग लगातार रहते हैं।
मच्छरों के प्रजनन पर रोक जरूरी
डेंगू मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है और घरों तथा आसपास जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। चेन्नई में पहले भी नगर निकाय ने डेंगू की रोकथाम के लिए घर-घर जांच, फॉगिंग और मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों की पहचान जैसे कदम उठाए हैं। जुलाई 2026 में ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने 2,073 घरेलू ब्रीडिंग चेकर्स की तैनाती और निर्माण स्थलों समेत संभावित प्रजनन स्थलों की निगरानी की जानकारी दी थी।
बुखार को नजरअंदाज न करने की सलाह
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बुखार होने पर खुद से दवाएं लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें और जरूरत पड़ने पर जांच कराएं। खासकर लगातार बुखार, शरीर में तेज दर्द या हालत बिगड़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय जांच से डेंगू या अन्य संक्रमण की पहचान में मदद मिल सकती है। चेन्नई में बढ़ते बुखार और डेंगू के मामलों के बीच स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण और संक्रमण की निगरानी बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश और स्थानीय परिस्थितियों के बीच मामलों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
