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“100% केस खारिज होने का है!” पूर्व पंजाब DIG H.S. भुल्लर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद निलंबित पंजाब पुलिस DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, “100% केस खारिज होने का है!” कोर्ट ने कुछ महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही के बाद जमानत याचिका पर विचार करने की बात कही और मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

Sonali15 सित. 2026, 05:08 PM IST
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“100% केस खारिज होने का है!” पूर्व पंजाब DIG H.S. भुल्लर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

निलंबित पंजाब पुलिस DIG हरचरण सिंह भुल्लर की भ्रष्टाचार मामले में नियमित जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा, “100% केस खारिज होने का है! आप इसे अभी खारिज करवाना चाहते हैं या बाद में?” कोर्ट ने कुछ महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही के बाद जमानत याचिका पर विचार करने की बात कही और मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट में भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें नियमित जमानत देने से इनकार किया गया था। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ कर रही है। सुनवाई के दौरान भुल्लर की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मामले में शिकायतकर्ता और एक महत्वपूर्ण गवाह की अभी तक गवाही दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि दो शैडो गवाहों की जांच की अनुमति दी जाए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि पहले कुछ गवाहों की गवाही होने दी जाएगी और उसके बाद जमानत याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।


मामला रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है। CBI के अनुसार, शिकायतकर्ता आकाश बट्टा ने 11 अक्टूबर 2025 को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि तत्कालीन DIG रोपड़ रेंज हरचरण सिंह भुल्लर ने कृष्णानु नामक व्यक्ति के माध्यम से अवैध रकम की मांग की थी। आरोप था कि शिकायतकर्ता के कारोबार से जुड़े एक FIR मामले में उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई न करने और पुलिस की ओर से अनुकूल व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले का गोपनीय सत्यापन शुरू किया। CBI का दावा है कि सत्यापन के दौरान कृष्णानु और भुल्लर के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई। इनमें से एक बातचीत में कथित तौर पर भुल्लर ने कृष्णानु को शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपये लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद CBI ने 15 अक्टूबर 2025 को FIR दर्ज की और अगले दिन यानी 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में ट्रैप ऑपरेशन किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान कृष्णानु को शिकायतकर्ता से कथित रिश्वत के रूप में 5 लाख रुपये स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। इसके बाद उसी दिन हरचरण सिंह भुल्लर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।


CBI ने भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7-A के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। भुल्लर 16 अक्टूबर 2025 से हिरासत में हैं। जांच पूरी होने के बाद BNSS की धारा 193 के तहत चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। हालांकि, जमानत के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतिम आदेश पारित नहीं किया है। पीठ ने मामले को चार सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। ऐसे में अगली सुनवाई में महत्वपूर्ण गवाहों की स्थिति और मामले की आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी।

मामला: Harcharan Singh Bhullar @ H.S. Bhullar v. Central Bureau of Investigation, SLP(Crl) No. 16596/2026